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Shimla News: बजट के अभाव में दीवारों पर सूख गए सजावट के लिए लगाए फूल
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लोक निर्माण विभाग के हॉर्टिकल्चर डिवीजन ने चार करोड़ रुपये मांगा है बजट, गर्मी के मौसम में फूलों को नहीं मिल रहा पानी
सिंचाई, निराई-गुड़ाई और देखभाल के लिए नहीं है पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहरभर में दीवारों और ढलानों पर गमलों में लगाए गए फूल गर्मी बढ़ने और रखरखाव के अभाव में सूखने लगे हैं। इनकी सिंचाई, निराई-गुड़ाई और देखभाल, मजदूरों की व्यवस्था के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा इस वर्ष चार करोड़ रुपये का बजट मांगा था लेकिन यह अब तक जारी नहीं हो पाया है। इस कारण विभाग इनका नियमित रखरखाव और सिंचाई कार्य नहीं कर पा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के चार जिलों के लिए बनाए गए हॉर्टिकल्चर डिवीजन की जिम्मेदारी राजधानी शिमला के सरकारी आवासों, मंत्रियों और वीआईपी भवनों के साथ जिला शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर के सरकारी भवन परिसरों में लगे पौधों और फूलों के रखरखाव की होती है। इसके लिए सरकार हर वर्ष अलग से बजट जारी करती है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चार करोड़ रुपये की मांग की थी जो अभी तक ट्रेजरी से जारी नहीं हो सका है। इसी कारण विभाग का यह डिविजन नियमित कार्य नहीं कर पा रहा है।
हालांकि पिछले वर्ष की देनदारियों के लिए एनओसी के तहत एक करोड़ दस लाख रुपये का बजट जारी हुआ है, जिससे बकाया भुगतान किया गया है। इस वर्ष सरकारी भवनों और शिमला शहर में लगाए विभिन्न प्रजातियों के फूलों का रखरखाव तभी संभव हो पाएगा जब मांगा गया चार करोड़ रुपये का बजट जारी होगा। यदि इसी तरह गर्मी का दौर जारी रहा तो शहर भर में गमलों में लगे फूल सूखकर बर्बाद हो सकते हैं।
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कोट
नए वित्त वर्ष में मांगा है बजट
लोक निर्माण विभाग के हॉर्टिकल्चर डिविजन के कार्यवाहक अधिशासी अभियंता और कसुम्पटी डिविजन के अधिशासी अभियंता नवीन कौंडल ने बताया कि पिछले वर्ष का बकाया बजट प्राप्त हो चुका है और उससे भुगतान कर दिया है। अब नए वित्त वर्ष के लिए बजट की मांग की गई है, जिसके जारी होने के बाद ही रखरखाव का कार्य किया जा सकेगा।
सिंचाई, निराई-गुड़ाई और देखभाल के लिए नहीं है पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहरभर में दीवारों और ढलानों पर गमलों में लगाए गए फूल गर्मी बढ़ने और रखरखाव के अभाव में सूखने लगे हैं। इनकी सिंचाई, निराई-गुड़ाई और देखभाल, मजदूरों की व्यवस्था के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा इस वर्ष चार करोड़ रुपये का बजट मांगा था लेकिन यह अब तक जारी नहीं हो पाया है। इस कारण विभाग इनका नियमित रखरखाव और सिंचाई कार्य नहीं कर पा रहा है।
लोक निर्माण विभाग के चार जिलों के लिए बनाए गए हॉर्टिकल्चर डिवीजन की जिम्मेदारी राजधानी शिमला के सरकारी आवासों, मंत्रियों और वीआईपी भवनों के साथ जिला शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर के सरकारी भवन परिसरों में लगे पौधों और फूलों के रखरखाव की होती है। इसके लिए सरकार हर वर्ष अलग से बजट जारी करती है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चार करोड़ रुपये की मांग की थी जो अभी तक ट्रेजरी से जारी नहीं हो सका है। इसी कारण विभाग का यह डिविजन नियमित कार्य नहीं कर पा रहा है।
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हालांकि पिछले वर्ष की देनदारियों के लिए एनओसी के तहत एक करोड़ दस लाख रुपये का बजट जारी हुआ है, जिससे बकाया भुगतान किया गया है। इस वर्ष सरकारी भवनों और शिमला शहर में लगाए विभिन्न प्रजातियों के फूलों का रखरखाव तभी संभव हो पाएगा जब मांगा गया चार करोड़ रुपये का बजट जारी होगा। यदि इसी तरह गर्मी का दौर जारी रहा तो शहर भर में गमलों में लगे फूल सूखकर बर्बाद हो सकते हैं।
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