Himachal Budget 2026-27: आईजीएमसी, टांडा, हमीरपुर और नेरचौक में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा जल्द; जानें
Himachal Budget News In Hindi: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में एक साथ कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी हो या फिर हर जिले में एंजियोग्राफी एंजियोप्लास्टिरी सुविधा हो। वहीं, 99 करोड़ रुपये से स्कूल अपग्रेड करने की भी घोषणा हुई है। जानें विस्तार से...
विस्तार
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कई कदम उठाने का फैसला लिया है। 2026-27 के बजट में स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया है। डॉक्टरों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ साथ रिक्त पदों को भी भरने का फैसला लिया गया है। टांडा, हमीरपुर, चमियाना अस्पताल में अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन संस्थानों में ट्रैक बेस्ड इंटरग्रेडिट टोटल लेबोरेटरी ऑटोमेटिक सिस्टम से लैस एडवांस टेस्टिंग लैब शुरू होंगी। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से एक नए डेंटल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इस कॉलेज के ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये और डॉक्टरों के आवास के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आईजीएमसी शिमला, टांडा, हमीरपुर और नेरचौक में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी। इसके लिएलगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हमीरपुर और नेरचौक मेडिकल कॉलेज के लिए करीब 46 करोड़ रुपये की लागत से पैट स्कैन मशीनें खरीदी जाएंगी। पीईटी स्कैन की सुविधा टांडा और आईजीएमसी शिमला में भी जल्द शुरू की जाएगी। चमियाना में 20 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल एंजियोग्राफी मशीन स्थापित की जाएगी।
आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी के लिए जरूरी एनेस्थीसिया उपकरणों की खरीद पर 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ओबीजी विभाग की यूनिट स्थापना एवं रोबोटिक सर्जरी के लिए उपकरणों की खरीद के लिए 3 करोड़ 68 लाख रुपये, शल्य चिकित्सालय विभाग में लैप्रोस्कोपी सेट्स और इलेक्ट्रो सर्जरीकल स्टेशन खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये, नाहन में मशीनरियों और उपकरण की खरीद के लिए दो करोड़ की घोषणा की।
18 डे-केयर कैंसर सेंटर और चार डायग्नोस्टिक केयर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। आईजीएमसी, टांडा, बिलासपुर और मंडी के बीच टेली-ऑन्कोलॉजी सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव है। राज्य में इन हाउस डायग्नोस्टिक सर्विस को मजबूत किया जाएगा। 11 जिलों में चल रही इस योजना को जिला अस्पतालों और ब्लॉक स्तर पर शुरू किया जाएगा।
कैंसर और सेकेंडरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक हजार 731 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। दूसरे चरण में चिकित्सा महाविद्यालयों का करीब 1 हजार 617 करोड़ से आधुनिकीकरण किया जाएगा। सुपर स्पेशिलिटी को कैथ लैब सकार्डिक हब और एडवांस मेटरनल और चाइल्ड केयर सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
हमीरपुर में बनने वाले डेंटल कॉलेज के ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये और डॉक्टरों के आवास के लिए 7 करोड़ रुपये खर्च करने का भी प्रावधान किया गया है।
प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्वास्थ्य, पोषण और कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कुपोषण, एनीमिया और माइक्रोन्यूट्रिएंट की कमी को दूर करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश में पोषण नीति लागू करने की घोषणा की है।
