Shimla: विधानसभा में पहली बार बोलीं देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर, उठाया ये मुद्दा
देहरा की विधायक एवं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर बुधवार को विधानसभा में पहली बार बोलीं।
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हिमाचल प्रदेश के देहरा की विधायक एवं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर बुधवार को विधानसभा में पहली बार बोलीं। उन्होंने बजट अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि आज तीन बहनें एलपीजी, वीबी-जी राम जी(मनरेगा) और आरडीजी वेंटिलेटर पर है। गैस आपूर्ति की स्थिति पर चिंता जताते हुए कमलेश कहा कि हालात ऐसे हैं कि होली-डे होम और विधानसभा में भी चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। कमलेश ठाकुर ने कहा कि नवरात्रों के शुभ अवसर पर मैंने समझा कि सदन में पहली बार अपनी बात रखूं। उन्होंने 300 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का समर्थन करते हुए कहा कि इससे न केवल घरेलू महिलाओं बल्कि पशुपालकों, किसानों और स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं जैसे ब्यूटी पार्लर संचालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने उनके भाषण की तारीख की। विधायक अनिल शर्मा ने कहा की बजट में खामियां रहती हैं। कोई परफेक्ट नहीं होता। विपक्ष का काम कमियों को उजागर करना है। उन्होंने कहा कि बार-बार आडीजी की बात हो रही है। सभी राज्यों में इसे बंद किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक साल में एक लाख नौकरी देने की गारंटी दी थी, आज भी इसके बोर्ड लगे हैं। नौकरी तो नहीं मिली, इन बोर्डों को हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने विकास में भेदभाव नहीं किया। वे प्रदेश को हिस्सों में नहीं बांटते थे।
केंद्र ने हिमाचल को नहीं दिया आपदा का 1500 करोड़
विधायक अनुराधा राणा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि आपदा के दौरान प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ देने की बात कही लेकिन यह पैसा अभी भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि नौतोड़ अभी बहाल नहीं हो पाया है। हालांकि, इसके लिए राजस्व मंत्री ने भरसक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा विधायक निधि में कटौती न हो। विधायक लोकेंद्र, मलेंद्र राजन ने बजट अभिभाषण में अपनी बातें रखीं।
एसएनए स्पर्श प्रणाली के तहत केंद्र सरकार की 69 योजनाएं मंजूर कीं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि एसएनए स्पर्श प्रणाली के तहत केंद्र सरकार की 69 योजनाएं स्वीकृत हुई हैं और इन योजनाओं के लिए अलग-अलग 135 खाते खोले गए हैं। इनमें से 93 खातों में ही 31 जनवरी 2026 तक केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त हुई है। धर्मशाला के भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री की ओर से जानकारी दी कि केंद्र सरकार से इस प्रणाली के तहत प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक 1789.12 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। एसएनए स्पर्श के तहत केंद्र से स्वीकृत धनराशि में से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक सरकार ने प्रति खाता क्रमवार 0, 10, 25 और 50 प्रतिशत की दर से 229.93 करोड़ रुपये की धनराशि जमा करवाई है।