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Udaipur News: इलाज के कराने उदयपुर आया था कुख्यात नशा तस्कर, एएनटीएफ ने घेराबंदी कर शिकंजे में लिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 06:35 PM IST
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सार
उदयपुर एएनटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर को उदयपुर के एक निजी हॉस्पिटल से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था और वह पिछले चार साल से फरार चल रहा था।
इलाज कराने उदयपुर आया कुख्यात तस्कर हिरासत में
- फोटो : credit
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विस्तार
इलाज कराने उदयपुर पहुंचे एक कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीते चार वर्षों से फरार चल रहा था और राजस्थान के टॉप टेन वांछित तस्करों में शामिल था।
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एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंवरलाल एक डील के दौरान हुए सड़क हादसे में घायल हो गया है और इलाज के लिए उदयपुर आने वाला है। सूचना मिलते ही एएनटीएफ ने शहर के सभी प्रमुख अस्पतालों पर निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही आरोपी जेपी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा, पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के अनुसार 45 वर्षीय कंवरलाल पुत्र ओंकारलाल, निवासी निकुंभ, जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान के टॉप-10 फरार अपराधियों में शामिल था। वह पूरे मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्र में अफीम और डोडा चूरा तस्करी का मुख्य सूत्रधार रहा है। आरोपी मध्यप्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से मादक पदार्थ मंगवाकर निकुंभ क्षेत्र में अपने ठिकानों पर स्टॉक करता था।
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जांच में सामने आया है कि कंवरलाल आठवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ आवारागर्दी करने लगा। पिता ने उसे खेती-बाड़ी में लगाया, लेकिन उसका मन वहां नहीं लगा। बाद में उसने एसटीडी बूथ खोला, मगर कम आमदनी से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद वह महाराष्ट्र चला गया, जहां उसने होटलों में वेटर के रूप में काम किया। वहां नशा कारोबारियों की शानो-शौकत देखकर वह प्रभावित हुआ और गांव लौटकर मादक पदार्थ तस्करी के धंधे में उतर गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने भाई-भतीजों को भी तस्करी के नेटवर्क में शामिल कर लिया था। फरारी के दौरान यही लोग ग्राहकों से सौदे करते थे। कंवरलाल उन्हें कमीशन देता था और स्वयं गुप्त ठिकानों पर रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन करता था।
कड़े जाने से बचने के लिए कंवरलाल मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। वह ग्राहकों के सामने कभी दिनेश तो कभी रमेश नाम बताकर सौदे करता था। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश में जुटी हुई है। एएनटीएफ अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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