जोनल अस्पताल कुल्लू, ऊना, सोलन और टांडा में कैथ लैब स्थापित होगी। हर जिले में एंजियोग्राफी एंजियोप्लास्टिरी की सुविधा होगी। चंबा फेस -2 का काम 194 करोड़ रुपये की लागत से शुरू होगा। नाहन में कॉलेज के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये, मेडिकल कॉलेज चंबा, हमीरपुर और नाहन में 40 बिस्तरों वाले आईसीयू की स्थापना की जाएगी। टांडा में लेक्चर थियेटर निर्माण के लिए 14 करोड़ 86 लाख और भवन के रखरखाव के लिए 2 करोड़ 27 लाख रुपये का प्रावधान किया है। हमीरपुर के सुपरस्पेशिलिटी ब्लॉक निर्माण के लिए 150 करोड़ परीक्षकों के आवास गेस्ट हाउस के लिए 2 करोड़ और 15 लाख रुपये की लागत से छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण होगा।
- बच्चों की बढ़ाई के लिए मेडिकल कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी।
- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम में एक करोड़ 50 लाख रुपये से डिजिटल एप्लीकेशन।
- हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की शुरूआत रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।
- नशे के खिलाफ नीति आयोग की मदद से स्टेट एक्शन प्लॉन।
- नॉन एल्कोहोलिक फेटी लिवर बीमार की रोकथाम, स्ट्रोक त्वरित निदान और उपचार, क्रोनिक किडनी रोग की शुरूआत में पहचान के लिए कार्डियक केयर नेटवर्क की स्थापना होगी।
पीजी कोर्स या सीनियर रेजिडेंट में चयन के कारण रिक्त हो रहे पदों को ध्यान में रखते हुए 300 पद ट्रेनी रिजर्व के रुप में सृजित किए जाएंगे। चिकित्सा अधिकारियों के 23 पद सृजित किए गए हैं, 232 पदों को लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरा जाएगा। 150 स्टाफ नर्स, 30 रेडियोग्राफर, 40 फार्मेसी अधिकारी, 500 रोगी मित्र और 99 ओटीए, सहायक स्टाफ नर्स के 900, पैरामेडिकल स्टाफ के 124 पद और जेओए आईटी के 50 पद भी भरे जाएंगे।कैंसर संस्थान हमीरपुर के लिए 469 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें 111 फैकल्टी, 180 नर्सिंग, 55 पैरामेडिकल और 123 अन्य सहायक श्रेणियां शामिल हैं। इन पदों को आगामी वर्ष में भरा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला सोलन के वाकनाघाट में अत्याधुनिक सेंटर आफ एक्सीलेंस आईटी स्थापित किया जाएगा। यहां एआई और मशीन लर्निंग लैब के साथ स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सुविधा विकसित की जाएगी। आईटी, आईटीईएस कंपनियों और सफल स्टार्टअप्स को व्यावसायिक उपयोग के लिए किराए पर स्थान भी उपलब्ध कराया जाएगा। राजधानी शिमला में सेंटर आफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना से उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलेगी। इससे प्रदेश के युवाओं को उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण और नवाचार के अवसर मिलेंगे, जिससे वह वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।
तकनीकी विवि और अटल मेडिकल विवि सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों में प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाएंगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों को राहत मिलेगी।
सरकार वाकनाघाट में एक अत्याधुनिक साइबर सिटी विकसित करेगी। इससे आईटी और आईटीईएस कंपनियों को आकर्षित किया जा सकेगा। इसके अलावा ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने के अवसर मिलेंगे प्रदेश को ग्रीन डाटा सेंटर के लिए एक आदर्श स्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार इन संस्थानों को 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराएगी।
11 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों और एक इंजीनियरिंग कॉलेज में न्यू ऐज और भविष्योन्मुखी कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन कोर्सों के माध्यम से छात्रों को आधुनिक तकनीकों और उद्योगों में तेजी से बदलती मांग के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि स्किल अकादमी युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए घुमारवीं क्षेत्र में सेल्फ फाइनेंसिंग मोड पर एक अत्याधुनिक स्किल अकेडमी स्थापित की जाएगी। इस अकादमी में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न रोजगारपरक कोर्स संचालित किए जाएंगे।
राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के नए भवनों के निर्माण और वर्तमान में क्रियाशील विद्यालयों को अपग्रेड करने के लिए 49 ऐसे स्कूलों को 99 करोड़ रुपये आवंटन करने की घोषणा की गई। सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में बहुमूल्य परिसंपत्ति की सुरक्षा के लिए स्कूलों में चौकीदार और मल्टी टास्क वर्करों के पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा।
150 और स्कूलों को साल 2027 में सीबीएसई से संबद्ध किया जाएगा। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से 150 स्कूलों में सीबीएसई की पढ़ाई शुरू होनी है। इन विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे में सरकार ने अगले वर्ष से और स्कूलों को भी योजना में शामिल करने की घोषणा की है।
हिमाचल प्रदेश में खेल गतिविधियों के लिए 22 कॉलेज विकसित होंगे और 50 में नए शैक्षणिक सत्र से व्यावसायिक स्नातक कोर्स पढ़ाए जाएंगे। शनिवार को बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मर्ज होने वाले कॉलेजों के विद्यार्थियों को जिला मुख्यालयों में शिफ्ट होने पर पांच हजार रुपये स्टाइपंड दिया जाएगा। उन्होंने हिमाचल में विशेष संकाय के कॉलेज बनाने का एलान भी किया। इसके तहत हमीरपुर से साइंस और हरिपुर गुलेर में फाइन आर्ट्स कॉलेज शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुछ डिग्री कॉलेज ऐसे हैं, जिनमें छात्रों की संख्या सौ से भी कम रह गई है। ऐसे संस्थानों में छात्रों को मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास का सही अवसर नहीं मिलता और न ही वे आने वाले समय के लिए अपने आप को तैयार कर पाते हैं।
उनमें आत्मविश्वास की कमी भी रहती है। पहले चरण में हम 75 विद्यार्थियों की संख्या वाले 11 कॉलेजों के छात्रों को जिला मुख्यालय के कॉलेजों में दाखिले लेने पर मासिक पांच हजार रुपये की राशि स्टाइपंड के तौर पर देंगे। इस योजना को वर्ष 2026-27 से शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के महाविद्यालयों में विभिन्न संकाय के तहत सहायक प्राध्यापकों के 389 पदों की भर्ती लोक सेवा आयोग के माध्यम से शुरू होगी।
प्रदेश में एकेडेमिया इंडस्ट्री कनेक्ट को बेहतर बनाने के लिए सीएसआर पहल और पीपीपी मोड में इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्स शुरू करने की पहल की जाएगी। कॉलेजों में ऑनलाइन लर्निंग, ब्लेंडेड लर्निंग और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए डेडिकेटेड लीज लाइन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा विभाग और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के परस्पर सहयोग से खेल हास्टलों को सुदृढ़ किया जाएगा। नादौन, सुंदनगर, मतियाणा, रोहडू, जुब्बल, माजरा, सरकाघाट, पपरोला, संधोल और मोरसिंघी में खेल हास्टलों के स्तर में व्यापक सुधार किया जाएगा और इनमें प्रशिक्षित कोच तथा अन्य स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे।
सभी यूजी कोर्स सेमेस्टर सिस्टम के माध्यम से फिर से शुरू होंगे। लचीले यूजी डिग्री प्रोग्राम की शुरुआत होगी और छात्रों को मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट का विकल्प दिया जाएगा। चुने गए डिग्री कॉलेजों में 4 साल में ऑनर्स और रिसर्च के साथ बैचलर डिग्री शुरू की जाएगी। एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) की शुरुआत होगी। बहु-अनुशासनात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। चुने गए कॉलेजों में अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम शुरू होगा। प्रदेश के टियर एक कॉलेजों में विदेशी पढ़ाई की पढ़ाई शुरू होगी।
चमियाना में आधुनिक तकनीक से होगी एंजियोग्राफी क्रिटिकल केयर सेंटर खुलेगा, शोघी में बनेगा तारामंडल
सुक्खू सरकार ने शिमला के लिए बजट में एआई और वेलनेस सेंटर के साथ शोघी में डिजिटल तारामंडल जैसी घोषणाएं की हैं। चमियाना में डिजिटल सबस्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी, क्रिटिकल केयर सेंटर खोलने का भी बजट में प्रावधान किया है। जिले में तीन खेल हॉस्टलों में सुधार होगा। लंबे समय से अटका कटासनी स्टेडियम भी जल्द तैयार होगा।
