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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal: 34,000 scholarships stalled due to lack of Aadhaar-bank linkage; Education Department on alert

हिमाचल: आधार-बैंक लिंक नहीं होने से अटकीं 34 हजार छात्रवृत्तियां, कोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग अलर्ट

Wed, 29 Jul 2026 06:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 29 Jul 2026 06:15 AM IST
सार

मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा विभाग को सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों की 31 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

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Himachal: 34,000 scholarships stalled due to lack of Aadhaar-bank linkage; Education Department on alert
छात्रवृत्ति (सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईबीसी) तथा डीएनटी वर्ग के 34,088 विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां आधार से बैंक खाते लिंक न होने के कारण लंबित पड़ी हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा विभाग को सभी पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों की 31 जुलाई 2026 तक शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अमित कुमार बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों को लंबित छात्रवृत्तियों का भुगतान चार माह के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। 

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बैंक खातों की आधार सीडिंग तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश
 अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यार्थी की छात्रवृत्ति किसी कारण से जारी नहीं हो पाती है तो संबंधित छात्र और शिक्षण संस्थान को दो माह के भीतर कारणों सहित सूचना देना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में छात्र हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा है कि छात्रवृत्ति लंबित होने के कारण किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकता। न ही उसे छात्रावास से निकाला जा सकता है, कक्षाओं में बैठने से वंचित किया जा सकता है और न ही उसकी अंकतालिका या डिग्री रोकी जा सकती है। अदालत ने ऐसे मामलों में शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए हैं। निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों, प्रधानाचार्यों, मुख्याध्यापकों, हेड ऑफ इंस्टीट्यूशन और इंस्टीट्यूट नोडल अधिकारियों को लंबित विद्यार्थियों की सूची के अनुसार बैंक खातों की आधार सीडिंग तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी गई है कि यदि आधार सीडिंग में लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिलती है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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पीएम-यशस्वी योजना में सबसे ज्यादा लंबित मामले
चार वर्षों के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 11,311 मामले पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लंबित हैं, जबकि पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक योजना के 6,795 मामले अभी भी निपटारे की प्रतीक्षा में हैं। एससी प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के 9,578 तथा एससी पोस्ट-मैट्रिक के 3,162 मामले भी लंबित सूची में शामिल हैं। वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 15,078 छात्रवृत्ति मामले लंबित रहे। इनमें पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 7,097 और पोस्ट-मैट्रिक के 4,367 मामले शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार से सीमित अनुदान मिलने के कारण भी कुछ पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं हो सका। वर्ष 2025-26 में अब तक 12,778 छात्रवृत्ति आवेदन आधार सीडिंग न होने के कारण लंबित हैं। इनमें एससी प्री-मैट्रिक के 4,524, पीएम-यशस्वी प्री-मैट्रिक के 3,599 और पीएम-यशस्वी पोस्ट-मैट्रिक के 1,665 मामले प्रमुख हैं।

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