एक इशारा और पति का कत्ल: राजस्थान में इंदौर के सोनम-राजा जैसा खौफनाक खेल; पत्नी ने प्रेमी के हाथों मरवा दिया
Rajasthan Crime: शादी के सिर्फ तीन महीने बाद आखिर दुल्हन ने पति की हत्या की साजिश क्यों रची? क्या यह हादसा था या सोची-समझी वारदात? प्रेमी और साथियों की भूमिका क्या रही? पुलिस जांच में क्या-क्या चौंकाने वाले राज खुले? आइये जानते हैं सबकुछ
विस्तार
जिस तरह इंदौर में सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा को मौत के घाट उतार दिया था, ठीक वैसी ही खौफनाक साजिश अब राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामने आई है। यहां शादी के महज तीन महीने बाद ही एक दुल्हन ने अपने ही सुहाग को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। घूमने के बहाने पति को सुनसान सड़क पर ले गई, जहां पहले से घात लगाए बैठे प्रेमी और उसके साथियों ने हमला कर उसकी हत्या कर दी। फिर वारदात को सड़क हादसा और लूट का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस जांच में साजिश की परतें खुलती चली गईं।
सवाल ये है कि नई-नवेली दुल्हन ने यह साजिश शादी से पहले ही रच ली थी? हत्या के समय कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे? कब और कैसे इस वारदात को सड़क हादसा और लूट दिखाने की रणनीति बनी? कॉल डिटेल और लोकेशन से पुलिस के हाथ क्या-क्या सबूत लगे? और सबसे बड़ा सवाल कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल है? आइए जानते हैं इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी कहानी।
कहानी की शुरूआत कुछ ऐसे हुई
इस कहानी को शुरू से शुरू करते हैं। यह मामला श्रीगंगानगर के रावला थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 31 जनवरी 2026 को बजीरचंद नाम के व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके भतीजे आशीष की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले मामला सड़क हादसे के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की।लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके पर मिले सबूतों ने कहानी बदल दी। पोस्टमार्टम में सामने आया कि आशीष के शरीर पर लगी चोटें सामान्य सड़क दुर्घटना जैसी नहीं थीं।कई चोटें ऐसी थीं, जो सीधे हमले की ओर इशारा कर रही थीं। इसके बाद पुलिस ने मामला संदिग्ध मानते हुए एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण कराया और तकनीकी जांच शुरू की। कॉल डिटेल, लोकेशन और पारिवारिक संबंधों को खंगालते ही साजिश की परतें खुलने लगीं।
जांच में क्या सामने आया?
इस मामले की जांच कर रहे एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि आशीष की शादी करीब तीन महीने पहले अंजली से हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। पूछताछ और सबूतों से सामने आया कि अंजली का पहले से संजय उर्फ संजू नाम के युवक से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों संपर्क में थे अंजली इस शादी से खुश नहीं थी और प्रेमी के साथ रहना चाहती थी। इसी को लेकर उसने साजिश रच डाली। पुलिस जांच के मुताबिक घटना वाली रात अंजली ने आशीष को घूमने के बहाने घर से बाहर चलने के लिए कहा। वह उसे सुनसान सड़क की ओर ले गई, जहां पहले से उसके प्रेमी और दो अन्य साथी छिपे हुए थे जैसे ही आशीष वहां पहुंचा, अंजली ने इशारा किया और आरोपियों ने उस पर डंडों से हमला कर दिया। हमले से वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
आरोपियों ने देखा कि पति आशीष की सांसें चल रही थी, जिसके बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया और आशीष ने वहीं दम तोड़ दिया। हत्या के बाद साजिश को छिपाने के लिए इसे सड़क हादसा और लूट की घटना जैसा दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, अंजली ने खुद अपने झुमके और आशीष का मोबाइल आरोपियों को दे दिया, ताकि मामला लूट जैसा लगे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिर घटना की जानकारी परिवार को दी गई। इसी के साथ पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर संघर्ष होने जैसे साइन मिले। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से भी पत्नी और प्रेमी के बीच संपर्क की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरी साजिश सामने आ गई।
पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी अंजली, उसके प्रेमी संजय उर्फ संजू, रोहित उर्फ रॉकी और बादल उर्फ सिद्धार्थ को अरेस्ट कर लिया है। चारों से पूछताछ जारी है और वारदात में इस्तेमाल किए गए सामान और अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा, ताकि साजिश की पूरी टाइमलाइन और तैयारी के बारे में विस्तार से पूछताछ की जा सके।
कैसे बनाया मारने का प्लान?
ये तो बात हो गई हत्या की। अब सवाल ये है कि अंजली ने ये पूरा प्लान बनाया कैसे और वो आशीष के किस बात से ज्यादा नाराज थी। इसलिए हम कहानी के थोड़ा पीछे जाते हैं। दरअसल, अंजली ने बॉयफ्रेंड संजय उर्फ संजू से मिलने के लिए श्रीगंगानगर में आगे की पढ़ाई का बहाना बनाकर आशीष को झांसे में लेने की कोशिश की थी। लेकिन, आशीष ने साफ मना कर दिया था। इस बात से अंजली नाराज थी। उसने यह बात संजय को भी बताई थी। आशीष की हत्या से 16 दिन पहले अंजली मायके गई थी। वहां उसने बॉयफ्रेंड संजय के साथ मिलकर आशीष की हत्या का प्लान बनाया। मायके से ससुराल लौटने के बाद 30 जनवरी को अंजली घूमने के बहाने आशीष को बाहर लेकर गई थी। वहां सड़क पर सुनसान जगह पहले से मौजूद संजय और उसके दो साथियों ने आशीष के सिर पर डंडों से वार किए। इसके बाद भी आशीष नहीं मरा तो मफलर से उसका गला घोंट दिया गया।
परिजनों को अफेयर का मालूम था
पूछताछ में ये भी सामने आया कि अंजली पिछले 6-7 साल से बॉयफ्रेंड संजय के साथ रिलेशनशिप में थी। संजय, अंजली की रिश्तेदारी में ही है। अंजली बीए पास थी। संजय ने भी बीए किया है। शादी से पहले अंजली और संजय श्रीगंगानगर में एक ही कॉलेज में पढ़ाई करते थे। इस दौरान दोनों में नजदीकियां बढ़ गई और रिलेशनशिप में आ गए। दोनों मिलते-जुलते रहते थे। इस बात का पता अंजली के परिजनों को भी था। 30 अक्तूबर 2025 को अंजली के परिजनों ने उसकी शादी रावला के रहने वाले आशीष से कर दी। आशीष ने बीएससी कर रखी थी। सादुलशहर से रावला की दूरी 225 किलोमीटर है। इस शादी से अंजली भी नाखुश थी और संजय भी परेशान रहता था।