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हिमाचल: सेब बागवानों को बड़ी राहत, सरकार ने जारी किए 45 करोड़ रुपये; एचएमआईएस वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च

Fri, 17 Jul 2026 04:20 PM IST
Ankesh Dogra न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 17 Jul 2026 04:20 PM IST
सार

हिमाचल सरकार ने एमआईएस के तहत सेब उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एचएमआईएस वेबसाइट और मोबाइल ऐप लॉन्च कर सेब खरीद प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की शुरुआत की। नई व्यवस्था के तहत बागवान ऑनलाइन पंजीकरण, स्लॉट बुकिंग और भुगतान की जानकारी एसएमएस के जरिए प्राप्त कर सकेंगे।

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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सेब उत्पादकों को एक महत्वपूर्ण राहत प्रदान करते हुए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत वर्षों से लंबित भुगतान के लिए 45 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को बागवानी विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में एमआईएस के अंतर्गत खरीदे गए सेबों का बकाया भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बागवानों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है।
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भुगतान प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि एमआईएस के तहत 30 बैग तक सेब बेचने वाले अधिकांश उत्पादकों को भुगतान पहले ही किया जा चुका है। वहीं, 100 बैग या उससे अधिक सेब बेचने वाले बागवानों के भुगतान की प्रक्रिया भी अब शुरू कर दी गई है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी पात्र बागवानों को समयबद्ध तरीके से उनका बकाया भुगतान उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
 
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एचएमआईएस की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ
इस समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने बागवानी मंडी मध्यस्थता योजना (एचएमआईएस) की एक नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म सेब खरीद से लेकर प्रसंस्करण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखेगा। इस पहल से खरीद प्रणाली में पारदर्शिता आएगी, रिकॉर्ड प्रबंधन आसान होगा और बागवानों को अपनी उपज से संबंधित हर जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी।
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नई व्यवस्था से बागवानों को सुविधा
नई व्यवस्था के तहत, सेब उत्पादकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा, जिसमें आधार संख्या, भूमि संबंधी विवरण और बैंक खाते की जानकारी शामिल होगी। इसके बाद, वे ऑनलाइन समय स्लॉट बुक कर अपने सेब निर्धारित समय पर खरीद केंद्रों में बेच सकेंगे। खरीद और भुगतान से जुड़ी हर जानकारी एसएमएस के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी, जिससे अनावश्यक इंतजार और परेशानी कम होगी।

संग्रहण केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब खरीद सीजन शुरू होने से पहले सभी संग्रहण केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के कर्मचारियों की भी सेवाएं ली जाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संचालित हो सके और बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

किसानों और बागवानों के हितों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी दिशा में, सेब की पैकेजिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पादकों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। यह कदम प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
 
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