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Shimla News: पांच माह से सड़क बंद, दस किलोमीटर पैदल सफर
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तत्तापानी-सलापड़ मार्ग भूस्खलन के कारण टूटने से परेशानी झेल रहे सुन्नी के साथ सटी मंडी की पंचायतों के लोग
हर रोज जान जोखिम में डालकर भूस्खलन की जगह से आवाजाही करने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। तत्तापानी-सलापड़ मार्ग भूस्खलन के कारण पिछले पांच महीने से अवरुद्ध होने के कारण सुन्नी से सटे मंडी क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि हर रोज सुन्नी पढ़ने के लिए जाने वाले विद्यार्थी और स्थानीय लोग पांच से दस किलोमीटर पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मार्ग की बहाली के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार सुन्नी-सलापड़ मार्ग पर क्रांगल कैंची के समीप करीब पांच महीने पहले भारी भूस्खलन हुआ था। इस वजह से मार्ग पूरी तरह से टूट गया है। इस कारण बाली, हाड़ागोई और कारला पंचायत समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई करने के लिए तत्तापानी स्कूल, आईटीआई सुन्नी, महाविद्यालय सुन्नी आते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण विद्यार्थियों को पांच से दस किलोमीटर का सफर हर रोज पैदल ही तय करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों को भी जरूरी काम के लिए तत्तापानी और सुन्नी जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई महीनों से मार्ग बंद होने के बावजूद उक्त स्थान पर मार्ग बहाली के लिए कोई उचित कदम उठाए गए हैं। इस वजह से सैकड़ों विद्यार्थियों और इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सुन्नी और तत्तापानी पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग वाया निहरी होकर जाता है लेकिन यहां से लोगों को 40 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है जिसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। इसी वजह से स्कूल के बच्चे और लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
इनसेट
पैदल चलना भी खतरनाक, हादसे का बना रहता है खतरा
क्रांगला कैंची के समीप जहां पर सड़क टूट चुकी है, वहां से पैदल गुजरना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। बाली गांव के रहने वाले भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि पैदल रास्ते पर भी दरारें आ गई हैं। इस वजह से यह कभी भी ढह सकता है। हर रोज बड़ी संख्या में बच्चे और स्थानीय लोग इस स्थान से अपनी जान को खतरे में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। लोक निर्माण के अधिकारियों से मांग की कि मार्ग बहाली के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएं।
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कोट्स
सुन्नी-सलापड़ मार्ग पर क्रांगला कैंची के समीप भारी भूस्खलन हुआ है। इससे सड़क पूरी तरह से टूट गई है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी सड़क को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर मार्ग को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। मार्ग बहाली के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है।
-विनोद शर्मा, एसई, लोक निर्माण विभाग सर्किल मंडी
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हर रोज जान जोखिम में डालकर भूस्खलन की जगह से आवाजाही करने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। तत्तापानी-सलापड़ मार्ग भूस्खलन के कारण पिछले पांच महीने से अवरुद्ध होने के कारण सुन्नी से सटे मंडी क्षेत्र के हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि हर रोज सुन्नी पढ़ने के लिए जाने वाले विद्यार्थी और स्थानीय लोग पांच से दस किलोमीटर पैदल सफर तय करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मार्ग की बहाली के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार सुन्नी-सलापड़ मार्ग पर क्रांगल कैंची के समीप करीब पांच महीने पहले भारी भूस्खलन हुआ था। इस वजह से मार्ग पूरी तरह से टूट गया है। इस कारण बाली, हाड़ागोई और कारला पंचायत समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ाई करने के लिए तत्तापानी स्कूल, आईटीआई सुन्नी, महाविद्यालय सुन्नी आते हैं। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण विद्यार्थियों को पांच से दस किलोमीटर का सफर हर रोज पैदल ही तय करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों को भी जरूरी काम के लिए तत्तापानी और सुन्नी जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई महीनों से मार्ग बंद होने के बावजूद उक्त स्थान पर मार्ग बहाली के लिए कोई उचित कदम उठाए गए हैं। इस वजह से सैकड़ों विद्यार्थियों और इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सुन्नी और तत्तापानी पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग वाया निहरी होकर जाता है लेकिन यहां से लोगों को 40 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है जिसमें समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। इसी वजह से स्कूल के बच्चे और लोग पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं।
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पैदल चलना भी खतरनाक, हादसे का बना रहता है खतरा
क्रांगला कैंची के समीप जहां पर सड़क टूट चुकी है, वहां से पैदल गुजरना भी जान जोखिम में डालने जैसा है। बाली गांव के रहने वाले भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि पैदल रास्ते पर भी दरारें आ गई हैं। इस वजह से यह कभी भी ढह सकता है। हर रोज बड़ी संख्या में बच्चे और स्थानीय लोग इस स्थान से अपनी जान को खतरे में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। लोक निर्माण के अधिकारियों से मांग की कि मार्ग बहाली के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएं।
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सुन्नी-सलापड़ मार्ग पर क्रांगला कैंची के समीप भारी भूस्खलन हुआ है। इससे सड़क पूरी तरह से टूट गई है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी सड़क को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर मार्ग को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। मार्ग बहाली के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है।
-विनोद शर्मा, एसई, लोक निर्माण विभाग सर्किल मंडी