सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   13 year old student hanged himself after being told to study instead of playing. Learn the full story

Himachal: खेलने से मना किया तो 13 साल के छात्र ने लगा लिया फंदा, जानें पूरा मामला

संवाद न्यूज एजेंसी, सरकाघाट (मंडी)। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 07 Mar 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
सार

मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट के बड़ा समाहल गांव में खेलने के लिए मना करने पर 13 साल के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। 

13 year old student hanged himself after being told to study instead of playing. Learn the full story
खुदकुशी।
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट के बड़ा समाहल गांव में खेलने के लिए मना करने पर 13 साल के एक छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र नौवीं कक्षा में पढ़ता था। बताया जा रहा है कि वार्षिक परीक्षा देकर लौटे छात्र को परिजनों ने खेलने में समय बर्बाद नहीं कर पढ़ने को कहा था। इसके बाद उसने कमरे में जाकर खौफनाक कदम उठा लिया। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल कर रही है। जानकारी के अनुसार छात्र वार्षिक परीक्षा देकर घर लौटा था।

Trending Videos

गुरुवार शाम उसकी मां और पिता ने उसे पढ़ाई करने के लिए कहा और खेलने से मना करते हुए डांट लगाई। इसके बाद मां खुद रसोई में खाना बनाने चली गई। करीब एक घंटे बाद जब वह नीचे कमरे में यह देखने आई कि बेटा पढ़ाई कर रहा है या नहीं, तो दरवाजा खोलते ही उनके होश उड़ गए। कमरे के अंदर पंखे की कुंडी से फंदे पर बेटा लटका हुआ था। यह दृश्य देखते ही मां की चीख-पुकार निकली और परिवार के अन्य लोग तुरंत कमरे में पहुंचे। बच्चे को फंदे से उतारकर तुरंत बच्चे को नागरिक अस्पताल सरकाघाट लेकर पहुंराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि परिजनों ने किसी तरह का शक जाहिर नहीं किया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ने के लिए दवाब न बनाएं अभिभावक, खेलने भी दें : विशेषज्ञ
परीक्षा आती-जाती रहती हैं। ऐसे में अभिभावक बच्चों पर किसी भी तरह का दवाब न बनाएं। परीक्षा के दौरान बच्चों में स्ट्रेस रहता है। दिमाग को रिलेक्स करने के लिए खेल भी जरूरी है। बच्चों को अपनी निगरानी में खेलने दें। पढ़ने के लिए भी गाइड करें। हर स्थिति को अभिभावक ध्यान में रखें।-डॉ. अनीता ठाकुर, मनोचिकित्सक, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed