सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Five major irrigation projects in the state to be renovated at a cost of 668.69 crore; proposal sent to the Ce

Himachal: प्रदेश के पांच बड़े सिंचाई प्रोजेक्टों का 668.69 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार, केंद्र को भेजा प्रस्ताव

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 27 May 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
सार

वर्षों पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण के लिए 668.69 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति प्रदान की गई।

Five major irrigation projects in the state to be renovated at a cost of 668.69 crore; proposal sent to the Ce
सिंचाई परियोजना(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाने के लिए जल शक्ति विभाग ने प्रदेश की पांच बड़ी और वर्षों पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण के लिए 668.69 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के तहत प्रदेश के उन प्रमुख सिंचाई ढांचों को चिह्नित किया गया है, जो लंबे समय से कम क्षमता पर संचालित हो रहे थे या जिनके सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित कार्यों के पूरा होने के बाद कुल 14,798 हेक्टेयर कमान क्षेत्र (सीसीए) को लाभ मिलेगा। जीर्णोद्धार के लिए चयनित योजनाओं में सिरमौर जिले की गिरी बाटा मध्यम सिंचाई परियोजना सबसे पुरानी परियोजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी। इसके सुधार पर 265.44 करोड़ खर्च किए जाएंगे और इससे 3,891 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ मिलेगा।

Trending Videos

मंडी जिले की बल्ह घाटी मध्यम सिंचाई परियोजना के राइट बैंक पर 43.61 करोड़ तथा लेफ्ट बैंक पर 87.19 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। इसी तरह बिलासपुर जिले की चंगर क्षेत्र की मध्यम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के जीर्णोद्धार पर 202.88 करोड़ और कांगड़ा जिले की सिद्धार्था मध्यम सिंचाई परियोजना पर 64.57 करोड़ खर्च किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के आधुनिकीकरण से खेतों और बागानों तक बारहमासी सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जिससे कृषि और बागवानी उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। सरकार के अनुसार इन योजनाओं से मंडी, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के हजारों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। सूखे की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जल शक्ति विभाग देख रहे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र से बजट मंजूरी मिलते ही इन परियोजनाओं पर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed