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Udaipur News: 'या हुसैन' के नारों के बीच निकले ताजिए, अखाड़ों के करतब और ड्रोन निगरानी रही खास
Fri, 26 Jun 2026 11:03 PM IST
उदयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:03 PM IST
सार
मुहर्रम के मौके पर उदयपुर में पारंपरिक ताजियों का जुलूस शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में निकाला गया। जुलूस के दौरान अखाड़ों ने पारंपरिक करतब दिखाए, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मार्ग पर पुलिस और ड्रोन से निगरानी की गई।
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हजरत हमाम हुसैन की याद मे लेक सिटी मे ताजिये देखने उमड़ी भारी भीड़
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विस्तार
झीलों की नगरी उदयपुर में मुहर्रम के अवसर पर शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शुक्रवार को पारंपरिक ताजियों का जुलूस निकाला गया। मातमी धुनों और 'या हुसैन' के नारों के बीच बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे आयोजन पर ड्रोन से भी निगरानी रखी गई।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले ताजिए निर्धारित मार्गों से होते हुए देहली गेट पहुंचे। यहां से जुलूस पलटन मस्जिद, धानमंडी और जगदीश चौक होते हुए चांदपोल स्थित कर्बला के लिए रवाना हुआ। पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने ताजियों पर फूल, अगरबत्ती और नारियल अर्पित कर मन्नतें मांगीं।
ये भी पढ़ें: Ajmer News: मुहर्रम पर नंगी तलवारों से खेला गया 'हाईदौस', 900 साल पुरानी परंपरा के साथ इमाम हुसैन को याद किया
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जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कला और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही ड्रोन और ऊंचे स्थानों से जुलूस की निगरानी तथा वीडियोग्राफी भी की गई।
शाम को चांदपोल स्थित कर्बला में ताजियों को ठंडा करने की पारंपरिक रस्म अदा की गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने हजरत इमाम हुसैन के बलिदान को इंसानियत, सत्य और न्याय की मिसाल बताया। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उदयपुर की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को शहर की पहचान बताया।
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शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले ताजिए निर्धारित मार्गों से होते हुए देहली गेट पहुंचे। यहां से जुलूस पलटन मस्जिद, धानमंडी और जगदीश चौक होते हुए चांदपोल स्थित कर्बला के लिए रवाना हुआ। पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। लोगों ने ताजियों पर फूल, अगरबत्ती और नारियल अर्पित कर मन्नतें मांगीं।
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जुलूस के दौरान विभिन्न अखाड़ों के युवाओं ने पारंपरिक युद्धक कला और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। साथ ही ड्रोन और ऊंचे स्थानों से जुलूस की निगरानी तथा वीडियोग्राफी भी की गई।
शाम को चांदपोल स्थित कर्बला में ताजियों को ठंडा करने की पारंपरिक रस्म अदा की गई। इस अवसर पर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने हजरत इमाम हुसैन के बलिदान को इंसानियत, सत्य और न्याय की मिसाल बताया। वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उदयपुर की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को शहर की पहचान बताया।