हिमाचल में मौसम का डबल मिजाज: चोटियों पर बर्फ की चादर, मैदानों में उमस की मार; 18 से भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज धूप व उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। ऊना में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने 18 से 20 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताते हुए 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर...
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। प्रदेश में जहां एक ओर ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है, वहीं मैदानी और निचले इलाकों में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 18 से 20 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताते हुए 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही। पिछले कई दिनों से लगातार बारिश झेल रहे लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन तापमान बढ़ने के साथ उमस ने जनजीवन को प्रभावित किया। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन के कई क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर देखने को मिला।
वहीं, लाहौल-स्पीति और कुल्लू की ऊंची चोटियों, विशेषकर रोहतांग दर्रे और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। ऊंचे इलाकों में मौसम ठंडा बना हुआ है, जबकि निचले क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ गया है।
ऊना रहा सबसे गर्म, पारा 36 डिग्री के पार
मौसम साफ रहने के कारण प्रदेश के कई जिलों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऊना प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 11 से 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 23 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। जबकि मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 20 से 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 29 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
18 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 17 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने या कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 18 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय हो सकता है।
विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, बाराबंकी, पटना, बांकुरा और कैगिंग होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तरी पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर करीब 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।
18 से 20 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- 14 से 16 जुलाई: मैदानी, निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश।
- 17 जुलाई: कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
- 18 से 20 जुलाई: प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार।
इन तीन दिनों के लिए ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भूस्खलन और जलभराव को लेकर चेतावनी
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय भूस्खलन, मिट्टी धंसने और सड़क बाधित होने की आशंका जताई है। निचले इलाकों में जलभराव और कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बताया गया है।
- लोगों को सलाह दी गई है कि वे नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें।
- फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतें।
- प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
मौसम केंद्र शिमला के निदेशक ने बताया कि 18 से 20 जुलाई तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। लोगों से सतर्क रहने और मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।