Himachal Budget 2026-27: दस जिलों में पंचकर्म तकनीशियन कोर्स शुरू होंगे, आयुर्वेद अनुसंधान विंग बनेगा
Himachal Budget News In Hindi: प्रतिकूल आर्थिक हालात और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना लगातार चौथा बजट पेश किया। बजट में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं की हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई अहम घोषणाएं की हैं। सरकार ने आयुर्वेद में प्रमाण आधारित उपचार को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित अनुसंधान विंग स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह विंग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में वैज्ञानिक अनुसंधान, क्लीनिकल सत्यापन और नवाचार को मजबूती देगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों की विशिष्ट औषधीय संपदा के संरक्षण और उपयोग के लिए लाहौल-स्पीति सहित अन्य उपयुक्त क्षेत्रों में हर्बल गार्डन स्थापित करने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इन गार्डनों से न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल शिमला और राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय पपरोला में शुरू की गई पंचकर्म सेवाओं के सकारात्मक परिणामों के बाद अब किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में पंचकर्म तकनीशियन पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। पपरोला में प्रवेश क्षमता 18 से बढ़ाकर 36 और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला में 18 से बढ़ाकर 24 की जाएगी। इसके अलावा 12 नए अस्पतालों में भी यह पाठ्यक्रम शुरू होगा, जिससे 196 अतिरिक्त सीटें जुड़ेंगी। इन प्रयासों से पंचकर्म तकनीशियनों की वार्षिक प्रवेश क्षमता 36 से बढ़कर 256 हो जाएगी। आयुर्वेदिक फार्मेसियों के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य की तीनों सरकारी आयुर्वेदिक फार्मेसियों को हिम-औषधम सोसाइटी के तहत लाया जाएगा। इस सोसाइटी के गठन से फार्मेसियों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इसके प्रारंभिक संचालन के लिए सरकार एक करोड़ रुपये की अनुदान राशि देगी, वहीं प्रत्येक फार्मेसी में मल्टी-टास्क वर्कर्स की नियुक्ति भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि शहरी विकास विभाग में 542 करोड़ से विकास कार्य होंगे। वन स्टेट वन पोर्टल का विस्तार कर हिम सेवा और एनओसी जैसी 18 नई ऑनलाइन सेवाएं जोड़ी जाएंगी। नागरिक सेवा पोर्टल को मोबाइल एप पर उपलब्ध कराएंगे।
- म्युनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर : प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में एमएसएससी स्थापित होंगे और प्रत्येक संपत्ति को क्यूआर-एलेबल डिजिटल डोर प्लेट से जोड़ा जाएगा।
- केंद्रीकृत निगरानी- हमीरपुर में एक स्टेट लेवल इम्प्लीमेंटेशन सेंटर (एसआईसी) और एक म्युनिसिपल कॉल सेंटर की स्थापना की जाएगी।
- विकास अनुदान- नवगठित नगर पंचायतों (संगड़ाह व बीड़) और स्तरोन्नत नगर परिषद (ज्वाली) में नागरिक सुविधाओं के लिए 1.25 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा।
- बायोगैस संयंत्र: सीएसआईआर-आईआईसीटी हैदराबाद के सहयोग से ऊना, हमीरपुर, सोलन, पालमपुर और बद्दी में पायलट आधार पर बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
- कमर्शियल कॉम्प्लेक्स - शिमला में 400 करोड़ और हमीरपुर में 200 करोड़ की लागत से आधुनिक सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट विकसित किए जाएंगे।
- अर्बन चैलेंज फंड- शिमला, धर्मशाला और नादौन सहित 8 शहरों के कायाकल्प के लिए 600 करोड़ की क्रिएटिव रीडेवलपमेंट परियोजना पर काम होगा।
- डक्ट निर्माण- सड़कों को बार-बार खुदाई से बचाने के लिए शिमला में 140 करोड़ से डक्ट निर्माण शुरू हुआ है, जिसे बद्दी, मंडी और सोलन जैसे अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।
- स्ट्रीट वेंडिंग जोन- पर्यटन और धार्मिक महत्व के स्थानों पर प्रथम चरण में दो विश्व स्तरीय स्ट्रीट वेंडिंग जोन स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सदन में शायराना अंदाज में नजर आए। इस पर सदन में ठहाके भी लगते रहे। अनेक बार विपक्ष की ओर से शेरो-शायरी पर नोकझोंक भी चलती रही। सीएम ने आरडीजी बंद करने का उल्लेख करते हुए पहला शेर पढ़ा- समय शेष है नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनके भी अपराध।
मुख्यमंत्री ने एक अन्य शेर पढ़ा-हम आह भी भरते हैं तो हो जाते हैं बदनाम, वो कत्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती। वक्त का तकाजा है तूफानों से लड़ो, कहां तक चलोगे किनारे-किनारे। एक और शेर पढ़ा जहां आस्था का मान हो, वहां सेवा का भी दान हो, गोमाता के चरणों में सबका थोड़ा योगदान हो। 149 कनिष्ठ अभियंताओं के पद भरने की बात पूरी कर सीएम ने शेर पढ़ा- सितारों से आगे जहां भी है, अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक ठियोग विधानसभा क्षेत्र कुलदीप सिंह राठौर ने कहा वर्तमान परिदृश्य में जब प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और केंद्र सरकार की ओर राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने से प्रदेश को बड़ा झटका लगा है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मुख्यमंत्री की ओर से प्रस्तुत बजट सराहनीय है। इस बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। यह सराहनीय है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डाॅ राजेश चानना ने बजट को निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह महंगाई बढ़ाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में बड़ी घोषणाएं तो की गईं, लेकिन चुनावी गारंटियों पर कोई ठोस अमल नहीं हुआ। उन्होंने 5 लाख रोजगार, महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्टार्टअप फंड जैसी घोषणाओं को अधूरा बताया। डॉ. चानना ने सरकार से वादों को लागू करने की मांग की।
लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि सरकार ने दूध और फसलों के एमएसपी बढ़ाने की घोषणा की है, लेकिन किसानों को वास्तविक भुगतान और मार्केट सपोर्ट नहीं मिल रहा। एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी सिर्फ चुनावी स्टंट है। सरकार ने घोषणाओं की खेती की है, लेकिन किसानों के खेत सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने शनिवार को प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट को नई राह पर नया कदम बताते हुए कहा है कि वित्तीय संकट के बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने समावेशी विकास के प्रति अपनी वचनबद्धता को दर्शाया है। विनय कुमार ने कहा कि बजट में ग्रामीण विकास के साथ कृषि, बागवानी विकास शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। कई नई योजनाओं को शुरू कर बजट को ऐतिहासिक बनाया गया है। केंद्र की बेरुखी के बावजूद प्रदेश को आर्थिक तौर पर सुदृढ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह बजट प्रदेश में मिल का पत्थर साबित होगा।
वर्ष 2026-2027 में हरित आजीविका के तहत औषधीय पौधों की खेती को किसान प्रोत्साहित होंगे व इनकी खरीद सुनिश्चित करने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। एक दशक में हर वर्ष किसानों को एलाइट जर्मप्लाज्म के 12 लाख पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे। ब्यूरो
अब उचित मूल्य की दुकानों पर भी मिलेंगी बाजार में बेची जाने वाली कई वस्तुएं
मुख्यमंत्री ने बजट में घोषणा की कि डीजल और पेट्रोल के स्थान पर स्वच्छ ईंधन प्रदान करने के लिए सीएनजी स्टेशन स्थापित होंगे। प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रब्यूशन पॉलिसी और सीएनजी पॉलिसी लागू होगी। उचित मूल्य की दुकानों पर बाजार में बिकने वाली वस्तुएं मिलेंगी। उचित मूल्य की दुकानों में बिकने वाले सामान के निरीक्षण के लिए ई-इंस्पेक्शन स्टेंपिंग प्रणाली शुरू होगी।