सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Assembly: CM Sukhu Says – Entry Tax to be Rationalized in Areas Bordering Punjab

हिमाचल विधानसभा: सीएम सुक्खू बोले- पंजाब सीमा से जुड़े क्षेत्र में होगा एंट्री टैक्स का युक्तिकरण

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Mon, 30 Mar 2026 06:27 PM IST
विज्ञापन
सार

 सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने कोई एंट्री टैक्स नहीं लगाया है।  यह पहले से ही लगा है। 

Himachal Assembly: CM Sukhu Says – Entry Tax to be Rationalized in Areas Bordering Punjab
विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू का संबोधन। - फोटो : आईपीआर विभाग
विज्ञापन

विस्तार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि पंजाब सीमा से जुड़े क्षेत्र में उन्होंने एंट्री टैक्स के युक्तिकरण को कह दिया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने कोई एंट्री टैक्स नहीं लगाया है। यह पहले से ही लगा है। कैबिनेट में भी इसके युक्तिकरण का मामला गया था। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पास से छूट दी जाएगी। जो बढ़ोतरी हुई है, उसका कारण एनएचएआई ने फास्टैग की वजह से है। सोमवार को प्रश्नकाल के बाद व्यवस्था का प्रश्न उठाते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एंट्री टैक्स लगाने का मामला उठाया। इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स को लगाना चिंता का विषय बन गया है। अगर हिमाचल का व्यक्ति पंजाब जाता है तो उसे दिक्कत हो रही है। इस विषय को समझते हुए पंजाब सरकार से बात करें। टैक्सी यूनियन भी नाराज है। पड़ोसी राज्यों के साथ कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने। सुक्खू ने कहा कि एंट्री टैक्स छोटी गाड़ियों का कोई ज्यादा नहीं बढ़ा है। बड़ी गाड़ियों का 130 से 170 रुपये बढ़ोतरी हुई है। नेशनल हाईवे में फास्ट टैग लगा है।

Trending Videos

जल्द निकलेगा एंट्री टैक्स मामले का हल: हर्षवर्धन
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि एंट्री टैक्स मामले पर मुख्यमंत्री ने पुनर्विचार करने का फैसला लिया है। पंजाब में जो प्रदर्शन हो रहे हैं उससे हिमाचल के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सरकार के समक्ष भी यह मामला उठाया गया था, जिसके बाद कैबिनेट में भी मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस पर विचार करेंगे। उम्मीद है कि जल्द ही इस मसले का हल निकलेगा। हिमाचल के अधिकतर औद्योगिक क्षेत्र सीमावर्ती इलाकों में स्थापित हैं, ऐसे में उद्योगों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्वास्थ्य, शिक्षा में पूंजीगत खर्च के लिए पैसे की कमी नहीं : सुक्खू
 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में पूंजीगत व्यय के लिए पैसे की कमी नहीं है। राजस्व व्यय के लिए बजट की कमी है। इसका खर्च वेतन और पेंशन पर होता है। सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में कटौती प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के उपकरणों की सरकार की स्वीकृति के बाद ही खरीद की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने कहा कि एम्स दिल्ली में भी सीएमसी पांच साल के लिए था। जो भी खरीद करेंंगे, उसे एम्स दिल्ली की स्पेसिफिकेशन के आधार पर करेंगे।

एम्स दिल्ली में वह मशीन वही विशिष्टता के साथ 25.91 में और हमने मशीन करीब 24 करोड़ में खरीदी। सुक्खू ने कहा कि दो का टेंडर हुआ। तीन रोबोटिक सर्जरी उपकरण के और ऑर्डर किए। पूरी पारदर्शिता बरत रहे हैं। पैट स्कैन मशीन लगाई गई और दूसरी टांडा के लिए खरीद रहे हैं। दस से पंद्रह साल पुराने एक्सरे मशीनें हैं। जोनल अस्पतालों में दस से 15 साल पुरानी एक्सरे मशीनें हैं। उन्हें बदला जा रहा है। आईसीयू के बेड भी सृजित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य शिक्षा में तीन हजार कराेड़ रुपये जाइका के माध्यम से खर्च किए जा रहे हैं। नेरचौक में पीजी शुरू की जाएगी।

मैं एम्स दिल्ली में एक दिन के लिए एडमिट हुआ, आटोमेटिड टेस्ट मशीन नहीं देखी
सीएम बोले-मैं एम्स दिल्ली में एक दिन के लिए एडमिट हुआ। वहां मैंने आटोमेटिड टेस्ट मशीन नहीं देखी। कितने पैसे जेब में हैं, उस हिसाब से टेंडर लगाया जाता है। 23 साल में ओटीए के 18-18 पद निकाले जा रहे थे। वर्तमान सरकार ने 50 कर दिए। 900 स्टाफ नर्सों की मेडिकल कॉलेजों में भर्ती की जा रही हैं, 236 डॉक्टरों का रिजल्ट अभी मई-जून में निकल जाएगा। एसआरशिप को भी बढ़ाया गया है। पीजी की 275 सीटें सृजित की गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed