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हिमाचल प्रदेश: भाजपा-कांग्रेस की बढ़ेगी टेंशन! तीसरे मोर्चे के लिए कदमताल, कुल्लू में 40 नेताओं की गुप्त बैठक

संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू/बिलासपुर Published by: Ankesh Dogra Updated Tue, 10 Mar 2026 10:15 AM IST
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सार

हिमाचल प्रदेश में तीसरा राजनीतिक विकल्प जनता को मिल सकता है। जी हां, सूत्रों के अनुसार कुल्लू की वादियों में दो दिन पहले भुंतर व बजौरा क्षेत्र में तीसरे मोर्चे की नींव रखने के लिए एक गुपचुप बैठक हुई है। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal 40 leaders hold a secret meeting in Kullu to form a third front
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हिमाचल प्रदेश की राजनीति में तीसरे राजनीतिक विकल्प की सुगबुगाहट अब सामने आने लगी है। पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडेय ने कुल्लू के बाद सोमवार को बिलासपुर पहुंचे, जहां भाजपा और कांग्रेस से नाराज चल रहे नेताओं के साथ बैठक की।

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सूत्रों के अनुसार कुल्लू की वादियों में दो दिन पहले भुंतर व बजौरा क्षेत्र में तीसरे मोर्चे की नींव रखने के लिए एक गुपचुप बैठक हुई है। इसमें प्रदेश के लगभग आठ से दस जिलों के करीब पूर्व मंत्री व पूर्व विधायकों ने भाग लिया। दावा किया जा रहा है कि इस बैठक में दो दर्जन पूर्व मंत्री व पूर्व विधायकों सहित कुल करीब 40 नेता शामिल हुए। ये वो नेता थे जिनका 2022 के विस चुनाव में भाजपा व कांग्रेस ने टिकट काटा था और कुछ नेता लंबे समय से रूष्ठ चल रहे हैं। तीसरे विकल्प की संभावना को लेकर इन नेताओं ने आगामी विस चुनावों को लेकर रणनीति पर मंथन किया गया है।

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उधर, शिमला जाते हुए जुखाला के आसपास कुछ प्रभावशाली नेताओं की बैठक की। इसमें इस बात पर सहमति बनी कि किसी भी राष्ट्रीय दल के साथ समझौते के बजाय हिमाचल के हितों को केंद्र में रखकर एक मजबूत क्षेत्रीय मंच तैयार किया जाए। बैठक में मौजूद नेताओं के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि प्रदेश के महत्वपूर्ण फैसले दिल्ली के बजाय हिमाचल की परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर होने चाहिए। नेताओं ने माना कि प्रदेश की नीतियों में स्थानीय संसाधनों और जनता की प्राथमिकताओं को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।

सूत्रों के अनुसार प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर भी बैठक में चिंता जताई गई। चर्चा के दौरान सुझाव दिया गया कि हिमाचल को कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय अपने प्राकृतिक संसाधनों, वन संपदा और पर्यटन के माध्यम से राजस्व बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। बताया गया कि जंगलों में उपलब्ध संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग और पर्यटन ढांचे को मजबूत कर प्रदेश की आय में बड़ा इजाफा किया जा सकता है।

किसी एक चेहरे को आगे नहीं किया जाएगा
सूत्र बताते हैं कि संभावित तीसरे मोर्चे को लेकर फिलहाल किसी एक चेहरे को आगे करने के बजाय पहले मजबूत संगठन खड़ा करने पर सहमति बनी है। इसके तहत ब्लॉक और जिला स्तर पर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने और उसके बाद नेतृत्व के औपचारिक एलान की रणनीति पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में शामिल कई नेताओं का अपने क्षेत्रों में अच्छा जनाधार है।

अब हमीरपुर में होगी अगली बैठक
अगली बैठक हमीरपुर क्षेत्र में प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह की बैठकों के जरिये संभावित तीसरे मोर्चे के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, इस विषय पर डॉ. रामलाल मार्कंडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वो अभी इस विषय पर कुछ नहीं बता सकते। 
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