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Chester Hills Dispute: चेस्टर हिल मामले में टीसीपी नियम भी नजरअंदाज, विभाग ने शुरू की जांच; जानें विस्तार से

विश्वास भारद्वाज, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 22 Apr 2026 11:08 AM IST
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सार

चेस्टर हिल आवासीय प्रोजेक्ट की जांच अब नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग ने भी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा विवाद सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर...

Chester Hills Dispute TCP Norms Also Flouted in Chester Hills Case Department Launches Investigation
चेस्टर हिल्स। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

सोलन के बहुचर्चित चेस्टर हिल आवासीय प्रोजेक्ट पर शिकंजा कसता जा रहा है। विवादों में घिरे इस प्रोजेक्ट की जांच अब नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग ने भी शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने विभाग से रिपोर्ट तलब की है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े खुलासों हो सकते हैं।

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सूत्रों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा विवाद सड़क और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सामने आया है। आरोप है कि निर्माण के दौरान तय मानकों और टीसीपी गाइडलाइंस की अनदेखी की गई। हालांकि शहरी क्षेत्रों में टीसीपी निदेशक की शक्तियां नगर निगम आयुक्त के पास होती हैं और जरूरी अनुमतियां उन्हीं के माध्यम से दी जाती हैं। 

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इसके बावजूद गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य होता है।  यदि जांच में नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम, 1977 के तहत निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लग सकती है। इतना ही नहीं, सड़क और पानी से जुड़े गंभीर मामलों में प्रोजेक्ट को नॉन-कंपाउंडेबल घोषित करने तक की कार्रवाई संभव है। 

यदि ऐसा होता है तो प्रोजेक्ट को नियमित करना मुश्किल होगा। साथ ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट पर रोक लगने की स्थिति में फ्लैट्स का कब्जा देना कानूनी रूप से अवैध माना जाएगा। गौरतलब है कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट पहले भी कई बार विवादों में रह चुका है। स्थानीय लोगों द्वारा बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं। अब टीसीपी विभाग की एंट्री के बाद यह मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है।

प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट विभाग से तलब की गई है, हर पहलू की जांच होगी। यदि टीसीपी गाइडलाइंस का उल्लंघन पाया गया, तो नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - राजेश धर्माणी, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री
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