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Crime Trend Report 2026: हिमाचल की सीमाओं पर शराब तस्करी का जाल, बढ़े संपत्ति अपराध
Wed, 15 Jul 2026 11:32 AM IST
Ankesh Dogra
विश्वास भारद्वाज, शिमला।
विश्वास भारद्वाज, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:32 AM IST
सार
हिमाचल पुलिस की 2026 क्राइम ट्रेंड रिपोर्ट के अनुसार सीमावर्ती जिलों ऊना, सोलन, सिरमौर और चंबा में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अवैध शराब तस्करी, मारपीट, संपत्ति अपराध और महिलाओं के खिलाफ मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और अंतरराज्यीय समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है।
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क्राइम ट्रेंड रिपोर्ट 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश पुलिस की वर्ष 2026 की क्राइम ट्रेंड रिपोर्ट में राज्य में अपराध के बदलते स्वरूप का खुलासा हुआ है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर से सटे सीमावर्ती जिलों में अपराध आंतरिक पहाड़ी जिलों से अलग हो रहा है। ऊना, सोलन, सिरमौर और चंबा जैसे जिले अवैध शराब की तस्करी, मारपीट, दंगों और संपत्ति संबंधी अपराधों के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।
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आबकारी अधिनियम में सबसे अधिक मामले सीमावर्ती जिलों में दर्ज हुए हैं। ऊना में 230, चंबा में 216, सोलन में 199 और सिरमौर में 144 मामले दर्ज किए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब और प्रतिबंधित वस्तुओं की आवाजाही इसका मुख्य कारण है। सोलन और सिरमौर जैसे औद्योगिक जिलों में बाहरी राज्यों के श्रमिक, ट्रांसपोर्टर और कारोबारी बड़ी संख्या में रहते हैं। रिपोर्ट बताती है कि सामाजिक और आर्थिक तनाव का असर अपराध पर भी दिख रहा है।
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मारपीट के सबसे अधिक 531 मामले सोलन में दर्ज हुए, जबकि सिरमौर में 277 और ऊना में 100 मामले सामने आए। दंगे और सामूहिक झड़पों के मामलों में सोलन में 22 और सिरमौर में 15 मामले दर्ज हुए हैं। यह दर्शाता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए कठिन होता जा रहा है।
इधर, चंबा जिले में अपराध अन्य सीमावर्ती जिलों से अलग है। यहां हिंसक झड़पों की तुलना में संपत्ति संबंधी अपराध अधिक दर्ज हुए हैं। चोरी के मामले 21 से बढ़कर 27 हो गए, जबकि सेंधमारी के 24 मामले दर्ज किए गए। इसके विपरीत, साधारण मारपीट के केवल 24 और दंगे का मात्र एक मामला सामने आया। इससे संकेत मिलता है कि चंबा में अपराध का स्वरूप मुख्यतः संपत्ति अपराधों तक सीमित है।
औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़े महिलाओं के खिलाफ अपराध
सीमावर्ती और औद्योगिक जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध भी चिंता बढ़ा रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ क्रूरता के सबसे अधिक 34 मामले सोलन में दर्ज हुए। इसके बाद ऊना में 21 और बिलासपुर और चंबा में 14-14 मामले सामने आए। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, प्रवासी आबादी और सामाजिक तनाव का असर घरेलू हिंसा के मामलों पर पड़ रहा है। अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिकीकरण, बढ़ती आबादी, मजदूरों का पलायन, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और मिश्रित सामाजिक संरचना भी अपराध के नए पैटर्न को जन्म दे रही है।
सीमावर्ती और औद्योगिक जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध भी चिंता बढ़ा रहे हैं। महिलाओं के खिलाफ क्रूरता के सबसे अधिक 34 मामले सोलन में दर्ज हुए। इसके बाद ऊना में 21 और बिलासपुर और चंबा में 14-14 मामले सामने आए। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, प्रवासी आबादी और सामाजिक तनाव का असर घरेलू हिंसा के मामलों पर पड़ रहा है। अपराध विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिकीकरण, बढ़ती आबादी, मजदूरों का पलायन, ट्रांसपोर्ट नेटवर्क और मिश्रित सामाजिक संरचना भी अपराध के नए पैटर्न को जन्म दे रही है।
क्राइम ट्रेंड रिपोर्ट का उद्देश्य बदलते अपराध स्वरूप की पहचान कर उसी अनुरूप पुलिसिंग रणनीति तैयार करना है। सीमावर्ती और औद्योगिक जिलों में अंतरराज्यीय समन्वय, इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई, सघन नाकेबंदी और सामुदायिक पुलिसिंग को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावी ढंग से बनाए रखी जा सके। - अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक, हिमाचल प्रदेश