राजस्थान में केंद्रीय बजट पर दो राय: कांग्रेस ने बताया फीका, भाजपा ने बांधे तारीफों के पुल; डांगी क्या बोले?
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महंगाई को लेकर निराशाजनक बताया, जबकि भाजपा ने इसे राजस्थान के विकास और अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए जमकर सराहना की।
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राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने केंद्र सरकार द्वारा रविवार को पेश किए गए बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिससे मध्यम वर्ग को किसी तरह की राहत नहीं मिली।
डांगी ने कहा कि महंगाई नियंत्रण को लेकर भी बजट में कोई ठोस और कारगर प्रावधान नहीं किए गए हैं। राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद राज्य के विकास के लिए कोई बड़ी या महत्वपूर्ण घोषणा न होना बेहद निराशाजनक है। विकास के खोखले दावों के साथ यह केंद्रीय बजट एक बार फिर विफल साबित हुआ है।
घोषणाओं का पुलिंदा है बजट
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार पेश किए गए बजट को लेकर सांसद डांगी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने बजट में जो घोषणाएं कीं, उन पर आज तक पूरी तरह अमल नहीं हुआ। इस बार भी बजट केवल घोषणाओं का पुलिंदा बनकर रह गया है।
उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि सोना-चांदी, डॉलर, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, लेकिन वित्त मंत्री ने इन ज्वलंत मुद्दों पर एक शब्द तक नहीं कहा। इससे आमजन की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
डांगी ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार देने के नाम पर एमएसएमई, औद्योगिक क्षेत्र, ऑरेंज इकोनॉमी, एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स सेक्टर का उल्लेख किया गया है, लेकिन बीते 11 वर्षों में हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा तक पूरा नहीं किया गया। ऐसे में नए रोजगार सृजन के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।
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हर वर्ग को किया निराश
सांसद डांगी ने कहा कि मनरेगा (अब वीबी जी राम जी योजना) के तहत किसान और श्रमिक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन बजट में उनकी मांगों की अनदेखी की गई। योजना में किसी तरह के सुधार या बदलाव की कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसान और श्रमिक विरोधी नीति अपना रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस बजट से अमीर और गरीब के बीच की खाई और चौड़ी हुई है। बीते 11 वर्षों से बढ़ती महंगाई से आमजन त्रस्त है, लेकिन उस पर काबू पाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
हालांकि सात गंभीर बीमारियों और कैंसर की कुछ दवाओं को सस्ता किया गया है, लेकिन दवाओं की मनमानी एमआरपी पर अंकुश लगाने को लेकर कोई ठोस नीति सामने नहीं आई। डांगी ने कहा कि बजट भाषण पारदर्शी नहीं था, क्योंकि प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए स्पष्ट बजट आवंटन की जानकारी नहीं दी गई। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग को इस बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सरकार किसी भी वर्ग को राहत देने में विफल रही। यह बजट पूरी तरह फीका साबित हुआ है।
भाजपा ने बांधे तारीफों के पुल
वहीं भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी सतीश अग्रवाल ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट देश और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला है। उन्होंने दावा किया कि बजट में बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं सहित सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है।
अग्रवाल ने कहा कि टेक्सटाइल, सौर ऊर्जा, एमएसएमई और कनेक्टिविटी को लेकर केंद्र सरकार की नीतियां राजस्थान को नई दिशा देंगी। आने वाले वर्षों में भीलवाड़ा टेक्सटाइल हब, जयपुर-जोधपुर एमएसएमई का पावर हाउस और पश्चिमी राजस्थान सोलर व ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अग्रणी बन सकता है। नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं के लिए बढ़ाए गए फंड से राजस्थान के 13 जिलों को लाभ मिलेगा। यह बजट राजस्थान के लिए ऊर्जा से भरपूर और गेम चेंजर साबित होगा।
