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Himachal Assembly: विरोध के बीच अयोग्य घोषित विधायकों की पेंशन बंद करने का विधेयक सदन में पारित

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Apr 2026 06:50 PM IST
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सार

विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा में पारित हो गया।

Himachal Assembly: Amid Protests, Bill to Stop Pensions of Disqualified Legislators Passed in House
हिमाचल प्रदेश विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदस्यों के भत्ते और पेंशन संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा में पारित हो गया। हालांकि, विपक्ष की ओर से विधेयक का विरोध किया गया। प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि विधेयक में संशोधन रेट्रोस्पेक्टिव (पिछली अवधि से) के लिए नहीं हो सकता। भविष्य के लिए होना चाहिए। संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि पहले भी सरकार इस बिल पर संशोधन लाकर पारित कर चुकी है। 

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इस बार जो संशोधन लाया गया है, वह 3,4 विधायकों को पेंशन लाभ न मिले, इसके लिए लाया गया है। सदन में लाए जाने वाले विधेयक या संशोधन जनहित में लाए जाने चाहिए न कि सरकार से नाराज विधायकों पर बदले की भावना से कार्रवाई के लिए। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र में सभी की इच्छा का सम्मान होना चाहिए। दल-बदल कानून को मजबूत करने के लिए संशोधन लाया जाना चाहिए था। जबकि मुख्यमंत्री तो जो विधायक नाराज थे, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संशोधन लाए। जिन विधायकों ने अपनी अंतर आत्मा की आवाज पर फैसला लिया, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर राजनीतिक प्रतिशोध लेने का प्रयास किया। विधेयक को लेकर अगर कोर्ट में फैसला सही नहीं पाया गया तो इस सदन की फजीहत होगी।

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बिलासपुर से विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि विधेयक में संशोधन भविष्य के लिए होता है। इस मामले में यह जो पहले घटित हो चुका है, उस पर संशोधन लाया गया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि दलबदल रोकने के लिए संशोधन लाया गया है। विधायकों ने कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा और फिर दलबदल कर दिया। यह हिमाचल की परंपरा नहीं है। आरोप लगाया कि विपक्ष दलबदल को प्रोत्साहित कर रहा है। इनकी मंशा हमेशा चुनी हुई सरकारों को गिराने की रहती है। हिमाचल में जब ऑपरेशन लोटस फेल हुआ तो इस तरह की बातें की जा रही हैं। इस पर रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकारें गिराने का इतिहास कांग्रेस का रहा है। 90 बार कांग्रेस ऐसे प्रकरणों में शामिल रही है। नोकझोंक पर विराम लगाते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि मौजूदा समय में 14वीं विधानसभा चल रही है और संशोधन 14वीं विधानसभा पर ही लागू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में यह संशोधन सिर्फ कांग्रेस के विधायकों पर ही नहीं, भाजपा के विधायकों पर भी लागू होगा। यह संशोधन विधेयक इस टर्म और भविष्य के लिए लाया गया है।

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