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Shimla News: स्कूल-कॉलेज के बाद कॅरिअर की चिंता से युवा हो रहे तनावग्रस्त
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खास खबर...
युवा परामर्श केंद्र में कॅरिअर काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे शहरभर के युवा, देखा-देखी में कॅरिअर चुनने से दिक्कत
असेस्मेंट टेस्ट देकर दूर कर रहे अपनी उलझनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा कॅरिअर को लेकर तनाव ले रहे हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की देखा देखी में यह कॅरिअर के विकल्प तो चुन रहे हैं लेकिन इनमें खुद की रुचि न होने के कारण उलझन बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को मनोवैज्ञानिक मदद लेनी पड़ रही है।
खास बात यह है कि युवाओं के साथ इनके अभिभावक भी अपने लाडलों के कॅरिअर को लेकर असमंजस में हैं। युवा परामर्श केंद्र में हर महीने ऐसे दर्जनों युवा काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं जो अपने कॅरिअर को लेकर असमंजस में हैं। यहां इनकी काउंसलिंग के साथ कॅरिअर असेस्मेंट टेस्ट भी लिए जा रहे हैं। इस टेस्ट के बाद पता चला कि युवा का किस क्षेत्र में काम करने की रुचि है। इस क्षेत्र में कॅरिअर के क्या विकल्प है और इसके लिए क्या कर सकते हैं, इस पर भी मनोवैज्ञानिक जानकारी देते हैं। कई युवा शनिवार को भी काउंसलिंग के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित युवा परामर्श केंद्र में पहुंचे।
पंथाघाटी से आई युवती ने बताया कि वह कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। कला संकाय में यह उसका आखिरी वर्ष है। ऐसे में आगे क्या करना है, इस पर भारी उलझन है। इसी तरह बालूगंज से एक कर्मचारी भी परामर्श केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा कॉलेज में अंतिम वर्ष का छात्र है। उसे आगे क्या करना चाहिए, इस पर सलाह मांगी। मनोवैज्ञानिक ने कहा कि इसके लिए बेटे की काउंसलिंग जरूरी है, उसे भी बुधवार को बुलाया गया है।
असेस्मेंट टेस्ट तय करता है बेहतर विकल्प
मनोवैज्ञानिक मनोज सहगल के अनुसार कॅरिअर काउंसलिंग के लिए युवाओं का असेस्मेंट टेस्ट होता है। इसमें कई मानक देखे जाते हैं। सवालों के जवाबों के आधार पर पता चलता है कि युवा की किस क्षेत्र में रुचि है। इसके बाद उनके विकल्प देखे जाते हैं। कई बार युवा दोस्तों की तरह अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं लेकिन उनमें खुद की रुचि नहीं होती। कई तरह के विकल्पों से वह उलझ जाते हैं। ऐसे युवाओं की काउंसलिंग की जा रही है।
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असेस्मेंट टेस्ट देकर दूर कर रहे अपनी उलझनें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा कॅरिअर को लेकर तनाव ले रहे हैं। रिश्तेदारों और दोस्तों की देखा देखी में यह कॅरिअर के विकल्प तो चुन रहे हैं लेकिन इनमें खुद की रुचि न होने के कारण उलझन बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को मनोवैज्ञानिक मदद लेनी पड़ रही है।
खास बात यह है कि युवाओं के साथ इनके अभिभावक भी अपने लाडलों के कॅरिअर को लेकर असमंजस में हैं। युवा परामर्श केंद्र में हर महीने ऐसे दर्जनों युवा काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं जो अपने कॅरिअर को लेकर असमंजस में हैं। यहां इनकी काउंसलिंग के साथ कॅरिअर असेस्मेंट टेस्ट भी लिए जा रहे हैं। इस टेस्ट के बाद पता चला कि युवा का किस क्षेत्र में काम करने की रुचि है। इस क्षेत्र में कॅरिअर के क्या विकल्प है और इसके लिए क्या कर सकते हैं, इस पर भी मनोवैज्ञानिक जानकारी देते हैं। कई युवा शनिवार को भी काउंसलिंग के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित युवा परामर्श केंद्र में पहुंचे।
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पंथाघाटी से आई युवती ने बताया कि वह कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। कला संकाय में यह उसका आखिरी वर्ष है। ऐसे में आगे क्या करना है, इस पर भारी उलझन है। इसी तरह बालूगंज से एक कर्मचारी भी परामर्श केंद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनका बेटा कॉलेज में अंतिम वर्ष का छात्र है। उसे आगे क्या करना चाहिए, इस पर सलाह मांगी। मनोवैज्ञानिक ने कहा कि इसके लिए बेटे की काउंसलिंग जरूरी है, उसे भी बुधवार को बुलाया गया है।
असेस्मेंट टेस्ट तय करता है बेहतर विकल्प
मनोवैज्ञानिक मनोज सहगल के अनुसार कॅरिअर काउंसलिंग के लिए युवाओं का असेस्मेंट टेस्ट होता है। इसमें कई मानक देखे जाते हैं। सवालों के जवाबों के आधार पर पता चलता है कि युवा की किस क्षेत्र में रुचि है। इसके बाद उनके विकल्प देखे जाते हैं। कई बार युवा दोस्तों की तरह अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं लेकिन उनमें खुद की रुचि नहीं होती। कई तरह के विकल्पों से वह उलझ जाते हैं। ऐसे युवाओं की काउंसलिंग की जा रही है।