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हिमाचल विधानसभा सत्र: पीएम ग्रामीण सड़क योजना की धीमी गति पर कांग्रेस विधायकों ने घेरी अपनी सरकार

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 02 Apr 2026 05:57 PM IST
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सार

 गुरुवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान देहरा और ज्वालामुखी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की सुस्ती का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया।

Himachal Assembly Session: Congress MLAs Corner Their Own Govt Over Slow Pace of PM Rural Roads Scheme
हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत चल रहे कार्यों की धीमी गति को लेकर कांग्रेस के विधायक ही अपनी सरकार के खिलाफ मुखर हो गए हैं। गुरुवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान देहरा और ज्वालामुखी क्षेत्रों में सड़क निर्माण की सुस्ती का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। देहरा से कांग्रेस विधायक कमलेश ठाकुर ने कहा कि 18 जुलाई 2024 को जिन पांच सड़कों की अपग्रेडेशन का कार्य सौंपा गया था, वह अब तक महज 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ का ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है और तय समयसीमा का पालन नहीं किया जा रहा। निर्माण कार्यों में लापरवाही के चलते सड़कों पर लगातार धूल उड़ रही है, जिससे आसपास के लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केमिकल प्रयोग होने से लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने ठेकेदार की कंपनी के बीच पिता-पुत्र का कोई विवाद भी चल रहा है। ऐसे में मशीनरी को कभी शाहपुर ले जाते हैं तो कभी ज्वालामुखी। इससे काम प्रभावित हो रहा है।

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ठेकेदार उत्तराखंड में ब्लैक लिस्ट : संजय
कांग्रेस विधायक संजय रतन ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लोकनिर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारियों से मिलीभगत है, जिसके चलते स्थानीय लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जिस कंपनी के ठेकेदार को काम दिया गया है, उसे उत्तराखंड में ब्लैक लिस्ट किया गया है। प्रदेश में इस कंपनी को विभिन्न क्षेत्रों में 26 सड़कों का पैकेज दिया गया है। जिसे इसने सबलेट किया हुआ है। उन्होंने कहा कि संबंधित ठेकेदार को आवंटित 26 सड़कों का पैकेज तुरंत वापस लिया जाए और कार्य किसी जिम्मेदार एजेंसी को सौंपा जाए।

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सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर करेंगे जांच : विक्रमादित्य
जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कंपनी के कामकाज की जांच के लिए विभागीय सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी में ईएनसी और चीफ इंजीनियर को शामिल किया जाएगा। अगर कमेटी की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली तो टेंडर रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते दिनों भी कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को 31 जुलाई 2026 तक काम पूरा करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि टेंडर के माध्यम से कंपनी का चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि पीएमजेएसवाई तीन को दाे साल की एक्सटेंशन भी मिल गई है। प्रदेश में तीन हजार किलोमीटर सड़कों का काम जारी है।

भविष्य में दो से अधिक सड़क निर्माण नहीं देने पर होगा विचार : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पंजाब के कई लोगों ने हिमाचल में सड़कों के निर्माण के ठेके ले लिए है जबकि यह हिमाचल की भौगोलिक स्थिति से सही तरीके से वाकिफ नहीं हैं। बड़ी-बड़ी मशीनों से हिमाचल में खुदाई की जा रही है, जिससे कई जगह भूमि भी हिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विचार करेगी कि भविष्य में कंपनी की कैपेसिटी को देखते हुए एक या दो सड़कें ही अधिकतम दी जाएं। उन्होंने कहा कि देखा जाएगा कि नियमानुसार टेंडर रद्द हो सकते हैं नहीं। अगर किसी क्षेत्र में ठेकेदार की कंपनी ने सड़क निर्माण का काम शुरू भी नहीं किया होगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।

केंद्र ने 225 करोड़, प्रदेश सरकार ने बल्क ड्रग निर्माण को दिए 105.54 करोड़
 जिला ऊना के हरोली में बन रहे बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र सरकार ने अब तक 225 करोड़ रुपये की राशि जारी की है, जबकि प्रदेश सरकार की ओर से पार्क निर्माण के लिए 105.54 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने यह जानकारी विधायक इंद्र दत्त लखनपाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार के फार्मास्यूटिकल विभाग की ओर से बल्क ड्रग पार्क की सैद्धांतिक मंजूरी 30 अगस्त, 2022 में मिली है। 2 अक्तूबर, 2022 को इसकी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को भेजी गई। योजना एवं अंतिम स्वीकृति के अनुसार इस पार्क में सामान्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए भारत सरकार की ओर से 996.45 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में प्रदान किए जाने हैं। शेष राशि 1074.55 करोड़ राज्य की ओर से वहन किए जाने हैं। 

पोर्टल के माध्यम से की दवाइयों और सर्जिकल सामान की खरीद
 हिमाचल के आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों, क्षेत्रीय व जिला अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं के सामान्य प्रसव व सीजेरियन प्रसव के लिए प्रयोग की जा रही दवाइयां व सर्जिकल सामान की खरीद डीवीडीएमएस पोर्टल के माध्यम से की जाती है। जो दवाइयां डीवीडीएमएस पोर्टल में नहीं होती, उन्हें ई-टेंडर के माध्यम से खरीदा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी से 28 फरवरी तक मेडिकल कॉलेज नाहन के अलावा किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों द्वारा बाहर की दुकानों से सामान्य प्रसव और सीजेरियन प्रसव के लिए दवाइयां नहीं खरीदी गई है।
 

प्रदेश से पंजाब जाने वाले वाहनों पर टैक्स ज्यादा : मुकेश
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश से पंजाब जाने वाले वाहनों पर टैक्स ज्यादा पड़ता है, वहीं पंजाब से हिमाचल आनी वाली बसों पर टैक्स कम पड़ता है। पंजाब और हिमाचल सरकार के बीच करों की दरें संबंधित राज्य सरकारों की ओर से उनकी नीतियों, सड़क अवसंरचना के रखरखाव, भौगोलिक परिस्थितियों और राजस्व आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की जाती है। विभिन्न राज्यों में कर निर्धारण की पद्धति एवं दरें भिन्न होने के कारण प्रत्यक्ष तुलना प्रत्येक स्थिति में समान रूप से संभव नहीं होती। ऐसे में दोनों राज्यों में करों में अंतर स्वाभाविक है। उन्होंने यह जानकारी विधायक विवेक शर्मा की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। 

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