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Himachal Budget 2026-27: पर्यटन स्थलों पर नाइट पिकनिक सुविधा होगी शुरू, 40 गांव स्लो टूरिज्म स्पॉट बनेंगे
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:34 PM IST
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सार
Himachal Budget News In Hindi: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट में बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेगी। प्रदेश में चिट्टा तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के लिए पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के एक हजार पद भरे जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...
Himachal Budget 2026-27
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई नई पहल करने जा रही है। इसके तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नाइट पिकनिक की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे पर्यटकों को रात्रिकालीन अनुभव मिल सकेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार वीकेंड टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करेगी और 40 गांवों को स्लो टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।
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सोलन और मंडी में कारवां पार्क स्थापित किए जाएंगे तथा फिल्म शूटिंग को आकर्षित करने के लिए नीतियों को सरल बनाया जाएगा। धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के लिए श्री ज्वालाजी और श्री नयना देवी सहित प्रमुख स्थलों का विकास किया जाएगा, जिससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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प्रदेश में पर्यटन डेटा और सुरक्षा के लिए डिजिटल विजिटर रजिस्ट्रेशन एवं टूरिज्म इंटेलिजेंस सिस्टम शुरू किया जाएगा। संस्थागत सुधार और कौशल विकास हेतु सस्टेनेबल एंड इंक्लूसिव टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। वर्ष 2026-27 में 345.34 करोड़ रुपये की लागत से कालेश्वर महादेव, शिमला और नगरोटा बगवां में नागरिक सुविधाएं व माउंटेन बाइकिंग मार्ग विकसित होंगे।
गगल (कांगड़ा) हवाई अड्डे के विस्तार हेतु 3349 करोड़ रुपये की पुनर्वास योजना स्वीकृत कर भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। कांगड़ा एयरपोर्ट के समीप विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस कांगड़ा एरोसिटी नामक नया शहर विकसित किया जाएगा। नई पर्यटन मंजिलों के विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न जिलों के लिए 317.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि तपोवन और रेणुका जी जैसे क्षेत्रों के लिए 155.75 करोड़ रुपये जारी होंगे।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु ज्वालाजी होटल विस्तार पर 35 करोड़ रुपये और शिमला, हमीरपुर व नादौन के होटलों पर 130 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। निवेश आकर्षित करने के लिए पर्यटन विभाग की भूमि का डिजिटलीकरण कर एक लैंड बैंक स्थापित किया जाएगा।
एचपी वूमेन टूरिज्म फंड के माध्यम से महिलाओं को अपना काम शुरू करने हेतु 3 लाख रुपये तक का अनुदान और सहायता दी जाएगी। एकल महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए शी ट्रेवल नामक देश का पहला सोलो ट्रैवल प्रोटोकॉल लागू होगा। सोलन और मंडी में पीपीपी मॉडल पर कारवां पर्यटन पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वीकेंड टूरिज्म बढ़ाने हेतु विशेष मेलों और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आयोजन होगा।
राज्य को विश्वस्तरीय हाइकिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए नए ट्रेकिंग ट्रेल्स की पहचान की जाएगी। फिल्म शूटिंग की अनुमति सरल बनाने हेतु हिम फिल्म पोर्टल स्थापित किया जाएगा और फिल्म नीति में सुधार होगा। प्रदेश का प्रचार करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को नीतिगत रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। वेडिंग डेस्टिनेशन और एमआईसीई (बैठकें एवं सम्मेलन) पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु विशेष क्लस्टर विकसित होंगे। सुरक्षित मोटर अभियानों के लिए एचपी ड्राइव एक्सपेडिशन एंड ओवरलेंडिंग पॉलिसी शुरू
की जाएगी।
की जाएगी।
जल निकायों के समीप पर्यटन को विनियमित करने और प्रदूषण रोकने हेतु ब्लू इकोनॉमी नीति लागू होगी। सिल्वर इकोनॉमी के अंतर्गत बनूटी और नगरोटा बगवां में वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। रात्रिकालीन पर्यटन अनुभवों और स्थानीय रोजगार हेतु चयनित स्थलों पर नाइट पिकनिक की अवधारणा शुरू होगी। मध्यम दर्जे के होटलों और हाई-एंड ढाबों के लिए ब्याज अनुदान योजना प्रारंभ की जाएगी।
जिला मुख्यालयों में बनेंगे हेलीपोर्ट
रामपुर और संजौली देश के पहले लाइसेंस प्राप्त हेलीपोर्ट बन गए हैं और अन्य जिला मुख्यालयों में भी हेलीपोर्ट निर्माण जारी है। हवाई कनेक्टिविटी सुधारने हेतु दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला के बीच सातों दिन उड़ानें तथा हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी। निजी ऑपरेटरों के साथ मिलकर रखरखाव (एमआरओ), आपदा राहत और चार्टर उड़ानों का एक सुदृढ़ हेली-इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
रामपुर और संजौली देश के पहले लाइसेंस प्राप्त हेलीपोर्ट बन गए हैं और अन्य जिला मुख्यालयों में भी हेलीपोर्ट निर्माण जारी है। हवाई कनेक्टिविटी सुधारने हेतु दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला के बीच सातों दिन उड़ानें तथा हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी। निजी ऑपरेटरों के साथ मिलकर रखरखाव (एमआरओ), आपदा राहत और चार्टर उड़ानों का एक सुदृढ़ हेली-इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।
होम स्टे मालिकों को मिलेगा सस्टेनेबिलिटी प्रमाणपत्र
पर्यावरण-अनुकूल और स्थानीय वास्तुकला अपनाने वाले होमस्टे मालिकों को सस्टेनेबिलिटी प्रमाणपत्र और प्रोत्साहन दिया जाएगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए टूरिज्म इन्वेस्टमेंट प्रमोशन काउंसिल सिंगल विंडो सुविधा प्रदान करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्लो-टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु हिमालयन ओकारिना प्रोजेक्ट फॉर एंटरप्रेन्योर्स (होप) शुरू किया जाएगा।
पर्यावरण-अनुकूल और स्थानीय वास्तुकला अपनाने वाले होमस्टे मालिकों को सस्टेनेबिलिटी प्रमाणपत्र और प्रोत्साहन दिया जाएगा। 50 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए टूरिज्म इन्वेस्टमेंट प्रमोशन काउंसिल सिंगल विंडो सुविधा प्रदान करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्लो-टूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु हिमालयन ओकारिना प्रोजेक्ट फॉर एंटरप्रेन्योर्स (होप) शुरू किया जाएगा।
शी ट्रैवल नामक देश का पहला सोलो ट्रैवल प्रोटोकॉल लागू होगा
एकल महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए शी ट्रैवल नामक देश का पहला सोलो ट्रैवल प्रोटोकॉल लागू होगा। सोलन और मंडी में पीपीपी मॉडल पर कारवां पर्यटन पार्क विकसित किए जाएंगे।
एकल महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए शी ट्रैवल नामक देश का पहला सोलो ट्रैवल प्रोटोकॉल लागू होगा। सोलन और मंडी में पीपीपी मॉडल पर कारवां पर्यटन पार्क विकसित किए जाएंगे।
एक हजार पुलिस कांस्टेबल होंगे भर्ती, युवा बनेंगे साइबर मित्र
प्रदेश में चिट्टा तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के लिए पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के एक हजार पद भरे जाएंगे। इससे नशे के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेगा।
प्रदेश में चिट्टा तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के लिए पुलिस विभाग में कांस्टेबलों के एक हजार पद भरे जाएंगे। इससे नशे के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेगा।
