सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   10 Govt Colleges with Fewer than 75 Students to Close; Students to Receive Stipends to Continue Their Studies.

Himachal: 75 से कम विद्यार्थी संख्या वाले 10 सरकारी कॉलेज होंगे बंद, पढ़ाई जारी रखने पर मिलेगा वजीफा

संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 05 Jun 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
सार

 राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 10 सरकारी महाविद्यालयों में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। ये ऐसे काॅलेज हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 75 से कम है। 

10 Govt Colleges with Fewer than 75 Students to Close; Students to Receive Stipends to Continue Their Studies.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और उच्च शिक्षा संस्थानों में संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 10 सरकारी महाविद्यालयों में नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। ये ऐसे काॅलेज हैं, जिनमें विद्यार्थी संख्या 75 से कम है।  इनमें राजकीय महाविद्यालय टिक्कर, राजकीय डिग्री कॉलेज भलेई, राजकीय डिग्री कॉलेज कुकुमसेरी, राजकीय डिग्री कॉलेज कुपवी, आर्यभट्ट राजकीय डिग्री कॉलेज संधोल, राजकीय डिग्री कॉलेज मुल्थान, राजकीय डिग्री कॉलेज जैनगर, राजकीय डिग्री कॉलेज ननखड़ी, राजकीय डिग्री कॉलेज रोहाट और राजकीय डिग्री कॉलेज कोटली शामिल हैं।

Trending Videos

नौ कॉलेजों को उनके संबंधित जिला मुख्यालय स्थित सरकारी महाविद्यालयों के साथ जोड़ा जाएगा, जबकि लाहौल-स्पीति के राजकीय डिग्री कॉलेज कुकुमसेरी का विलय राजकीय डिग्री कॉलेज कुल्लू के साथ किया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार इन सभी संस्थानों में कुल छात्र संख्या 75 से कम है। इनमें सबसे कम आठ-आठ विद्यार्थियों वाले टिक्कर और भलेई कॉलेज हैं। कुकुमसेरी में 40, कुपवी में 46, संधोल में 47, कोटली में 50, मुल्थान में 59, ननखड़ी में 59, जैनगर में 61 तथा रोहाट में 70 विद्यार्थी नामांकित हैं। इन 10 संस्थानों में कुल 448 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन कॉलेजों में किसी भी कक्षा में नए प्रवेश नहीं किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित

सत्र 2025-26 में अध्ययनरत विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्हें जिला मुख्यालयों अथवा निर्धारित कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। विद्यार्थियों को स्थानांतरण के कारण आर्थिक कठिनाई न हो, इसके लिए विशेष वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है। जिला मुख्यालय स्थित कॉलेजों में अध्ययन जारी रखने वाले प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 5,000 रुपये प्रतिमाह वजीफा मिलेगा। इन 10 कॉलेजों के 319 प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों पर सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 1.91 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना होगा। सबसे अधिक 50 पात्र विद्यार्थी रोहाट कॉलेज में हैं जबकि कुकुमसेरी में 35, जैनगर में 45, ननखड़ी में 41, मुल्थान में 38 और संधोल में 36 पात्र विद्यार्थी हैं। शिक्षा सचिव राजेश कंवर की जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन वाले संस्थानों में बिखरे संसाधनों को समेकित कर विद्यार्थियों को बड़े महाविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, अधिक विषय विकल्प, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। यह कदम उच्च शिक्षा संस्थानों के पुनर्गठन की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

विज्ञापन

ऑनर्स विद रिसर्च के लिए कॉलेजों को पूरी करनी होगी दो मान्यता प्राप्त पीएचडी पर्यवेक्षक की शर्त

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू होने वाले चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में ऑनर्स विद रिसर्च डिग्री के लिए कॉलेजों को विशेष शर्त पूरी करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार केवल उन्हीं विषयों में ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम संचालित किया जा सकेगा, जहां कम से कम दो मान्यता प्राप्त पीएचडी पर्यवेक्षक उपलब्ध होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी विषयों में स्वतः ऑनर्स विद रिसर्च की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. हरीश कुमार ने बताया कि यह प्रावधान स्नातक स्तर पर शोध की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed