Himachal Weather: हिमाचल में कूल-कूल होने वाला है मौसम, पांच जिलों में आज बारिश-अंधड़ का अलर्ट; फटाफट जानें
Himachal Weather Update Hindi: भीषण गर्मी से त्रस्त हिमाचलवासियों को आखिरकार राहत की खबर मिली है। मौसम विभाग ने 28 मई से 1 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पांच जिलों में बारिश, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि का खतरा है। पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को वीरवार से राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते 28 मई से 1 जून तक प्रदेशभर में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने वीरवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिलों में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ऊना में सबसे अधिक तापमान
बुधवार को भी प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी का असर जारी रहा। बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर में लगातार दूसरे दिन लू चली। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हमीरपुर के नेरी में पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। राजधानी शिमला समेत अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर तेज धूप खिली रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वीरवार से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
हिमाचल में एक से 27 मई तक सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में 56 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इस वर्ष मई में 43.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और ऊना में सामान्य से अधिक तथा बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और सोलन में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई।
| ऊना | 44.0 |
| नेरी | 40.7 |
| सुंदरनगर | 39.3 |
| कांगड़ा | 38.8 |
| मंडी | 38.6 |
| नाहन | 36.6 |
| भुंतर | 36.0 |
| धर्मशाला | 35.0 |
| शिमला | 29.0 |
ऊना जिले में वीरवार को मौसम ने करवट ली और आसमान में बादल छाने से किसानों व बागवानों के चेहरे खिल उठे। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण खेतों में खड़ी हरी सब्जियों तथा मक्का की फसल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। ऐसे में मौसम में आए बदलाव और बारिश की संभावना से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
जिले में लगातार बढ़ते तापमान और तेज धूप के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही थी। इसका असर विशेष रूप से मक्का, टमाटर, शिमला मिर्च, लौकी, भिंडी सहित अन्य हरी सब्जियों की फसलों पर देखने को मिल रहा था। कई स्थानों पर फसलें मुरझाने लगी थीं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। वीरवार सुबह से ही जिले के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों को नया जीवन मिलेगा और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
किसानों में जसविंद्र सिंह का कहना है कि इस समय मक्का और सब्जियों की फसलों को पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक सूखे जैसे हालात बने रहने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में मौसम में बदलाव किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
किसान सुनील कुमार ने बताया कि तेज धूप के आगे सिंचाई भी बेअसर साबित हो रही। कहा कि फसलों को बचाना मुश्किल हो चुका है। पहले महंगे बीज की खरीद से किसान की जेब पर बोझ बढ़ा और अब मौसम की चुनौती सामने खड़ी है। कहा कि बारिश होने से फसलों को भारी राहत मिलेगी।
उधर, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी मौसम परिवर्तनशील बने रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञ विनोद शर्मा ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने कहा कि बारिश होने से फसलों की वृद्धि दर में तेजी आएगी। किसान खरपतवार हटाने के लिए जरूरी दवाओं का छिड़काव कर सकेंगे। कहा कि इस समय जिला के सिंचित इलाकों में फसलें तैयार हो रही हैं।