पुलिस विभाग में नई भर्तियों का उद्देश्य कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही नशे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करना है। प्रदेश सरकार ने बजट में 50 महिला संब इंस्पेक्टरों के पद भरने का फैसला भी किया है। प्रदेश सरकार के मुताबिक वर्तमान में पुलिस विभाग में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर रैंक तक सिर्फ 88 महिला अधिकारी कार्यरत हैं। वर्तमान में यह आवश्यकता की तुलना में काफी कम है। वित्त वर्ष 2026-27 में महिला सब इंस्पेक्टरों को सीधी भर्ती से भरा जाएगा। प्रदेश में बढ़ रहे साइबर अपराधों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने साइबर मित्र भर्ती योजना लाने की घोषणा भी बजट में की है। इसमें तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं और जिला साइबर सेल की सहायता गैर-पुलिसिंग कार्यों जैसे पीडि़तों को सहायता प्रदान करेंगे।
सरकार ने फरवरी में पुलिस थानों की क्लासिफिकेशन और ग्रेडिंग को लेकर अधिसूचना जारी की है। इसके तहत इंस्पेक्टर से लेकर कुक तक एक हजार पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने पर भी विचार किया जाएगा। शिमला शहर से भीड़भाड़ को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने कम्युनिकेशन एंड टेक्निकल सर्विसेज मुख्यालय को हमीरपुर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने बजट में पूर्व सैनिकों को भी बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने सेना में सेवाए देने के बाद पुलिस विभाग में शामिल होने वाले पूर्व सैनिकों को पात्रता सेवा अवधि में छूट देने का फैसला लिया है। पात्रता सेवा अवधि में छूट का लाभ ऑनरेरी हेड कांस्टेबल, ऑनरेरी एसआई पर मिलेगा।
विद्यार्थियों के लिए विशेष मॉड्यूल होगा लागू
देश में डिजिटल क्रांति के साथ ही बच्चों और युवाओं में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष मॉड्यूल लागू करने का फैसला लिया है। माॅड्यूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और साइबर हाइजीन को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीकों और सोशल मीडिया का सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरुक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।
देश में डिजिटल क्रांति के साथ ही बच्चों और युवाओं में इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष मॉड्यूल लागू करने का फैसला लिया है। माॅड्यूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और साइबर हाइजीन को शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीकों और सोशल मीडिया का सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरुक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।
बी-1 टेस्ट होगा मिलेगी पदोन्नति
पुलिस विभाग में कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति के अवसर देने के लिए सरकार समय-समय पर बी-1 टेस्ट आयोजित करने का फैसला लिया है। इससे कांस्टेबलों को नियमित अंतराल के बाद पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने कुल्लू जिले के ब्रो पुलिस स्टेशन को डीएसपी रामपुर के पर्यवेक्षण के अधीन लाने का फैसला लिया है।
पुलिस विभाग में कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति के अवसर देने के लिए सरकार समय-समय पर बी-1 टेस्ट आयोजित करने का फैसला लिया है। इससे कांस्टेबलों को नियमित अंतराल के बाद पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने कुल्लू जिले के ब्रो पुलिस स्टेशन को डीएसपी रामपुर के पर्यवेक्षण के अधीन लाने का फैसला लिया है।
112 पर अब एंबुलेंस, अग्निशमन सेवा का भी लाभ, चिट्टा तस्करों की दे सकेंगे सूचना
प्रदेश सरकार ने 112 हेल्पलाइन नंबर पर तकनीकी रूप से 108 एंबुलेंस सेवा और 101 अग्निशमन सेवा में एकीकृत करने का फैसला लिया है। इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इससे लोगों को आपात परिस्थितियों में एक ही नंबर पर सभी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा लोग चिट्टा तस्करी के बारे में भी सूचना 112 हेल्पलाइन नंबर पर दे सकेंगे। सूचना देने वाले का नाम किसी भी सूरत में उजागर नहीं होने दिया जाएगा और गुप्त रहेगा।
प्रदेश सरकार ने 112 हेल्पलाइन नंबर पर तकनीकी रूप से 108 एंबुलेंस सेवा और 101 अग्निशमन सेवा में एकीकृत करने का फैसला लिया है। इस कार्य को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इससे लोगों को आपात परिस्थितियों में एक ही नंबर पर सभी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। इसके अलावा लोग चिट्टा तस्करी के बारे में भी सूचना 112 हेल्पलाइन नंबर पर दे सकेंगे। सूचना देने वाले का नाम किसी भी सूरत में उजागर नहीं होने दिया जाएगा और गुप्त रहेगा।
एक हजार टाइप-2 इलेक्टि्रक बसें खरीदी जाएंगी, तीन रोपवे बनेंगे
सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट में एक हजार नई टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने और पर्यटन व सुगम आवाजाही के लिए तीन नए रोपवे स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने हेतु 700 बस रूट ऑपरेटरों को सौंपे जाएंगे, जिसमें बस खरीद पर 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टाइम टेबल और बस ट्रैकिंग ऐप लॉन्च किया जाएगा। साथ ही, जयसिंहपुर, फतेहपुर और मंडी-भराड़ी में अत्याधुनिक बस अड्डों का निर्माण कर ढांचागत विकास को मजबूती दी जाएगी।
सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बजट में एक हजार नई टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने और पर्यटन व सुगम आवाजाही के लिए तीन नए रोपवे स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने हेतु 700 बस रूट ऑपरेटरों को सौंपे जाएंगे, जिसमें बस खरीद पर 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टाइम टेबल और बस ट्रैकिंग ऐप लॉन्च किया जाएगा। साथ ही, जयसिंहपुर, फतेहपुर और मंडी-भराड़ी में अत्याधुनिक बस अड्डों का निर्माण कर ढांचागत विकास को मजबूती दी जाएगी।
प्रदेश में कार्बन फुट-प्रिंट कम करने के उद्देश्य से 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और 80 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने हेतु चरणबद्ध तरीके से एक हजार नई टाइप-2 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत 390 रूटों के आवंटन के बाद अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में 700 अतिरिक्त रूट निजी क्षेत्र को 40 प्रतिशत सब्सिडी के साथ आवंटित किए जाएंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन समय सारणी प्रणाली विकसित कर उसे बस ट्रैकिंग एप्लिकेशन से जोड़ा जाएगा।
वाणिज्यिक वाहनों के परमिट और दस्तावेजों के लिए ऑटो अप्रूवल प्रणाली के माध्यम से फेसलेस ऑनलाइन सेवाएं लागू की जाएंगी। चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन परियोजना का कार्य प्रगति पर है, जिसे 31 दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। धार्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़ने हेतु बाबा बालक नाथ (65 करोड़), माता चिंतपूर्णी (76.50 करोड़) और कुल्लू-पीज (40 करोड़) में तीन महत्वपूर्ण रोपवे परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली
प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों को 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने का फैसला लिया है। वहीं जिन गरीब परिवारों के पास पक्के मकान नहीं है उन्हें भी सरकार आर्थिक मदद करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में यह घोषणा की है। 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों में विकास कार्य हेतु 481 करोड़ रुपये तथा राज्य वित्त आयोग के तहत 488 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने गरीब परिवारों को 300 यूनिट निशुल्क बिजली देने का फैसला लिया है। वहीं जिन गरीब परिवारों के पास पक्के मकान नहीं है उन्हें भी सरकार आर्थिक मदद करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में यह घोषणा की है। 