Himachal: कांगड़ा में बढ़ेगी प्रशासनिक पहुंच, पिछड़ा वर्ग आयोग का दफ्तर शुरू, रेरा कार्यालय भी जल्द
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के लोगों को इस नई सुविधा के लिए बधाई देते हुए कहा कि कांगड़ा तथा आसपास के जिलों में अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को प्रदेश सचिवालय से वर्चुअल माध्यम से धर्मशाला में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के नए कार्यालय का शुभारंभ किया। यह कार्यालय पहले शिमला में था। अब धर्मशाला स्थानांतरित किया गया है। इस कदम से कांगड़ा और आसपास के जिलों के अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा को धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) का कार्यालय भी शीघ्र खोलने के निर्देश दिए। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग की बड़ी आबादी रहती है।
धर्मशाला में कार्यालय खुलने से लोगों को अपने काम के लिए शिमला नहीं आना पड़ेगा। इससे उनके समय और धन की बचत होगी। आयोग की सेवाएं भी उन्हें आसानी से मिलेंगी। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक सुरेश कुमार, विनोद सुल्तानपुरी और सुदर्शन बबलू तथा पूर्व विधायक सतपाल रायजादा शिमला में उपस्थित थे। आयोग के सदस्य राकेश चौधरी, अधिवक्ता कश्मीर सिंह भारती और राजीव राणा तथा उपायुक्त हेमराज बैरवा धर्मशाला से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। कहा कि सरकार ने कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। इसी दिशा में कई सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा स्थानांतरित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी अन्य सरकारी कार्यालयों को कांगड़ा जिले में स्थानांतरित करने की योजना है। इससे कांगड़ा में प्रशासनिक पहुंच और बढ़ेगी।
डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिलवाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा दिलवाने का प्रयास कर रही है। इसी तरह कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल क्षेत्र को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने के लिए भी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष प्रभात चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने कार्यालय धर्मशाला स्थानांतरित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ओबीसी समुदाय के लोगों को आयोग की सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।