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Hindi News ›   Rajasthan ›   honey trep aaropSikar News: Sikar police arrested 7 accused of honey trap gangi arrest

Sikar News: सीकर पुलिस ने किया हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं सहित 7 आरोपियों को किया गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर Published by: सीकर ब्यूरो Updated Tue, 01 Oct 2024 10:20 PM IST
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सार

सीकर पुलिस ने हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह महिलाओं का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाता था और लाखों रुपये की लूटपाट करता था। परिवादी बरकत अली की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए एक आरोपी की पहचान की।

honey trep aaropSikar News: Sikar police arrested 7 accused of honey trap gangi arrest
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सीकर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हनी ट्रैप करने वाले ग्रहों का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल सभी लोग महिलाओं को आगे करके वारदात को अंजाम देते थे और शिकार को हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये लूट लेते थे।
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हनी ट्रैप में फंसे परिवादी बरकत अली निवासी मुंडवाड़ा ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई की 31 अगस्त को सांवली सर्किल पर उन्हें दो लड़कियां मिलीं। जिन्होंने उनसे लिफ्ट मांगी तो सहानुभूति के तौर पर उन्होंने दोनों लड़कियों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद दोनों ने गाड़ी को किराए पर ले लिया और गाड़ी को कुंडलपुर की तरफ ले जाने को कहा। जैसे ही गाड़ी आगे पहुंची तो दोनों लड़कियों के साथी पांच पुरुष और एक अन्य महिला साथी वहां आए। जिन्होंने बरकत के साथ मारपीट की इसके बाद बरकत को दूसरी गाड़ी में डालकर कोछोर के रास्ते खंडेला में धर्मपूरा गांव की तरफ ले गए। इसके बाद बदमाशों ने गाड़ी के डॉक्यूमेंट सहित अन्य दस्तावेज भी छीन लिए। गैंग से जुड़े लोगों ने बरकत से 10 लाख रुपये मांगे। पैसे नहीं देने पर रेप जैसे केस में फंसाने की धमकी और जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों के द्वारा डराने और धमकाने के बाद 26 हजार रुपये बरकत ने ट्रांसफर किए। इसके बाद बदमाश बरकत की गाड़ी को खराब होने पर खंडेला के पास ही छोड़कर चले गए।
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शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की। पुलिस के पास इस केस में कोई भी क्लू नहीं था। जिससे कि पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच सके। ऐसे में पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए और परिवादी के मोबाइल नंबरों के आधार पर एक आरोपी की पहचान की। फिर पुलिस थाने के कांस्टेबल बाबूलाल को बोगस ग्राहक बनाया गया। पहचान किए अपराधी के द्वारा कांस्टेबल बाबूलाल के नंबर गैंग की महिला के पास पहुंचाए गए। गैंग की महिला ने कांस्टेबल बाबूलाल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। गैंग से जुड़े लोगों को शक नहीं हो इसके लिए कांस्टेबल ने मिलने में कई बार आना कानी की और गैंग के बारे में अन्य जानकारी जुटाई। जब गैंग की महिला को विश्वास हुआ तो कांस्टेबल बाबूलाल सहित अन्य टीम को गिरफ्तारी के लिए भेजा गया।

गैंग की महिला ने कांस्टेबल को मिलने के लिए खाटू मोड़ पर बुलाया। 25 सितंबर को मिलना तय हुआ तो गैंग की महिला ने पहले खाटू मोड़ पर मिलने के लिए बुलाया लेकिन यहां भीड़ ज्यादा होने के चलते बाईपास पर मिलने की बात कही। जैसे ही कांस्टेबल बाबूलाल बाईपास पहुंचा तो गैंग की महिला उसकी गाड़ी में आकर बैठ गई और गाड़ी को खंडेला रोड की तरफ ले चलने के लिए कहा। गाड़ी करीब 1 किलोमीटर चली इसके बाद एक स्विफ्ट गाड़ी में तीन युवक और एक महिला आए और बोगस ग्राहक बने कांस्टेबल को गाड़ी से नीचे उतारने का प्रयास किया। इसी बीच कांस्टेबल के साथ मौजूद टीम के लोग वहां पहुंच गए। जिन्होंने गैंग की दोनों महिलाओं को पकड़ लिया लेकिन गैंग से जुड़े तीन बदमाश वहां से फरार हो गए। इन बदमाशों की गाड़ी का करीब 10 किलोमीटर बाद में टायर भी फट गया लेकिन वह फसल में छुपकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं से पूछताछ की। इसके साथ ही महिलाओं को परिवादी बरकत के नंबर उपलब्ध करवाने वाले आरोपी शंकरलाल बावरिया निवासी मुंडवाड़ा को गिरफ्तार किया।

आज पुलिस को सूचना मिली कि गैंग से जुड़े रामकरण, कृष्ण उर्फ टमका, गणेश बावरिया और अजीत कुमार किसी घटना को अंजाम देने की इराक में रींगस के पास जालपाली मोड पर घूम रहे हैं। ऐसे में पुलिस वहां पहुंची जहां से चारों को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल सात आरोपी शंकरलाल बावरिया (22) निवासी मुंडवाड़ा, ममता बावरिया (25) निवासी नीमकाथाना, बबली बावरिया (19) निवासी कोटपूतली, अजीत कुमार बावरिया (21), गणेश उर्फ डूंगरिया बावरिया (38) रामकरण बावरिया (19), कृष्ण उर्फ टमका(20) को गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया की गैंग से जुड़े सभी लोग आपस में रिश्तेदार और परिचित है। जो अलग-अलग इलाकों में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से कांटेक्ट करके उन्हीं के परिचित लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इनका रिश्तेदार ही गैंग को नंबर प्रोवाइड करवाता है। इसके बाद गैंग से जुड़ी महिलाएं उनसे बातचीत करके अपने जाल में फंसाती है और फिर उन्हें मिलने के लिए खाटूश्यामजी के पास बुलाती है। जब गैंग की महिला पीड़ित के साथ बैठती है तो गैंग से जुड़े अन्य लोग वहां आते हैं और मारपीट करके उन्हें लूट लेते हैं। इसके बाद उन्हें डरा धमकाकर पैसे भी वसूलते हैं। यहां तक कि गैंग के लोग अपने शिकार की गाड़ी और अन्य डॉक्यूमेंट भी साथ ले जाते हैं और उन्हें वापस देने के बदले भी रुपए वसूलते हैं। पुलिस पूछताछ में इस गैंग के द्वारा सीकर के अलावा नीमकाथाना, जयपुर,कोटपूतली और दौसा में भी इसी तरह की वारदात करना कबूला गया है। वहीं पुलिस सब गिरफ्त में आए सारे आरोपियों से कड़ी पूछताछ करने में जुटी है।

 

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