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों में विकास कार्य हेतु 481 करोड़ रुपये तथा राज्य वित्त आयोग के तहत 488 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 2 लाख 65 हजार बीपीएल परिवार हैं। विशेष परिस्थितियों में समय-समय पर इन परिवारों में नए परिवारों को जोड़ने की शक्ति ग्राम सभा के पास है। कुछ जायज परिवार ऐसे है जो बीपीएल की सूची में नहीं हैं।
27 हजार परिवार ऐसे हैं जिनके पास पक्का मकान भी नहीं है और इनमें से लगभग 10 हजार परिवार तो बीपीएल की सूची में भी नहीं है। अब उपायुक्तों और एसडीएम को इस चयन प्रक्रिया के प्रति जवाब देह बनाया गया है। उन्होंने कहा कि एक लाख अति गरीब परिवार सरकार के अपने सुखी परिवार बननें का लक्ष्य रखा गया है।
पंचायत सचिव के 150 पदों को भरने का निर्णय
हिमाचल में 150 वीआरपी तैयार किए जाएंगे और जरूरतमंद लोगों को 2 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। शिमला शहर में एक हिमाचल हाट और राज्य में पांच हिम-ईरा प्रीमियम शोरूम, एसएचजी सदस्यों की आजीविका के लिए सोलन, धर्मशाला, पंडोह, धर्मपुर व कुल्लू स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने ग्राम पंचायतों के कुशल और सुचारू कामकाज के लिए पंचायत सचिव के 150 पदों को भरने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त चरणबद्ध तरीके से पंचायत चौकीदार के खाली पद भी भरे जाएंगे।
हिमाचल में 150 वीआरपी तैयार किए जाएंगे और जरूरतमंद लोगों को 2 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि प्रदान की जाएगी। शिमला शहर में एक हिमाचल हाट और राज्य में पांच हिम-ईरा प्रीमियम शोरूम, एसएचजी सदस्यों की आजीविका के लिए सोलन, धर्मशाला, पंडोह, धर्मपुर व कुल्लू स्थापित किए जाएंगे। सरकार ने ग्राम पंचायतों के कुशल और सुचारू कामकाज के लिए पंचायत सचिव के 150 पदों को भरने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त चरणबद्ध तरीके से पंचायत चौकीदार के खाली पद भी भरे जाएंगे।
नए पंचायत रिसोर्स सेंटर खुलेंगे
पंचायती राज ट्रेनिंग संस्थानों को डिजिटल ट्रेनिंग पद्धति के उपयोग से आधुनिक बनाया जाएगा। प्रशिक्षण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए चंबा, कुल्लू और केलांग जिलों में नए पंचायत रिसोर्स सेंटर खोले जाएंगे।
स्वयं सहायता समूहों को 7 फीसदी ब्याज पर ऋण
एसआरएलएम के माध्यम से तीन हजार स्वयं सहायता समूहों को 4.50 करोड़ रेवॉलविंग फंड और 15 करोड़ की राशि कम्यूनिटी इनवेस्टमेंट फंड के तौर पर वितरित की जाएगी। एनआरएलएम के तहत 8 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को 7 फीसदी ब्याज पर 150 करोड़ का ऋण दिया जाएगा।
पंचायती राज ट्रेनिंग संस्थानों को डिजिटल ट्रेनिंग पद्धति के उपयोग से आधुनिक बनाया जाएगा। प्रशिक्षण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए चंबा, कुल्लू और केलांग जिलों में नए पंचायत रिसोर्स सेंटर खोले जाएंगे।
स्वयं सहायता समूहों को 7 फीसदी ब्याज पर ऋण
एसआरएलएम के माध्यम से तीन हजार स्वयं सहायता समूहों को 4.50 करोड़ रेवॉलविंग फंड और 15 करोड़ की राशि कम्यूनिटी इनवेस्टमेंट फंड के तौर पर वितरित की जाएगी। एनआरएलएम के तहत 8 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को 7 फीसदी ब्याज पर 150 करोड़ का ऋण दिया जाएगा।
चार करोड़ मानव दिवस सृजित होंगे
केंद्र ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत चलने वाली मनरेगा योजना को बंद करने व उसके स्थान पर वीबी-जी राम-जी योजना चलाने का फैसला गलत है। यह निर्णय न केवल रोजगार गारंटी एक्ट की मूल भावना रोजगार की मांग आधारित गारंटी को समाप्त करता है, बल्कि साथ ही राज्यों पर भी आर्थिक बोझ को बढ़ाता है। महात्मा गांधी के नाम के साथ चल रही योजना कानूनी गारंटी प्रावधानों के साथ पुनः स्थापित हो, प्रदेश की गरीब जनता को रोजगार के अवसरों में कमी भी नहीं आए। अगले साल चार करोड़ मानव दिवस इस योजना के अंतर्गत सृजित होंगे।
