सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Amrut 2.0: Palampur, Dalhousie Emerge as Role Models While Several Towns Lag Behind

Urban Development: अमृत 2.0 में पालमपुर-डलहौजी बने रोल मॉडल, कई शहरों की रफ्तार सुस्त

विश्वास भारद्वाज, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 12 Jun 2026 11:44 AM IST
विज्ञापन
सार

अमृत 2.0 योजना के तहत पालमपुर और डलहौजी ने जल निकाय पुनर्जीवन परियोजनाओं में 100 प्रतिशत प्रगति दर्ज कर रोल मॉडल की भूमिका निभाई है। वहीं नाहन, जोगिंद्रनगर और नगरोटा बगवां जैसे क्षेत्रों में परियोजनाओं की धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है।

Amrut 2.0: Palampur, Dalhousie Emerge as Role Models While Several Towns Lag Behind
अमृत 2.0 योजना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में चल रही जलापूर्ति और जल निकाय का कायाकल्प (वाटर बॉडी रिजुविनेशन) परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ने विकास की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने रखी हैं। 



पालमपुर और डलहौजी जैसे शहरों ने जहां परियोजनाओं को समय पर पूरा कर मिसाल कायम की है, वहीं नाहन, जोगिंद्रनगर और कुछ अन्य क्षेत्रों में सुस्त कार्य गति और प्रशासनिक देरी चिंता का विषय बनी हुई है। जल शक्ति विभाग के परियोजना निगरानी मॉड्यूल डैशबोर्ड की 20 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार जल निकाय पुनर्जीवन के क्षेत्र में प्रदेश का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है। कांगड़ा जिले के पालमपुर, डलहौजी छावनी और डलहौजी नगर परिषद ने अपनी परियोजनाएं लगभग पूरी कर ली हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पालमपुर ने 100 प्रतिशत जमीनी प्रगति (जमीन पर काम की वास्तविक स्थिति) और वित्तीय प्रगति हासिल की है, जबकि डलहौजी छावनी और नगर परिषद ने भी 100 प्रतिशत जमीनी प्रगति दर्ज की है। कांगड़ा नगर परिषद और बकलोह छावनी की परियोजनाएं भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 
विज्ञापन


इसके विपरीत नगरोटा बगवां में जल निकाय पुनर्जीवन कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। यहां जमीनी प्रगति केवल 40 प्रतिशत और वित्तीय प्रगति 21.82 प्रतिशत दर्ज की गई है। जलापूर्ति परियोजनाओं में ठियोग और हमीरपुर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। ठियोग में 87 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि हमीरपुर ने 88.24 प्रतिशत जमीनी प्रगति के साथ 100 प्रतिशत वित्तीय उपयोग दर्ज कर प्रदेश में अग्रणी स्थान बनाया है।  सिरमौर के नाहन में 9.89% और मंडी के जोगिंद्रनगर में 16% जमीनी प्रगति दर्ज हुई है। कुल्लू के निरमंड में भी 42 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद वित्तीय उपयोग केवल 10 प्रतिशत रहा है।

ठियोग में काम तेज, पर एटीआर मंजूरी लंबित 
आईआरएमए की पांचवीं, छठी और सातवीं समीक्षा के बाद भी ठियोग में चल रही परियोजना की एक्शन टेकन रिपोर्ट को जरूरी अनुमोदन नहीं मिल पाया है। धरातल पर 87 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद कागजी प्रक्रिया में देरी प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रही है। कई स्तर के समीक्षा दौर में नाहन, निरमंड और भुंतर परियोजनाओं के लिए नो विजिट की स्थिति दर्ज की गई है। 

अमृत 2.0 के तहत सभी परियोजनाओं की प्रगति पर विभाग लगातार नजर रख रहा है। जहां कार्यों में देरी या प्रशासनिक बाधाएं हैं, वहां सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता सभी परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा कर जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। - मुकेश अग्निहोत्री, उप मुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed