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Shimla News: तीन माह से रची जा रही थी अपहरण करने की साजिश

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:59 PM IST
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The kidnapping plot had been underway for three months.
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सीएम के मीडिया सलाहकार के बेटे पर हमले का मामला दो और आरोपी गिरफ्तार
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एक आरोपी मशोबरा और दूसरा ठियोग से पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान के अपहरण की साजिश तीन महीने से रची जा रही थी। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने अपहरण के मामले में संलिप्त दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीष वर्मा उर्फ मोनू ने पूछताछ में बताया कि 20 मार्च को मुकाम तारापुर में इस वारदात को अंजाम देने में उसके साथ टशी छेरिंग नेगी, राजेंद्र कुमार उर्फ राजू निवासी गांव कुमाहली, डाकघर क्यारकोटी, तहसील एवं जिला शिमला और मनमोहन चौहान उर्फ अनु निवासी गांव मैना, डाकघर चनैर, तहसील ठियोग भी शामिल थे। सभी आरोपी घटना के समय एक ही वाहन में सवार थे। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजेंद्र कुमार उर्फ राजू और मनमोहन चौहान उर्फ अनु घटना स्थल पर एक ही स्थान पर मौजूद पाए गए। आगे की जांच में पता चला है कि आरोपी 3 से इस वारदात की योजना बना रहे थे। पुलिस टीम ने राजेंद्र कुमार उर्फ राजू को मशोबरा के पास से और मनमोहन चौहान उर्फ अनु को ठियोग में ट्रक यूनियन के पास से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। गहन पूछताछ के उपरांत दोनों आरोपियों को पुलिस थाना ढली में गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में शामिल सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने मामले में चरणजीत सिंह, टशी छेरिंग नेगी और मनीष वर्मा को 24 मार्च को न्यायालय में प्रस्तुत किया। यहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। वहीं आरोपी राजेंद्र कुमार उर्फ राजू और मनमोहन चौहान उर्फ अनु को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
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पहचार के लिए गुरुग्राम भेजी थी कार
20 मार्च को आर्यन चौहान को अपहरण करने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मशोबरा से आरोपियों की सफेद रंग की कार बरामद की थी। आरोपियों ने गाड़ी की पहचान मिटाने के लिए चैसी और इंजन नंबर समेत सभी निशान मिटा दिए थे। कार की पहचान के लिए इसे गुरुग्राम भेजा था। गुरुग्राम में कंपनी के इंजीनियरों को भी इस वाहन के मालिक का पता लगाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसमें उन्हें काफी लंबा समय लगा लेकिन आखिरकार उन्हें कामयाबी मिली और गाड़ी के मालिक का पता लग सका। कंपनी से मालिक के बारे में पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले में आरोपियों की धर पकड़ शुरू की और कुछ ही दिनों में पूरा मामला सुलझा लिया है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अभी तक इसमें पांच आरोपियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन अन्वेषण से मामला सुलझा लिया है।
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