केंद्र ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत चलने वाली मनरेगा योजना को बंद करने व उसके स्थान पर वीबी-जी राम-जी योजना चलाने का फैसला गलत है। यह निर्णय न केवल रोजगार गारंटी एक्ट की मूल भावना रोजगार की मांग आधारित गारंटी को समाप्त करता है, बल्कि साथ ही राज्यों पर भी आर्थिक बोझ को बढ़ाता है। महात्मा गांधी के नाम के साथ चल रही योजना कानूनी गारंटी प्रावधानों के साथ पुनः स्थापित हो, प्रदेश की गरीब जनता को रोजगार के अवसरों में कमी भी नहीं आए। अगले साल चार करोड़ मानव दिवस इस योजना के अंतर्गत सृजित होंगे।
मिशन 32 वन प्रतिशत योजना को वन विभाग में शुरू करने की घोषणा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मिशन 32 वन प्रतिशत योजना को वन विभाग में शुरू करने की घोषणा की। राज्य का फोरेस्ट कवर जो वर्तमान में 29.5 प्रतिशत है। इसे वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्ष 2026-27 में 15 हजार महिलाओं को पौधरोपण गतिविधियों में शामिल करेंगे। हर समूह को प्रति हेक्टेयर एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे और वे 2 से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का कार्य करेंगे। पौधरोपण का एक वर्ष बाद मूल्यांकन किया जाएगा। जहां समूहों को प्रति 2 हेक्टेयर के लिए एक वक्षों के जीवित रहने की दर 50 प्रतिशत से अधिक लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मिशन 32 वन प्रतिशत योजना को वन विभाग में शुरू करने की घोषणा की। राज्य का फोरेस्ट कवर जो वर्तमान में 29.5 प्रतिशत है। इसे वर्ष 2030 तक 32 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी। वर्ष 2026-27 में 15 हजार महिलाओं को पौधरोपण गतिविधियों में शामिल करेंगे। हर समूह को प्रति हेक्टेयर एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे और वे 2 से 5 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण का कार्य करेंगे। पौधरोपण का एक वर्ष बाद मूल्यांकन किया जाएगा। जहां समूहों को प्रति 2 हेक्टेयर के लिए एक वक्षों के जीवित रहने की दर 50 प्रतिशत से अधिक लाख की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वर्ष 2026-27 में 50 नए स्थल ईको टूरिज्म के लिए विकसित किए जाएंगे। लगभग 50 प्रमुख वन विश्राम गृहों की बुकिंग को ऑनलाइन किया जाएगा। बनखंडी जूलॉजिकल पार्क के लिए निर्माण की कुल लागत 609 करोड़ रुपये है। आने वाले वित्तीय वर्ष में लाइन सफारी, कार्यालय आवास एवं वाइल्ड लाइफ ट्रेनिंग सुविधा का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में इसके लिए 220 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। फोरेस्ट इको सिस्टम और ग्रामीण आजीविका को समर्थन देने के लिए लगभग 320 करोड़ रुपये के परिव्यय से इस परियोजना का दूसरा चरण आरंभ किया जाएगा। इसमें से 60 प्रतिशत तक की राशि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत व्यय की जाएगी।
प्रदेश में बनेगा पैरामिलिट्री वेलफेयर बोर्ड, युद्ध जागीर अब 10 हजार हुई
राज्य सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रदेश में जल्द ही पैरामिलिट्री वेलफेयर बोर्ड का गठन करने का फैसला लिया है। यह बोर्ड सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों के पुनर्वास और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में लगभग 11 लाख कर्मी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कार्यरत हैं, जबकि करीब 20 लाख पूर्व कर्मी हैं। इनकी लंबे समय से यह मांग रही है कि राज्यों में भी उनके लिए समर्पित कल्याण बोर्ड स्थापित किया जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए बोर्ड गठन का निर्णय लिया है। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने उपलब्धि दर्ज की है।
