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सीबीएसई अंग्रेजी शिक्षक भर्ती: B.Ed में 3 साल अंग्रेजी न पढ़ने वाले अभ्यर्थी हुए अयोग्य, पात्रता सूची बदली
हर्षित शर्मा, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 04 Jun 2026 11:19 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के लिए 312 अंग्रेजी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पात्रता मानदंडों को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार के स्पष्टीकरण के बाद बीएड और स्नातक स्तर पर निर्धारित अंग्रेजी विषय की शर्तें पूरी न करने वाले कई अभ्यर्थियों को अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इससे साक्षात्कार प्रक्रिया और चयन सूची में बदलाव देखने को मिला है। पढ़ें पूरी खबर...
शिक्षक भर्ती।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बीएड की पढ़ाई में तीन साल अंग्रेजी विषय न पढ़ने वाले कई अभ्यर्थी सीबीएसई अंग्रेजी शिक्षक भर्ती से बाहर हो गए हैं। सरकार के स्पष्टीकरण के बाद पात्रता सूची में बदलाव किया गया है। साक्षात्कार प्रक्रिया के बीच कई उम्मीदवारों की दावेदारी खत्म हो गई है। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश के स्कूलों के लिए 312 अंग्रेजी शिक्षकों की है।
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इन शिक्षकों की नियुक्ति सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में होनी है। लिखित परीक्षा पूरी हो चुकी है और परिणाम भी घोषित किए जा चुके हैं। 28 मई से दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार चल रहे हैं। इसी दौरान शिक्षा विभाग को सरकारी पत्र भेजे इस पत्र में पात्रता शर्तों पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया गया। सरकार ने कुछ पात्रता व्याख्याओं को विस्तार से परिभाषित किया है। भर्ती अभ्यर्थियों का कहना है कि मूल विज्ञापन में इन शर्तों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इस स्पष्टीकरण ने भर्ती प्रक्रिया को नए विवाद के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है।
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पात्रता शर्तों में बदलाव
सरकार ने स्पष्ट किया कि बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल के वे उम्मीदवार पात्र नहीं होंगे, जिन्होंने अंग्रेजी केवल एक वर्ष पढ़ी हो। बीकॉम के ऐसे अभ्यर्थी भी अयोग्य होंगे जिन्होंने स्नातक में अंग्रेजी विषय नहीं पढ़ा। किसी भी संकाय के वे उम्मीदवार भी पात्र नहीं होंगे, जिनके स्नातक पाठ्यक्रम में अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल नहीं रही। इसके साथ ही बीएड में अंग्रेजी को शिक्षण विषय के रूप में पढ़ना भी अनिवार्य बताया गया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक प्रशासन जीवन सिंह नेगी ने इन शर्तों की पुष्टि की है।
नई सूची व साक्षात्कार प्रक्रिया
नई व्याख्या लागू होने के बाद कई उम्मीदवारों की पात्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार ने अयोग्य आवेदकों को हटाकर योग्य आवेदकों के साक्षात्कार शुरू कर दिए हैं। पात्रता से बाहर हुए उम्मीदवारों के कारण कई श्रेणियों में चयन का क्रम बदल गया है। अधिक अंक प्राप्त कुछ उम्मीदवार अब बाहर हो गए हैं, जबकि उनसे कम अंक प्राप्त उम्मीदवार साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हैं। सामान्य वर्ग के लिए अंग्रेजी में 55 फीसदी और आरक्षित वर्गों के लिए 50 फीसदी अंक अनिवार्य रखे गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि बीएससी मेडिकल और नॉन मेडिकल के वे उम्मीदवार पात्र नहीं होंगे, जिन्होंने अंग्रेजी केवल एक वर्ष पढ़ी हो। बीकॉम के ऐसे अभ्यर्थी भी अयोग्य होंगे जिन्होंने स्नातक में अंग्रेजी विषय नहीं पढ़ा। किसी भी संकाय के वे उम्मीदवार भी पात्र नहीं होंगे, जिनके स्नातक पाठ्यक्रम में अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल नहीं रही। इसके साथ ही बीएड में अंग्रेजी को शिक्षण विषय के रूप में पढ़ना भी अनिवार्य बताया गया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक प्रशासन जीवन सिंह नेगी ने इन शर्तों की पुष्टि की है।
नई सूची व साक्षात्कार प्रक्रिया
नई व्याख्या लागू होने के बाद कई उम्मीदवारों की पात्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार ने अयोग्य आवेदकों को हटाकर योग्य आवेदकों के साक्षात्कार शुरू कर दिए हैं। पात्रता से बाहर हुए उम्मीदवारों के कारण कई श्रेणियों में चयन का क्रम बदल गया है। अधिक अंक प्राप्त कुछ उम्मीदवार अब बाहर हो गए हैं, जबकि उनसे कम अंक प्राप्त उम्मीदवार साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हैं। सामान्य वर्ग के लिए अंग्रेजी में 55 फीसदी और आरक्षित वर्गों के लिए 50 फीसदी अंक अनिवार्य रखे गए हैं।