Rajasthan: श्मशान घाट में नहीं था टीन शेड, हाथ में त्रिपाल थामकर करना पड़ा अंतिम संस्कार; बेबस आंखें हुईं नम
सवाई माधोपुर जिले के बंधा गांव में बिजली का करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत के बाद श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने की समस्या उजागर हुई। बारिश के कारण चिता भीगने लगी तो ग्रामीणों ने त्रिपाल पकड़कर किसी तरह अंतिम संस्कार कराया। घटना के बाद ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर टीन शेड और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
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सवाई माधोपुर जिले के बंधा गांव में एक दर्दनाक हादसे के बाद व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर भी सामने आई। बंधा गांव निवासी हनुमान मीणा की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
त्रिपाल पकड़कर करना पड़ा अंतिम संस्कार
परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारी की, लेकिन बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दीं। गांव के श्मशान घाट पर टीन शेड नहीं होने के कारण बारिश के बीच अंतिम संस्कार करना ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन हो गया। बारिश से चिता भीगने लगी तो ग्रामीणों ने त्रिपाल पकड़कर किसी तरह चिता को बचाया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया।
'हर बरसात में परेशानियों का सामना करना पड़ता है'
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर टीन शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग ग्राम पंचायत से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। हर बरसात में अंतिम संस्कार के दौरान ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों ने श्मशान घाट पर शीघ्र टीन शेड और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े।