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चेस्टर हिल मामला: रेरा प्रशासनिक अधिकारी ने डीसी को चार बार कार्रवाई को लिखा, नहीं मिला जवाब
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 12 Apr 2026 01:09 PM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में चेस्टर हिल मामले में डीसी सोलन की भूमिका पर रेरा प्रशासनिक अधिकारी ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उपायुक्त सोलन को चार बार पत्र लिखकर कार्रवाई करने और स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पढ़ें पूरी खबर...
चेस्टर हिल्स।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
बेनामी संपत्ति से कथित रूप से जुड़े चेस्टर हिल मामले में अब एक और मोड़ आ गया है। रेरा प्रशासनिक अधिकारी ने डीसी सोलन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले दिनों मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने वर्तमान और पूर्व रेरा अध्यक्षों की भूमिका पर रिपोर्ट मांगी तो शनिवार को इस पर रेरा प्रशासनिक अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उपायुक्त सोलन को चार बार पत्र लिखकर कार्रवाई करने और स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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चेस्टर हिल मामले में खुद पर लगे अनियमितताओं के आरोपों को खारिज कर चुके मुख्य सचिव ने रेरा अध्यक्ष आरडी धीमान को पत्र लिखा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के अनुसार चेस्टर हिल्स प्रोजेक्ट में रेरा अधिकारियों ने कथित अनियमितताएं बरतीं। वीडियो के अनुसार तत्कालीन रेरा अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी ने प्रोजेक्ट का दौरा कर इसकी प्रशंसा की और कथित रूप से एक व्यक्ति से बात की जो प्रोजेक्ट प्रमोटर नहीं था।
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पत्र के अनुसार वर्तमान अध्यक्ष आरडी धीमान ने भी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की। मुख्य सचिव ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर रेरा अध्यक्ष से इस पर 15 दिन में रिपोर्ट देने को लिखा। रेरा प्रशासनिक अधिकारी ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट को पंजीकृत कर एचपी रेरा ने सभी दस्तावेज लेकर ऑनलाइन प्रमाणपत्र जारी किया जो वेबसाइट पर पब्लिक डोमेन में है। एचपी रेरा ने चेस्टर हिल्स के प्रमोटर के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। रिफंड का आदेश भी दिया। प्रमोटरों के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं किया। उनके खिलाफ अर्ध न्यायिक कार्यवाही शुरू की और जुर्माना लगाने को कारण बताओ नोटिस जारी किए।
एसडीएम सोलन, आयुक्त नगर निगम सोलन और डीसी सोलन को नोटिस जारी किए। जब धारा 118 के उल्लंघन की शिकायतें मिलना शुरू हुईं तो रेरा ने 21 अक्तूबर 2025, 13 जनवरी 2026, 17 फरवरी 2026 और 16 मार्च 2026 को डीसी को कार्रवाई व जवाब को लिखा, मगर डीसी से कोई उत्तर नहीं मिला। जुर्माने की कार्रवाई प्राधिकरण के पास लंबित है।
तत्कालीन अध्यक्ष का प्रोजेक्ट साइट पर दौरा वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के तहत नियमित विनियामक निरीक्षण था। वीडियो के आधार पर आरोप बेबुनियाद हैं। सरकार के निर्देश पर डीसी को धारा 118 के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उधर, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि रेरा की ओर से जो पूछा गया था, उस पर जवाब दे दिया गया।
बाल्दी बोले, एसडीएम की रिपोर्ट पर बेनामी संपत्ति की कार्रवाई करें : रेरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि कर्तव्य का निर्वहन कर तीन साल पहले उन्होंने रेरा सदस्यों के साथ साइट विजिट किया था। उस समय फेज वन का निर्माण चल रहा था। उन्होंने ही 10 लाख जुर्माना लगाया। प्राधिकरण अध्यक्ष व दोनों सदस्यों का दौरा नियमानुसार हुआ। मौजूदा विवाद फेज दो और चार से संबंधित हैं। वर्तमान मामला एसडीएम की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने से संबंधित है। एसडीएम की रिपोर्ट में अगर यह संपत्ति बेनामी आई है तो इस पर एक्शन लिया जाए।
तत्कालीन अध्यक्ष का प्रोजेक्ट साइट पर दौरा वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के तहत नियमित विनियामक निरीक्षण था। वीडियो के आधार पर आरोप बेबुनियाद हैं। सरकार के निर्देश पर डीसी को धारा 118 के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उधर, सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कहा कि रेरा की ओर से जो पूछा गया था, उस पर जवाब दे दिया गया।
बाल्दी बोले, एसडीएम की रिपोर्ट पर बेनामी संपत्ति की कार्रवाई करें : रेरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि कर्तव्य का निर्वहन कर तीन साल पहले उन्होंने रेरा सदस्यों के साथ साइट विजिट किया था। उस समय फेज वन का निर्माण चल रहा था। उन्होंने ही 10 लाख जुर्माना लगाया। प्राधिकरण अध्यक्ष व दोनों सदस्यों का दौरा नियमानुसार हुआ। मौजूदा विवाद फेज दो और चार से संबंधित हैं। वर्तमान मामला एसडीएम की रिपोर्ट पर कार्रवाई करने से संबंधित है। एसडीएम की रिपोर्ट में अगर यह संपत्ति बेनामी आई है तो इस पर एक्शन लिया जाए।