हिमाचल प्रदेश: स्टेट गेस्ट के ठहराव पर 4.86 करोड़, गाड़ियाें पर 1.65 करोड़ रुपये खर्च; ये नेता रहे राज्य अतिथि
स्टेट गेस्ट के ठहराव पर तीन साल में हिमाचल प्रदेश में 4.86 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं, गाड़ियों पर 1.65 करोड़ व्यय किए गए। ये जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने स्टेट गेस्ट के ठहराव पर तीन साल में 4.86 करोड़ रुपये खर्च किए। गाड़ियों पर 1.65 करोड़ व्यय किए गए। भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार के प्रश्न के लिखित उत्तर के रूप में यह जानकारी सदन के पटल पर मुख्यमंत्री की ओर से रखी गई।
17 जनवरी 2023 को सांसद राजीव शुक्ला के ठहरने और खाने की व्यवस्था पर 2.35 लाख व गाड़ी पर 11,687 व्यय किए। 25 फरवरी 2024 को ठहरने के लिए 5.13 लाख व गाड़ी पर 1.23 लाख खर्च किए। 26 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिरमौर दौरे के दौरान आवासीय व्यवस्था पर 6.10 लाख व वाहन व्यवस्था पर 9.76 लाख रुपये व्यय किए गए। अगस्त 2023 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ठहराव पर 39,605 रुपये व्यय किए गए। सितंबर 2023 में प्रियंका गांधी राज्य अतिथि रहीं, उनके सर्किट हाउस शिमला में 36,910 रुपये व्यय किए गए, जबकि गाड़ी का प्रबंध खुद किया। 12 अक्तूबर 2025 को सचिन पायलट स्टेट गेस्ट रहे। उनका गाड़ी का व्यय 8,302 रुपये रहा। हालांकि, ठहरने की व्यवस्था उन्होंने खुद की।
पार्लियामेंटरी कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह दो मई 2025 को शिमला आए तो उनके ठहराव पर 43,290 रुपये और गाड़ी पर 10,503 खर्च हुए। हिमाचल मूल के नेताओं में 17 जनवरी 2023 को पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा राज्य अतिथि बनाए गए तो उनके रहने खाने और ठहरने पर 6012 रुपये और गाड़ी पर 59,040 रुपये खर्च किए गए।
तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर नवंबर और दिसंबर 2023 में राज्य अतिथि रहे। उनके ठहरने पर 37,335 रुपये और गाड़ी पर 7.66 लाख रुपये खर्च हुए। जनवरी, फरवरी 2024 में उनके ठहराव पर 1260 रुपये और गाड़ी पर 3,25,634 रुपये व्यय किए गए। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा नवंबर 2023 और जनवरी 2023 में रहे और उनके ठहराव पर 11,860 रुपये व गाड़ी पर 92,110 रुपये व्यय किए। फरवरी व अप्रैल 2024 गाड़ी पर 31,570 रुपये व ठहराव पर 500 रुपये व्यय हुए। 2025-26 में भी कई नेता राज्य अतिथि रहे। इनमें कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के कई नेताओं के अलावा न्यायाधीश, अधिकारी आदि शामिल हैं।