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AIIMS Bilaspur: एम्स बिलासपुर में पहली सफल व्हिपल सर्जरी, कैंसर मरीजों को बड़ी राहत

Fri, 03 Jul 2026 06:10 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 03 Jul 2026 06:10 AM IST
सार

प्रदेश में पैंक्रियाज और पित्त नली के कैंसर के मरीजों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब ऐसी जटिल सर्जरी के लिए हर बार प्रदेश से बाहर जाने की मजबूरी कम हो सकती है। 

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First successful Whipple surgery at AIIMS Bilaspur; major relief for cancer patients.
एम्स बिलासपुर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एम्स बिलासपुर के सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग ने पहली बार पैंक्रियाज और पित्त नली के कैंसर से पीड़ित मरीजों की सफलतापूर्वक व्हिपल सर्जरी कर चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में पैंक्रियाज और पित्त नली के कैंसर के मरीजों के लिए यह राहत भरी खबर है। अब ऐसी जटिल सर्जरी के लिए हर बार प्रदेश से बाहर जाने की मजबूरी कम हो सकती है। पैंक्रियाज और पित्त नली के कैंसर का इलाज सबसे जटिल शल्य प्रक्रियाओं में माना जाता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इन मामलों में समय पर ऑपरेशन ही मरीज के बचाव का सबसे प्रभावी विकल्प होता है। हालांकि, यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा होता है और इसे केवल विशेषज्ञ सर्जनों की टीम ही अंजाम दे सकती है।

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यही वजह है कि ऐसे मरीजों को अक्सर चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता रहा है। एम्स बिलासपुर में हुई यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि व्हिपल प्रक्रिया तकनीकी रूप से बेहद कठिन होती है। इसमें पैंक्रियाज, पित्त नली और छोटी आंत के प्रभावित हिस्से की जटिल शल्य चिकित्सा की जाती है। यदि मरीज की रक्त वाहिकाओं की संरचना सामान्य से अलग हो तो ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। एम्स बिलासपुर का कहना है कि कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) के मार्गदर्शन में इस उपलब्धि के बाद संस्थान का अगला लक्ष्य यकृत, पैंक्रियाज और पित्त नलियों (एचपीबी) से जुड़े जटिल रोगों के उपचार के लिए प्रदेश का उच्च स्तरीय रेफरल सेंटर बनना है। इससे हिमाचल के मरीजों को भविष्य में जटिल कैंसर सर्जरी और उन्नत उपचार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

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इस टीम ने किया ऑपरेशन

इस ऑपरेशन को सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभाग प्रभारी डॉ. मोहिम ठाकुर के नेतृत्व में पूरा किया। टीम में डॉ. अजय धीमान और डॉ. अनिल शामिल रहे। वहीं एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. विजयलक्ष्मी शिवपुरे के नेतृत्व में डॉ. लक्ष्मी और डॉ. अमृता ने भी ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

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