कांग्रेस सरकार की ओर से शनिवार को पेश किए बजट में जिले को स्वास्थ्य, पर्यटन और खेल सुविधाओं को मजबूत करने का सपना दिखाया है। ओजोनेश तकनीक से पानी शुद्ध करने, डक्ट बनाने और क्यूआर प्लेट जैसी योजनाएं शुरू कर शिमला बाकी शहरों के लिए मॉडल भी बनेगा। राजधानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानि एआई सेंटर और बनूटी में वेलनेस सेंटर खोलने जैसी नई घोषणाएं की गईं हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में चमियाना अस्पताल में आधुनिक ट्रेक बेस्ड इंटीग्रेटेड लेबोरेटरी ऑटोमेशन सिस्टम, एडवांस टेस्टिंग लैब स्थापित करने पर 25 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही है। अस्पताल के लिए बीस करोड़ की डिजिटल सबस्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी मशीन खरीदने की घोषणा भी की है। इन मशीनों के लगने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक ही सैंपल से कई तरह के टेस्ट की रिपोर्ट ऑनलाइन मिलेगी। डीएस एंजियोग्राफी मशीन के लगने से नसों की ब्लॉकेज खोलने की उच्च स्तरीय उपचार सुविधा मिलेगी। आईजीएमसी में बोनमैरो ट्रांसप्लांट एंड एफेरेसिस यूनिट स्थापित करने, पेट स्कैन मशीन शुरू करने की घोषणा भी बजट में की है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार होगा। सभी तरह के टेस्ट भी यहीं हो जाएंगे। मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
राजधानी शिमला से चंडीगढ़ और मनाली के लिए उड़ानें बढ़ेंगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। शिमला से दिल्ली और धर्मशाला के लिए सभी सात दिन उड़ानें होंगी। संजौली हेलीपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए हफ्ते में छह दिन और दिन में दो बार उड़ानें होंगी। इसी तरह संजौली से मनाली, चंडीगढ़, रामपुर रिकांगपिओ के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवाएं बढ़ेंगी। इससे पर्यटन कारोबार को भी रफ्तार मिलेगी।
शिमला शहर का बोझ कम करने के लिए कई और दफ्तर इस साल शिफ्ट किए जा सकते हैं। बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए दफ्तर दूसरी जगह शिफ्ट होंगे। शिमला में भी कई और दफ्तर शिफ्ट करने के संकेत दिए।
शहर के 10 हजार घरों को इसी साल 24 घंटे पानी मिलना शुरू हो जाएगा। क्यूआर कोड प्लेट और पंद्रह करोड़ की लागत से ओजोनेशन तकनीक से शुद्ध पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह तकनीक अन्य शहरों के लिए एक मॉडल के रूप में उभर कर आएगी। बजट भाषण में शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात कही। राजधानी के लोगों को अब तक पानी की कमी का सामना करना पड़ता था लेकिन अब 600 करोड़ की लागत से सतलुज पेयजल परियोजना का पानी शहर को पहुंच गया है।
शहरी क्षेत्रों में बनने वाली पेयजल योजनाओं के पाइप डक्ट बनाकर भूमिगत किए जाएंगे। इससे बार-बार सड़कों को होने वाले नुकसान और जनसाधारण को होने वाली असुविधा से बचाया जाएगा। मूलभूत ढांचे के रखरखाव के खर्चे भी इससे कम होंगे।
आईजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी के लिए पांच करोड़ से जरूरी उपकरणों की खरीद, ऑब्स्ट्रेटिक्स एंड गायनी (ओबीजी) विभाग की यूनिट स्थापना करने और रोबोटिक सर्जरी के लिए 3.68 करोड़ से उपकरण खरीदे जाएंगे। अन्य उपकरणों के लिए 2.38 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। आईजीएमसी के सर्जरी विभाग को चार लेप्रोस्कोपिक सेट, इलेक्ट्रोसर्जिकल स्टेशन के लिए पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
आईजीएमसी में लिफ्ट निर्माण पर 2.38 करोड़ और पार्किंग में लेक्चर थियेटर बनाने पर छह करोड़ रुपये खर्च होंगे। आईजीएमसी की मेडिकल छात्राओं के लिए लक्कड़ बाजार में दस करोड़ रुपये से छात्रावास बनेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 18 डे केयर कैंसर सेंटर में शामिल आईजीएमसी और अन्य सेंटरों के बीच लगातार तालमेल बनाने के लिए टेली ऑकोलॉजी सेवाएं शुरू करने की घोषणा भी की है। आईजीएमसी में मेडिकल छात्रों के लिए ई-लाइब्रेरी भी खुलेगी।
