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Rajasthan: देश की पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी रितिका ने जीता गोल्ड, नेशनल आइस स्टॉक चैंपियनशिप में दिखाया कमाल
Tue, 25 Nov 2025 12:32 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोंक
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:32 PM IST
सार
टोंक की ट्रांसजेंडर खिलाड़ी रितिका सिंह ने आगरा में हुई नेशनल आइस स्टॉक चैंपियनशिप 2025 में 15 राज्यों के 200 खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।
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रितिका ने अब तक अपने तीन वर्ष के खेल करियर में कई सफलताएं प्राप्त कर चुकी है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टोंक जिले के मालपुरा की रहने वाली देश की पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी रितिका सिंह ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन किया है। आगरा में आयोजित समर आइस स्टॉक चैंपियनशिप 2025 में राजस्थान टीम से खेलते हुए रितिका ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में कुल 15 राज्यों के 200 खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
आइस स्टॉक एक इंडोर गेम है
रितिका ने अब तक अपने तीन वर्ष के खेल करियर में राष्ट्रीय स्तर पर दो गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। इससे पहले उन्होंने जम्मू के गुलमर्ग में आयोजित प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीता था। आइस स्टॉक एक इंडोर गेम है, जिसे 10 से 12 डिग्री तापमान में खेला जाता है।
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राजस्थान ने गुजरात को 8 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता
राजस्थान टीम में रितिका के साथ जयपुर की नंदनी, कोटा की अवनी और जयपुर की सिमरन शामिल थीं। सिमरन को छोड़कर टीम के तीन खिलाड़ी ट्रांसजेंडर थीं। अंडर-23 और सीनियर कैटेगरी में लड़कियों और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की संयुक्त प्रतियोगिता हुई। फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने गुजरात को 8 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों व कोच का स्वागत किया
अगले दिन जयपुर लौटने पर रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों व कोच का भव्य स्वागत किया गया। रितिका ने कहा कि उनका लक्ष्य अब इंटरनेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने बताया कि वह आइस स्टॉक राजस्थान के कोच समीर शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार मेहनत कर रही हैं। इस दौरान आइस स्टॉक फेडरेशन राजस्थान की चेयरपर्सन साक्षी शर्मा और राज्य की ट्रांसजेंडर स्टेट आइकन नूर शेखावत ने प्रोत्साहित किया है।
'ट्रांसजेंडर होने के अभिशाप को खेल के दम पर वरदान बनाऊंगी'
रितिका ने कहा कि समाज आज भी ट्रांसजेंडर को गलत नजरिए से देखता है, लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारूंगी। लोग भले इसे अभिशाप मानते हों, पर मैं इसे अपने खेल के दम पर वरदान साबित करना चाहती हूं। मेरा सपना इंटरनेशनल स्तर पर देश के लिए मेडल जीतना है।
ये भी पढ़ें- राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण, पीएम मोदी ने पुष्पवर्षा कर की प्रार्थना
जानें अन्य खेलों से ये क्यों है अलग
आइस स्टॉक एक ऐसा खेल है जो बर्फ की सतह पर खेला जाता है। सर्दियों में प्राकृतिक बर्फ या इंडोर आइस रिंक पर इसे खेला जाता है। बर्फ पर कई हिस्सों को चिह्नित कर खिलाड़ियों को अपनी स्टॉक डिस्क को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाना होता है। यह खेल मुख्य रूप से बर्फीले क्षेत्रों में लोकप्रिय है। रितिका सिंह देश की पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस गेम में गोल्ड मेडल जीता है। गुलमर्ग में हर साल नेशनल आइस स्टॉक चैंपियनशिप आयोजित की जाती है।
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आइस स्टॉक एक इंडोर गेम है
रितिका ने अब तक अपने तीन वर्ष के खेल करियर में राष्ट्रीय स्तर पर दो गोल्ड, दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। इससे पहले उन्होंने जम्मू के गुलमर्ग में आयोजित प्रतियोगिता में भी गोल्ड मेडल जीता था। आइस स्टॉक एक इंडोर गेम है, जिसे 10 से 12 डिग्री तापमान में खेला जाता है।
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राजस्थान ने गुजरात को 8 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता
राजस्थान टीम में रितिका के साथ जयपुर की नंदनी, कोटा की अवनी और जयपुर की सिमरन शामिल थीं। सिमरन को छोड़कर टीम के तीन खिलाड़ी ट्रांसजेंडर थीं। अंडर-23 और सीनियर कैटेगरी में लड़कियों और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की संयुक्त प्रतियोगिता हुई। फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने गुजरात को 8 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों व कोच का स्वागत किया
अगले दिन जयपुर लौटने पर रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों व कोच का भव्य स्वागत किया गया। रितिका ने कहा कि उनका लक्ष्य अब इंटरनेशनल स्तर पर गोल्ड मेडल जीतना है। उन्होंने बताया कि वह आइस स्टॉक राजस्थान के कोच समीर शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार मेहनत कर रही हैं। इस दौरान आइस स्टॉक फेडरेशन राजस्थान की चेयरपर्सन साक्षी शर्मा और राज्य की ट्रांसजेंडर स्टेट आइकन नूर शेखावत ने प्रोत्साहित किया है।
'ट्रांसजेंडर होने के अभिशाप को खेल के दम पर वरदान बनाऊंगी'
रितिका ने कहा कि समाज आज भी ट्रांसजेंडर को गलत नजरिए से देखता है, लेकिन मैं हिम्मत नहीं हारूंगी। लोग भले इसे अभिशाप मानते हों, पर मैं इसे अपने खेल के दम पर वरदान साबित करना चाहती हूं। मेरा सपना इंटरनेशनल स्तर पर देश के लिए मेडल जीतना है।
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जानें अन्य खेलों से ये क्यों है अलग
आइस स्टॉक एक ऐसा खेल है जो बर्फ की सतह पर खेला जाता है। सर्दियों में प्राकृतिक बर्फ या इंडोर आइस रिंक पर इसे खेला जाता है। बर्फ पर कई हिस्सों को चिह्नित कर खिलाड़ियों को अपनी स्टॉक डिस्क को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाना होता है। यह खेल मुख्य रूप से बर्फीले क्षेत्रों में लोकप्रिय है। रितिका सिंह देश की पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस गेम में गोल्ड मेडल जीता है। गुलमर्ग में हर साल नेशनल आइस स्टॉक चैंपियनशिप आयोजित की जाती है।