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हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभ : अनुपम
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यूको बैंक ने कार्यक्रम में किया गया आह्वन
ग्राहकों को बांटे रुपे डेबिट कार्ड, दो लाख की सहायता दी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए चल रहे संतृप्ति अभियान के तहत वीरवार को यूको बैंक ने शिमला आईएसबीटी में जागरूकता एवं लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक शिमला के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन को प्रभावी बनाने के लिए सभी बैंकों को री-केवाईसी प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना होगा। हिमाचल में लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए सभी बैंक समन्वित प्रयास करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूको बैंक अंचल कार्यालय शिमला के अंचल प्रमुख एवं एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के संयोजक कमल कुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहा संतृप्ति अभियान वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान यूको बैंक की रामनगर और संजौली शाखाओं के ग्राहकों को रुपे डेबिट कार्ड वितरित किए गए। साथ ही ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के उपयोग के लिए जागरूक किया गया और ऑनलाइन लेनदेन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने संबंधी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर यूको बैंक की ओर से दिवंगत अंशुल शर्मा की नामिती एवं उनकी माता सीमा शर्मा को दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता का चेक भी प्रदान किया गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा बैंकिंग सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के प्रभारी दीपक कुमार ने सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों का आभार व्यक्त किया।
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ग्राहकों को बांटे रुपे डेबिट कार्ड, दो लाख की सहायता दी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के लिए चल रहे संतृप्ति अभियान के तहत वीरवार को यूको बैंक ने शिमला आईएसबीटी में जागरूकता एवं लाभ वितरण कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक शिमला के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन को प्रभावी बनाने के लिए सभी बैंकों को री-केवाईसी प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना होगा। हिमाचल में लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के लिए सभी बैंक समन्वित प्रयास करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूको बैंक अंचल कार्यालय शिमला के अंचल प्रमुख एवं एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के संयोजक कमल कुमार शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक चल रहा संतृप्ति अभियान वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के दौरान यूको बैंक की रामनगर और संजौली शाखाओं के ग्राहकों को रुपे डेबिट कार्ड वितरित किए गए। साथ ही ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के उपयोग के लिए जागरूक किया गया और ऑनलाइन लेनदेन को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने संबंधी जानकारी दी गई।
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इस अवसर पर यूको बैंक की ओर से दिवंगत अंशुल शर्मा की नामिती एवं उनकी माता सीमा शर्मा को दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता का चेक भी प्रदान किया गया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता, डिजिटल बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा बैंकिंग सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एसएलबीसी हिमाचल प्रदेश के प्रभारी दीपक कुमार ने सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्राहकों का आभार व्यक्त किया।
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