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Udaipur News: उदयपुर एसीबी का बड़ा एक्शन, भू-अभिलेख निरीक्षक 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Mar 2026 09:37 PM IST
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सार
उदयपुर एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ एक भू-अभिलेख निरीक्षक को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
15 हजार रुपये की रिश्वत लेते भू-अभिलेख निरीक्षक गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उदयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की स्पेशल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय वल्लभनगर में पदस्थ भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी दरौली वृत्त, उदयपुर में भू-अभिलेख निरीक्षक के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में तहसील कार्यालय वल्लभनगर में कार्य कर रहा था।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को 13 फरवरी 2026 को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि परिवादी की राजस्व ग्राम राणाकुई, पटवार हल्का गोटिपा, तहसील वल्लभनगर में करीब पांच बीघा कृषि भूमि है। सेग्रिगेशन प्रक्रिया के दौरान गलती से उस भूमि की श्रेणी बारानी तृतीय की जगह भवन दर्ज हो गई थी। इस त्रुटि को सुधारने के लिए परिवादी ने तहसीलदार वल्लभनगर के समक्ष आवेदन दिया था।
तहसीलदार ने जांच के लिए मामले को संबंधित पटवारी को भेजा। आरोप है कि भूमि की श्रेणी सुधारने और आदेश अपलोड कर शुद्धिकरण दर्ज करवाने के बदले भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत ने परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
ये भी पढ़ें: Baran News: गौवंश का कटा सिर मिलने से फैला आक्रोश, बजरंग दल ने लगाया जाम, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक लक्ष्मणलाल डांगी की टीम ने रिश्वत मांग की पुष्टि की और सोमवार को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सत्यापन के दौरान आरोपी ने तहसीलदार वल्लभनगर से शुद्धिकरण आदेश जारी करवाने की बात कही थी, जिससे मामले में तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी को 13 फरवरी 2026 को एक शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि परिवादी की राजस्व ग्राम राणाकुई, पटवार हल्का गोटिपा, तहसील वल्लभनगर में करीब पांच बीघा कृषि भूमि है। सेग्रिगेशन प्रक्रिया के दौरान गलती से उस भूमि की श्रेणी बारानी तृतीय की जगह भवन दर्ज हो गई थी। इस त्रुटि को सुधारने के लिए परिवादी ने तहसीलदार वल्लभनगर के समक्ष आवेदन दिया था।
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तहसीलदार ने जांच के लिए मामले को संबंधित पटवारी को भेजा। आरोप है कि भूमि की श्रेणी सुधारने और आदेश अपलोड कर शुद्धिकरण दर्ज करवाने के बदले भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राणावत ने परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
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शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजीव जोशी के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक लक्ष्मणलाल डांगी की टीम ने रिश्वत मांग की पुष्टि की और सोमवार को एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को परिवादी से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सत्यापन के दौरान आरोपी ने तहसीलदार वल्लभनगर से शुद्धिकरण आदेश जारी करवाने की बात कही थी, जिससे मामले में तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।