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Shimla News: आयुर्वेदिक अस्पताल में बुजुर्गों के लिए होगी अलग ओपीडी
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छोटा शिमला अस्पताल की रोगी कल्याण समिति की बैठक आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने दी जानकारी
अस्पताल के विकास के लिए मिलेगा 60 लाख का बजट
256 युवाओं को दिया जाएगा पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। छोटा शिमला स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में बुजुर्गों के लिए अलग और निशुल्क ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी। यह बात शनिवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुष एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 256 युवाओं को पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके तहत एक वर्ष का डिप्लोमा मिलेगा। वहीं विभाग में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। बैठक में आयुष विभाग की सचिव, निदेशक सहित विभाग के अन्य अधिकारी और समिति के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित बजट के तहत किए कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए अस्पताल में विभिन्न विकास कार्यों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 60 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया। बैठक में अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए। इनमें बुजुर्ग मरीजों के लिए अलग से निशुल्क ओपीडी शुरू करने का निर्णय शामिल है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। वहीं अस्पताल से रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध करवाने का फैसला भी लिया गया।
बैठक में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के तहत पंचकर्मा सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री यादवेंद्र गोमा ने अधिकारियों को मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गोमा ने कहा कि पिछले वर्ष अस्पताल में वेलनेस पंचकर्मा शुरू किया था जिसे लेकर लोगों में अच्छा रुझान देखने को मिला है। पंचकर्मा उपचार के लिए एडवांस बुकिंग हो रही है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला स्तर पर भी पंचकर्मा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से प्रदेश के 256 युवाओं को पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पंचकर्मा सेवाओं के विस्तार में मदद मिलेगी और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी दूर होगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को आयुर्वेदिक एवं पंचकर्मा सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
आयुर्वेदिक डॉक्टरों के 250 पद खाली
शिमला। इस दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं में सुधार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि प्रदेश में करीब 250 आयुर्वेदिक डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही आयुर्वेदिक डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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अस्पताल के विकास के लिए मिलेगा 60 लाख का बजट
256 युवाओं को दिया जाएगा पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। छोटा शिमला स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में बुजुर्गों के लिए अलग और निशुल्क ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी। यह बात शनिवार को रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयुष एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 256 युवाओं को पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसके तहत एक वर्ष का डिप्लोमा मिलेगा। वहीं विभाग में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी। बैठक में आयुष विभाग की सचिव, निदेशक सहित विभाग के अन्य अधिकारी और समिति के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान पिछले वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित बजट के तहत किए कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए अस्पताल में विभिन्न विकास कार्यों और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 60 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया। बैठक में अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए। इनमें बुजुर्ग मरीजों के लिए अलग से निशुल्क ओपीडी शुरू करने का निर्णय शामिल है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। वहीं अस्पताल से रेफर किए जाने वाले मरीजों के लिए एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध करवाने का फैसला भी लिया गया।
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बैठक में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के तहत पंचकर्मा सेवाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री यादवेंद्र गोमा ने अधिकारियों को मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गोमा ने कहा कि पिछले वर्ष अस्पताल में वेलनेस पंचकर्मा शुरू किया था जिसे लेकर लोगों में अच्छा रुझान देखने को मिला है। पंचकर्मा उपचार के लिए एडवांस बुकिंग हो रही है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला स्तर पर भी पंचकर्मा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से प्रदेश के 256 युवाओं को पंचकर्मा मसाजर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे पंचकर्मा सेवाओं के विस्तार में मदद मिलेगी और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी दूर होगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को आयुर्वेदिक एवं पंचकर्मा सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे।
आयुर्वेदिक डॉक्टरों के 250 पद खाली
शिमला। इस दौरान उन्होंने मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं में सुधार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि प्रदेश में करीब 250 आयुर्वेदिक डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही आयुर्वेदिक डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।