राज्य सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए प्रदेश में जल्द ही पैरामिलिट्री वेलफेयर बोर्ड का गठन करने का फैसला लिया है। यह बोर्ड सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों के पुनर्वास और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में लगभग 11 लाख कर्मी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कार्यरत हैं, जबकि करीब 20 लाख पूर्व कर्मी हैं। इनकी लंबे समय से यह मांग रही है कि राज्यों में भी उनके लिए समर्पित कल्याण बोर्ड स्थापित किया जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए बोर्ड गठन का निर्णय लिया है। रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने उपलब्धि दर्ज की है।
चालू वित्त वर्ष में 412 पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार प्रदान किया है। आगामी वित्त वर्ष में भी पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित 15 प्रतिशत पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। युद्ध के दौरान सेना में सेवा देने वाले सैनिकों के माता-पिता को मिलने वाली युद्ध जागीर (आर्थिक सहायता) राशि को 7 हजार से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष करने का फैसला लिया है। यह लाभ उन परिवारों को मिलेगा, जिनके एक, दो या तीन बच्चे आपातकालीन अवधि के दौरान सेना में सेवाएं दे चुके हैं।
वित्तीय चुनाैतियों के बावजूद सरकार के बजट में दिखा संतुलन
वित्तीय चुनौतियों के बावजूद बजट में विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच बेहतर संतुलन दिखता है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश सरकार की ओर से पेश बजट 2026-27 को संतुलित और भविष्य दृष्टि वाला बताया है।
वित्तीय चुनौतियों के बावजूद बजट में विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच बेहतर संतुलन दिखता है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश सरकार की ओर से पेश बजट 2026-27 को संतुलित और भविष्य दृष्टि वाला बताया है।
किसान आयोग के गठन, मक्का, हल्दी और अदरक के बढ़े न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा फसल विविधीकरण के प्रयासों का स्वागत किया। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि प्रसंस्करण व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सीआईआई ने हरित ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा, जलविद्युत और हरित हाइड्रोजन पर फोकस की सराहना की। कांगड़ा (गगल) हवाई अड्डा विस्तार, सड़क ढांचे में निवेश, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और कौशल विकास को भी सकारात्मक कदम बताया। साथ ही एकल खिड़की स्वीकृति प्रणाली मजबूत होने से निवेश को गति मिलने की उम्मीद जताई।
बजट में संसाधन जुटाने को ठोस योजना नहीं
देश सरकार का बजट राजनीति से प्रेरित और विकास विरोधी नजर आ रहा है, इसमें एक हाथ से ले और दूसरे हाथ से देने के फार्मूला को अपनाकर हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। बजट में प्रदेश की मौजूदा खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए आय के संसाधनों को जुटाने के लिए ठोस योजना का अभाव नजर आ रहा है। बजट में अल्पकालिक उद्देश्यों को देखते हुए कुछ घोषणाएं की गई हैं। पहली बार किसी राज्य के बजट को कम कर 3,589 करोड़ कम किया गया है। विकास को लेकर कोई बड़ी अहम घोषणा नजर नहीं आ रही है। युवा बेरोजगारों के लिए बजट निराशाजनक है। सरकार का यह बजट महंगाई से निपटने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतारा है। 70 हजार से अधिक अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में आंशिक वृद्धि कर उन्हें जरूर राहत देने की घोषणा की गई है। -प्रो. एनके शारदा, कार्यवाहक कुलपति, एचपीयू
