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बैंक की बजाय, यूपीआई के सहारे ठगी की दुकान चला रहे शातिर
Tue, 08 Oct 2019 04:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 08 Oct 2019 04:45 AM IST
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लोगों को अपना निशाना बनाने वाले ठगों ने ठगी का नया हथकंडा अपनाया है। अब शातिर अपने शिकार के बैंक खाते से ऑनलाइन रकम निकालने के बाद उसे दूसरे बैंक खाते की बजाय यूपीआई के सहारे ई वॉलेट में ट्रांसफर कर रहे हैं। चूंकि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बैंकों ने खाता खोलते समय वेरिफिकेशन को लेकर सख्ती की है। ऐसे में ठगों ने अब इनकी बजाय ई वॉलेट्स को अपना हथियार बना लिया है।
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डीएसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि पिछले कुछ समय में कई मामलों की जांच में यह सामने आया है कि रकम बैंक खाते की बजाय ई-वालेट में डाली गई और वहां से उसे खर्च कर दिया गया। चूंकि ई वालेट्स के वेरिफिकेशन को लेकर ज्यादा गंभीरता नहीं है, ऐसे में जालसाजों ने अब उनका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। डीएसपी नरवीर ने कहा कि बैंकों और ई वॉलेट्स का संचालन करने वाली कंपनियों को पत्र लिखकर इनके वेरिफिकेशन के लिए कहा जा रहा है।
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ठगों ने किराये पर लिए बैंक खाते
एसपी साइबर क्राइम संदीप धवल ने बताया कि हाल में कुछ धोखाधड़ी के मामलों की जांच के दौरान पूर्वोत्तर के राज्यों के बैंक खातों के इस्तेमाल की बात सामने आई। इस दौरान जब गहनता से जांच की गई तो पता चला कि बैंक खाताधारक को चंद रुपये देकर ठगों ने खाता किराये पर ले लिया था।
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इसी किराये के बैंक खाते का धोखाधड़ी करने के बाद रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जबकि रकम को मुंबई, बंगलूरू जैसे शहरों में निकाला जात है। ऐसे में अब बैंकों को किराये के खातों पर नकेल कसने के लिए कहा जा रहा है।