शहर में 400 करोड़ रुपये से व्यावसायिक परिसर बनेगा। मौजूदा समय में लोअर बाजार सब्जी मंडी के पास नगर निगम के कर्मचारी जिन आवासों में रह रहे हैं उन्हें गिराकर वहां परिसर का निर्माण होगा। कर्मचारियों को शहर में खाली दूसरे सरकारी आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। निगम की ओर से कर्मचारियों को इसके लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। इसके बाद खाली आवासों को तोड़कर इसकी जगह व्यवसायिक परिसर बनेगा।
जिला शिमला में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं बजट में की गई हैं। शिमला और नारकंडा में हर वीकेंड पर मेलों का आयोजन किया जाएगा। इससे शिमला में सैलानियों की आवाजाही बढ़ेगी। शिमला में नाइट पिकनिक योजना को भी पहली बार लागू करने की तैयारी है। बजट की इन घोषणाओं से शिमला में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। जिले के उपमंडल रामपुर की सरपारा में नौ नाग झील का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा।
वर्ष 2024 में सराहन के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सरपारा पंचायत की नौ नाग झील के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की थी लेकिन अभी तक इसका कार्य शुरू नहीं किया था। राजधानी में ऐतिहासिक इमारत बैंटनी कैसल में संग्रहालय के आधुनिकीकरण का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की है कि इस वर्ष इसका कार्य पूरा कर दिया जाएगा। यह प्रदेश का पहला डिजिटल इंटरएक्टिव स्क्रीन वाला संग्रहालय बनने जा रहा है। इसमें स्क्रीन पर आइकन दबाकर हिमाचल के इतिहास का पूरा डाटा मिलेगा। प्रदेश में वर्ष 2026-27 में 50 नए स्थल ईको टूरिज्म के लिए विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 50 प्रमुख वन विश्राम गृहों की बुकिंग को ऑन लाइन किया जाएगा। इसमें कुछेक विश्राम गृह शिमला के भी शामिल होंगे जिससे शिमला में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी।
शिमला में एआई सेंटर न सिर्फ युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार के लिए तैयार करेगा बल्कि नई योजनाएं तैयार करने में भी मदद देगा। इसे जल्द स्थापित करने की उम्मीद है। शोघी में डिजिटल तारा मंडल का निर्माण पूरा होगा। नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम के सहयोग से तैयार किया जा रहा यह प्लेटिनेरियम प्रदेश का पहला इस तरह का प्रोजेक्ट है। अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहरों के मुख्य स्थलों का रचनात्मक विकास होगा। इसमें पुराने शहर, बाजार या औद्योगिक क्षेत्र योजनाबद्ध तरीके से विकसित किए जाएंगे। इसमें शिमला और सुन्नी भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 50 फीसदी राशि बैंक लोन/ पीपीपी मोड के माध्यम से, 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 25 फीसदी राशि प्रदेश सरकार वहन करेगी।
जिले में खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लिए मुख्यमंत्री ने बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। कटासनी में बन रहे इंडोर स्टेडियम को जल्द तैयार किया जाएगा। स्पोर्ट्स हॉस्टल रोहड़ू, जुब्बल और मतियाना में खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। इनमें कोच और अन्य स्टॉफ की भर्ती भी होगी। राजकीय महाविद्यालय सरस्वती नगर और राजकीय महाविद्यालय रामपुर को खेल की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
बजट से कुछ मायूस, सराहना भी महंगाई रोकने के लिए कुछ नहीं
बजट में बढ़ती महंगाई को कम करने का कोई प्रावधान नहीं है। आम व्यक्ति के इस्तेमाल की हर चीज महंगी होती जा रही है। चाहे वह खाने का सामान हो या बच्चों की पढ़ाई। इस वर्ष के बजट से उम्मीद थी कि महंगाई रोकने के लिए कुछ प्रावधान होगा लेकिन कुछ नहीं है। कहा कि प्रदेश की सभी 1500 रुपये देने की घोषणा भी धरातल पर नहीं उतरी। अब नई घोषणा की गई है। ऐसे में उम्मीद अनुसार कुछ नहीं हुआ। -पूजा, नेहरा गांव
आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का बढ़ाया वेतन
इस वर्ष के बजट में आंगनबाड़ी और आशा वर्करों सहित मिड डे मील वर्करों के वेतन को बढ़ाने की घोषणा अच्छा संकेत है। गरीब बीपीएल परिवारों की बेटियों के लिए भी शुभ विवाह योजना के तहत 51,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा भी एक राहत का कार्य करेगी। ऐसे में सरकार महिलाओं का ध्यान रख रही है यह अच्छी बात है। -विद्या देवी, घनयोग पंचायत
बजट में शिक्षा के लिए कोई बड़ा निवेश नहीं न ही कोई ठोस योजना है। प्रदेश में स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। सरकार ने बजट में शिक्षा की अनदेखी की है। -अनिल ठाकुर, छात्र
युवाओं से किए वादे धरातल पर उतारे सरकार
बजट में सरकार ने युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। इस वित्तीय वर्ष में सरकार को इसे धरातल पर उतारना भी सुनिश्चित करना चाहिए। इससे पहले बजट भाषणों में की गईं घोषणाएं भी अधूरी है। -योगेंद्र शर्मा, कच्ची घाटी
सीएम सुक्खू द्वारा पेश किया बजट सराहनीय और दूरदर्शी है। इस बजट में सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। -प्रवीण मिन्हास, छात्र
रोजगार के लिए कोई ठोस नीति नहीं
बजट में रोजगार के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने एक साल में एक लाख रोजगार देने की गारंटी दी थी। बीते कल ही विधानसभा में पेश किए आर्थिक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि देश में औसत बेरोजगारी दर 10.2 और प्रदेश में 16.3 है। इस बजट में भी युवाओं के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। -रुपांश राणा, छात्र
यह सपनों का बजट है। बजट में ऐसी घोषणाएं हुई हैं जैसे बच्चों के हाथ में झुनझुना पकड़ा दिया है। बजट ऐसा है कि इसमें मनोरंजन भी हो और लोगों के हाथ भी कुछ नहीं लगेगा। -सुभाष वर्मा, पेंशनर
बजट में कुछ नहीं
प्रदेश सरकार के इस बजट में कारोबारियों के लिए कोई योजनाएं नहीं है। हैरत इस बात की है कि जितना कारोबारी सरकार को जीएसटी देते हैं उस हिसाब से कुछ न कुछ तो मिलना चाहिए था। -राज कुमार अग्रवाल, कारोबारी
बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट में कई बड़ी योजनाएं शामिल की हैं, जो सराहनीय कदम है। हालांकि जो नए शहर जो चंडीगढ़ के साथ बनाए जा रहे है वह प्रदेश के अंदर भी बनाए जा सकते थे। -कवि खन्ना, कारोबारी
गरीब किसान परिवारों की बढ़ेगी आय
बजट में सरकार ने गेहूं, मक्की, हल्की और अदरक के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को बढ़ाया है जो किसानों के लिए सराहनीय कदम है। इससे गरीब किसान परिवारों की आय में वृद्धि होगी। -अत्तर सिंह, पीरन
अदरक का 30 रुपये प्रतिकिलो समर्थन मूल्य
राज्य में पहली बार अदरक के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 30 रुपये प्रति किलोग्राम का प्रावधान किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य फसलों के एमएसपी को भी बढ़ाया है, यह बड़ी बात है। -जयचंद, चयावग गांव
बजट में गाय के दूध के खरीद मूल्य को 51 रुपये प्रतिकिलो से बढ़ाकर 61 रुपये प्रतिकिलो किया गया है, जिससे पशुपालकों को राहत मिली है। प्रदेश सरकार के बजट में हर वर्ग के लिए बेहतर योजनाएं हैं। -सत्या देवी, रौड़ी गांव
पशुपालकों के लिए राहत
सरकार का यह बजट पशुपालकों के लिए राहत भरा है। इसमें गाय और भैंस के दूध के मूल्य में 10 रुपये प्रतिकिलो तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा किसान और बागवानों के लिए भी बजट में कई घोषणाएं हैं। -प्रेम दास, चलोग गांव
हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ
बजट में हर वर्ग के लोगों के लिए कुछ न कुछ शामिल है। इस बार किसानों और पशुपालकों के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने से किसानों को राहत मिलेगी। -कमल वर्मा, जूण सिल सेर गांव