देश सरकार का बजट राजनीति से प्रेरित और विकास विरोधी नजर आ रहा है, इसमें एक हाथ से ले और दूसरे हाथ से देने के फार्मूला को अपनाकर हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। बजट में प्रदेश की मौजूदा खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए आय के संसाधनों को जुटाने के लिए ठोस योजना का अभाव नजर आ रहा है। बजट में अल्पकालिक उद्देश्यों को देखते हुए कुछ घोषणाएं की गई हैं। पहली बार किसी राज्य के बजट को कम कर 3,589 करोड़ कम किया गया है। विकास को लेकर कोई बड़ी अहम घोषणा नजर नहीं आ रही है। युवा बेरोजगारों के लिए बजट निराशाजनक है। सरकार का यह बजट महंगाई से निपटने की उम्मीदों पर खरा नहीं उतारा है। 70 हजार से अधिक अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में आंशिक वृद्धि कर उन्हें जरूर राहत देने की घोषणा की गई है। -प्रो. एनके शारदा, कार्यवाहक कुलपति, एचपीयू
युवाओं को सेना से जोड़ने की नई पहल परमवीर संजय निभाएंगे अहम भूमिका
प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने की नई पहल की गई है। इसके तहत पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेकर युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा। खास बात यह है कि कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे। करीब 29 साल 8 महीने के गौरवशाली सैन्य सेवाकाल के बाद 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए संजय कुमार अब बिलासपुर में सैनिक कल्याण विभाग के साथ जुड़कर युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
सरकार ने ऐसे पूर्व सैनिकों को मानदेय देने की भी घोषणा की है, जिससे वे व्यवस्थित तरीके से अपनी सेवाएं दे सकें। बजट में किए गए प्रावधान के अनुसार वह युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी, अनुशासन और देशसेवा के प्रति जागरूक करेंगे। इससे जहां युवाओं को सही दिशा मिलेगी, वहीं सेना में भर्ती का सपना देखने वाले युवाओं को अनुभवी मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले संजय कुमार का कहना है कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें सही दिशा देना बेहद जरूरी है।
प्रदेश सरकार के बजट 2026-27 में युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने की नई पहल की गई है। इसके तहत पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेकर युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जाएगा। खास बात यह है कि कारगिल युद्ध के परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार इस मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे। करीब 29 साल 8 महीने के गौरवशाली सैन्य सेवाकाल के बाद 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए संजय कुमार अब बिलासपुर में सैनिक कल्याण विभाग के साथ जुड़कर युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
सरकार ने ऐसे पूर्व सैनिकों को मानदेय देने की भी घोषणा की है, जिससे वे व्यवस्थित तरीके से अपनी सेवाएं दे सकें। बजट में किए गए प्रावधान के अनुसार वह युवाओं को सेना भर्ती की तैयारी, अनुशासन और देशसेवा के प्रति जागरूक करेंगे। इससे जहां युवाओं को सही दिशा मिलेगी, वहीं सेना में भर्ती का सपना देखने वाले युवाओं को अनुभवी मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले संजय कुमार का कहना है कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें सही दिशा देना बेहद जरूरी है।
प्रदेश सरकार पर्यटन का जीएसडीपी योगदान 7.78% से बढ़ाकर 9% करने और राज्य को वर्षभर का वैश्विक ब्रांड बनाने हेतु प्रयासरत है। हम प्रदेश को केवल ग्रीष्मकालीन गंतव्य से बदलकर एक वर्षभर का वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने हेतु प्रतिबद्ध हैं, जहां आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुरक्षित डिजिटल प्रणाली के साथ स्थानीय संस्कृति व महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान मिलेगी। सत्ती और रणधीर मुझे यूनिवर्सिटी के समय से जानते हैं। जाने वाला बहुत कम हूं, जिस भी पद पर रहा हूं, बहुत लंबे समय तक रहा हूं। -सुखविंद्र सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री