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हिमाचल प्रदेश: पहाड़ों की रानी शिमला हो रही गर्म, 10 साल में 2.5°C तक बढ़ा तापमान; रिपोर्ट में खुलासा
अशोक चौहान, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 05 Jun 2026 11:53 AM IST
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सार
नगर निगम शिमला के अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पिछले 10 वर्षों में शहर के कई इलाकों में तापमान 1.7 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। कंक्रीटीकरण और घटती हरियाली को इसका मुख्य कारण माना गया है। पढ़ें पूरी खबर...
शिमला में बढ़ रहा हीटलैंड का प्रभाव
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पहाड़ों की रानी शिमला का मौसम तेजी से बदल रहा है। ठंड के लिए मशहूर यह शहर अब गर्मी (हीट आइलैंड प्रभाव) की चपेट में आता जा रहा है। नगर निगम की ओर से करवाए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि पिछले एक दशक के दौरान शहर के कई इलाकों में भूमि सतह तापमान (एलएसटी) में 1.7 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों ने इसके पीछे तेजी से बढ़ते कंक्रीटीकरण, बहुमंजिला इमारतों के निर्माण और घटते हरित क्षेत्र को प्रमुख कारण माना है।
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नगर निगम के जीआईजेड से करवाए सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार शिमला बाइपास, शोघी बाइपास, बालूगंज, चक्कर, जुन्गा सड़क, संजौली हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, इंजनगर, मशोबरा और शहर के कोर एरिया के आसपास के क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित पाए गए हैं। इन इलाकों में बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर आवासीय और व्यावसायिक निर्माण हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर गर्मी बढ़ी है।
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अध्ययन में यह भी सामने आया है कि धातु की छतों और घने निर्माण वाले क्षेत्रों में तापमान वृद्धि अपेक्षाकृत अधिक रही। यह अध्ययन साल 2012 से 2023 तक की अवधि का है। शहर में पेड़ों की संख्या बढ़ाने, खुले क्षेत्रों को संरक्षित करने और पर्यावरण अनुकूल निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसके लिए निगम ने अपने बजट में प्रावधान भी किया है। आने वाले समय में भवन निर्माण के नियम सख्ती से लागू करने, ग्रीन एरिया बढ़ाने की तैयारी है। पांच जून को पर्यावरण दिवस पर लोगों को हरियाली बचाने के लिए संकल्प लेना होगा।
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार शहर के कई इलाकों में तापमान बढ़ा है। इसे लेकर क्या नीतियां बन सकती है, इस पर नगर निगम काम कर रहा है। कुछ और सर्वे रिपोर्ट भी अभी आनी हैं। इस आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
गायब हो रही ग्रीन बेल्ट, बढ़ रहा पारा
मशोबरा क्षेत्र में आवासीय बस्तियों के विस्तार के कारण तापमान में 1.7 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कालीबाड़ी सड़क और पुराने बस अड्डे के बीच बने नए अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों ने भी स्थानीय तापमान को प्रभावित किया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि हरित क्षेत्र लगातार कम होते रहे और निर्माण गतिविधियां इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं तो आने वाले वर्षों में शिमला का पारंपरिक ठंडा मौसम और अधिक प्रभावित हो सकता है।
मशोबरा क्षेत्र में आवासीय बस्तियों के विस्तार के कारण तापमान में 1.7 से 2.5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कालीबाड़ी सड़क और पुराने बस अड्डे के बीच बने नए अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों ने भी स्थानीय तापमान को प्रभावित किया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि यदि हरित क्षेत्र लगातार कम होते रहे और निर्माण गतिविधियां इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं तो आने वाले वर्षों में शिमला का पारंपरिक ठंडा मौसम और अधिक प्रभावित हो सकता है।
कहां सबसे ज्यादा बढ़ी गर्मी
- शिमला बाईपास और शोघी बाईपास क्षेत्र
- जुन्गा सड़क के आसपास का इलाका
- मशोबरा में तेजी से विकसित हुई आवासीय बस्तियां
- नगर निगम कार्यालय और आसपास के निर्माण क्षेत्र
- कालीबाड़ी सड़क व पुराने बस अड्डे के बीच विकसित अपार्टमेंट क्षेत्र