चूरू में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: 'एविएटर' गेम के नाम पर ठगी, 91 मोबाइल सहित करोड़ों के उपकरण जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में युवक मोबाइल फोन और इंटरनेट उपकरणों के साथ सक्रिय मिले। मौके से 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले के सादुलपुर क्षेत्र में हमीरवास थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रावतसर कुंजला गांव की दो हवेलियों में संचालित कथित साइबर फ्रॉड सेंटर पर छापा मारकर 17 युवकों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांव के खड़ेर क्षेत्र स्थित कुछ मकानों से ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए आईपीएस अभिजीत पाटिल के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। हमीरवास थाना प्रभारी राय सिंह सुथार के नेतृत्व में पुलिस ने रणनीति बनाकर दोनों ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में युवक मोबाइल फोन और इंटरनेट उपकरणों के साथ सक्रिय मिले। मौके से 17 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी 'एविएटर' गेम के माध्यम से लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे।
पढ़ें: खंभे हटाए बिना ही बना दी सड़क; लोगों ने पूछा- हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 91 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, वाई-फाई राउटर, चार्जर सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन उपकरणों का उपयोग विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी गतिविधियों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था। बरामद मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों को तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया प्रोफाइल, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जाएगी। साइबर अपराध के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से किसी भी ऑनलाइन गेम या निवेश के नाम पर मिलने वाले लालच से बचने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।