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Shimla News: पहले चरण में हिम परिवार से जुड़ेंगे जिले के 12,000 किसान
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आठ हजार किसानों का हो चुका है पंजीकरण, 26 मार्च तक पूरी होगी पहले चरण की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला में राजीव गांधी प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना के अंतर्गत खेती कर रहे किसानों को हिम परिवार में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में जिले के 12,000 किसान जोड़े जाने हैं जिनमें से करीब 8 हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
आतमा परियोजना की ओर से पहले चरण में किसानों को हिम परिवार में जोड़ने की प्रक्रिया 26 मार्च तक पूरी कर दी जाएगी। सरकार की ओर से इन किसानों को हिम परिवार से इसलिए जोड़ा जा रहा है ताकि भविष्य में किसानों को हर योजनाओं की सुविधा मिल सके। प्रदेश में जितनी भी किसान कल्याणकारी योजनाएं सरकार की ओर से चलाई जा रही हैं उनका अनुदान डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में तभी संभव होगा यदि वे हिम परिवार से जुड़े होंगे। जिले में करीब 27 हजार किसान प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना से जुड़े हैं लेकिन पहले चरण में केवल उत्कृष्ट प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को चयनित किया गया है। इसके बाद अन्य किसानों को भी इस योजना से जोड़ा जाना है।
कृषि विभाग के अंतर्गत आतमा परियोजना जिला शिमला की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत जिले के 13 विकास खंडों और 412 पंचायतों में प्राकृतिक खेती करवाई जा रही है जिसमें प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना के अंतर्गत किसानों को देसी गाय के लिए 25,000, गोशाला के पक्का फर्श के लिए 8,000 और ड्रम के लिए अधिकतम 2,250 रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा शिमला में नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग के अंतर्गत 50 क्लस्टर खोले गए हैं जिसमें 6,720 किसानों को लाभान्वित किया गया है। आतमा परियोजना के तहत किसानों की ट्रेनिंग, गोष्ठी, एक्सपोजर विजिट भी करवाए जाते हैं।
आतमा परियोजना निदेशक देवीचंद कश्यप ने बताया कि किसानों को हिम परिवार से जोड़ने लिए आतमा परियोजना शिमला के तहत हर ब्लॉक में काम किया जा रहा है जिसमें अभी तक करीब 8 हजार किसानों को इससे जोड़ा जा चुका है। यदि किसी भी किसान का ईकेवाईसी नहीं हुआ है तो ब्लॉक में जाकर बीटीएम का सहयोग लेकर ईकेवाईसी करवा सकते हैं। किसानों के पंजीकृत फोन नंबर पर ओटीपी आता है जिसे ईकेवाईसी करने के लिए फार्म में भरना होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला में राजीव गांधी प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना के अंतर्गत खेती कर रहे किसानों को हिम परिवार में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में जिले के 12,000 किसान जोड़े जाने हैं जिनमें से करीब 8 हजार किसानों का पंजीकरण हो चुका है।
आतमा परियोजना की ओर से पहले चरण में किसानों को हिम परिवार में जोड़ने की प्रक्रिया 26 मार्च तक पूरी कर दी जाएगी। सरकार की ओर से इन किसानों को हिम परिवार से इसलिए जोड़ा जा रहा है ताकि भविष्य में किसानों को हर योजनाओं की सुविधा मिल सके। प्रदेश में जितनी भी किसान कल्याणकारी योजनाएं सरकार की ओर से चलाई जा रही हैं उनका अनुदान डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में तभी संभव होगा यदि वे हिम परिवार से जुड़े होंगे। जिले में करीब 27 हजार किसान प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना से जुड़े हैं लेकिन पहले चरण में केवल उत्कृष्ट प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को चयनित किया गया है। इसके बाद अन्य किसानों को भी इस योजना से जोड़ा जाना है।
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कृषि विभाग के अंतर्गत आतमा परियोजना जिला शिमला की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत जिले के 13 विकास खंडों और 412 पंचायतों में प्राकृतिक खेती करवाई जा रही है जिसमें प्राकृतिक खेती किसान खुशहाल योजना के अंतर्गत किसानों को देसी गाय के लिए 25,000, गोशाला के पक्का फर्श के लिए 8,000 और ड्रम के लिए अधिकतम 2,250 रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा शिमला में नेशनल मिशन ऑन नैचुरल फार्मिंग के अंतर्गत 50 क्लस्टर खोले गए हैं जिसमें 6,720 किसानों को लाभान्वित किया गया है। आतमा परियोजना के तहत किसानों की ट्रेनिंग, गोष्ठी, एक्सपोजर विजिट भी करवाए जाते हैं।
आतमा परियोजना निदेशक देवीचंद कश्यप ने बताया कि किसानों को हिम परिवार से जोड़ने लिए आतमा परियोजना शिमला के तहत हर ब्लॉक में काम किया जा रहा है जिसमें अभी तक करीब 8 हजार किसानों को इससे जोड़ा जा चुका है। यदि किसी भी किसान का ईकेवाईसी नहीं हुआ है तो ब्लॉक में जाकर बीटीएम का सहयोग लेकर ईकेवाईसी करवा सकते हैं। किसानों के पंजीकृत फोन नंबर पर ओटीपी आता है जिसे ईकेवाईसी करने के लिए फार्म में भरना होता है।