Udaipur: चलती कार में दुष्कर्म मामले कई खुलासे, आरोपी सीईओ IIT दिल्ली का पूर्व छात्र, कई देशों में हैं ऑफिस
उदयपुर में चलती कार में महिला मैनेजर से कथित गैंगरेप के मामले में गिरफ्तार आईटी कंपनी के सीईओ को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी सीईओ आईआईटी दिल्ली का पूर्व छात्र है और उसकी कंपनी खुद को विमन-फ्रेंडली बताकर महिला सुरक्षा के उच्च मानकों का दावा करती रही है।
विस्तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सीईओ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली का पूर्व छात्र है। उसने वर्ष 2010 में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद वर्ष 2012 में उसने उदयपुर में अपनी निजी आईटी कंपनी की स्थापना की। कंपनी का मुख्य कार्यालय उदयपुर में स्थित है, जबकि सिंगापुर, बेल्जियम और अमेरिका सहित कई देशों में इसके कार्यालय संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित युवती एक प्राइवेट आईटी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसने अपनी शिकायत में बताया कि 20 दिसंबर को कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी शोभागपुरा स्थित एक होटल में आयोजित की गई थी। युवती रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची थी। पार्टी में सीईओ, एक महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसका पति मौजूद थे। पार्टी देर रात करीब 1:30 बजे तक चली, जहां जमकर शराब पी गई। पीड़िता की तबीयत बिगड़ने पर उसे घर छोड़ने की बात कही गई। आरोप है कि इस दौरान महिला एग्जीक्यूटिव हेड और सीईओ ने अन्य लोगों को पार्टी से रवाना कर दिया, जिससे युवती वहां अकेली रह गई।
पढ़ें: अरावली बचाओ के नारों से गूंजा अलवर, कांग्रेस ने जताया आक्रोश; सरकार पर पहाड़ बेचने का लगाया आरोप
पीड़िता के अनुसार, रात करीब 1:45 बजे महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने उसे अपनी कार में बैठाया। कार में महिला एग्जीक्यूटिव का पति और कंपनी का सीईओ भी मौजूद थे। रास्ते में एक दुकान से सिगरेट जैसा कोई नशीला पदार्थ खरीदा गया, जिसे पिलाने के बाद वह बेहोश हो गई। आरोप है कि इसके बाद चलती कार में तीनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। इस मामले में पुलिस ने आईटी कंपनी के सीईओ, महिला एग्जीक्यूटिव हेड और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को 29 दिसंबर तक सुखेर थाना पुलिस की रिमांड पर भेजा गया है। मामले की जांच अधिकारी माधुरी वर्मा आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कंपनी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठित है या नहीं, और कंपनी द्वारा किए गए विमन फ्रेंडली होने के दावों की वास्तविकता क्या है। इस सनसनीखेज मामले ने न सिर्फ उदयपुर बल्कि आईटी सेक्टर में महिला सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।