विश्व पर्यावरण दिवस: राजधानी शिमला में एंटी-चिट्टा मिनी मैराथन, नशामुक्ति और स्वच्छ पर्यावरण का दिया संदेश
विश्व पर्यावरण दिवस पर शिमला में आयोजित एंटी-चिट्टा एवं स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता मिनी मैराथन में हजारों लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार सुबह एंटी-चिट्टा एवं स्वच्छ पर्यावरण जागरूकता मिनी मैराथन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर युवाओं, विद्यार्थियों, विशेष बच्चों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों, विभिन्न सरकारी विभागों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा जनगणना कार्य निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना रहा।
दौड़ के दौरान प्रतिभागियों ने 'चिट्टा को न, जिंदगी को हां' के संदेश को आगे बढ़ाया। आयोजकों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, फिट रहने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने में सहायक होती हैं। कार्यक्रम में नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित लघु प्रस्तुतियां भी दिखाई गईं। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल होकर विजेताओं और प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे। मैराथन से पहले प्रतिभागियों के लिए वार्मअप सत्र, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नशामुक्ति व स्वच्छ पर्यावरण की शपथ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 10 किलोमीटर और 3 किलोमीटर की दो श्रेणियां रखी गईं, जिनमें विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।