Salumbe: 'जनता के पैसों से घटिया काम बर्दाश्त नहीं', झाड़ोल अस्पताल पहुंचीं विधायिका, दिए निर्देश
झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में विधायिका शांता देवी मीणा ने स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। ग्रामीणों ने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल चिकित्सक की कमी की शिकायत रखी, जिस पर विधायिका ने नियमित सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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सलूंबर क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने को लेकर विधायिका शांता देवी मीणा एक बार फिर सख्त और सक्रिय नजर आईं। झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मेडिकल रिलीफ सोसायटी की बैठक में विधायिका ने चिकित्सा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर बेहतर इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार, सरपंच बसंती देवी मीणा, चिकित्सा प्रभारी डॉ. पंकज डामोर, मेडिकल रिलीफ सोसायटी के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी की समस्या विधायिका के सामने रखी। ग्रामीणों ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल चिकित्सक का मूल पदस्थापन झाड़ोल में होने के बावजूद उनकी प्रतिनियुक्ति दूसरी जगह कर दी गई है, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं और बच्चों के इलाज को लेकर दिए निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायिका शांता देवी मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण दिवस गुरुवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ की सेवाएं झाड़ोल में उपलब्ध करवाई जाएं। साथ ही सप्ताह में दो दिन बाल चिकित्सक की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों को समय पर उपचार मिल सके। विधायिका ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता को छोटी-छोटी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़े, इसके लिए सरकार और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना होगा।
निर्माण कार्य में घटिया सामग्री पर जताई नाराजगी
बैठक के बाद विधायिका ने नवीन लैबोरेट्री भवन और निर्माणाधीन चिकित्सा भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत की। मौके पर निर्माण सामग्री और कच्ची ईंटों को देखकर विधायिका नाराज हो गईं। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए।
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“जनता के पैसे से घटिया निर्माण बर्दाश्त नहीं”
विधायिका शांता देवी मीणा ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले भवनों में घटिया निर्माण किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि यदि लापरवाही या भ्रष्टाचार सामने आया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर निर्माण कराने की शिकायत
निरीक्षण के दौरान विधायिका को यह भी जानकारी मिली कि ठेकेदार फर्म द्वारा निर्माण कार्य दूसरी फर्म को पेटी कॉन्ट्रेक्ट पर दिया गया है। इस पर भी विधायिका ने नाराजगी जताई और पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
जनता के विश्वास पर खरा उतरना प्राथमिकता: विधायिका
विधायिका शांता देवी मीणा ने कहा कि जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास पर खरा उतरना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाएगा। बैठक और निरीक्षण के दौरान मेडिकल रिलीफ सोसायटी सदस्य कन्हैया लाल सुथार, राकेश जैन, वालचंद गतोड़िया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।