Himachal Cyber Crime: ₹90 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, 4 राज्यों से 6 आरोपी गिरफ्तार; ₹14.70 लाख बरामद
हिमाचल प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने अंतर-राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार राज्यों से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में पांच साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े ₹14.70 लाख बरामद किए गए। पुलिस अब मनी ट्रेल की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुटी है। डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने की अपील की।
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हिमाचल प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट (उत्तरी रेंज, धर्मशाला) ने अंतर-राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कर्नाटक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान साइबर ठगी के पांच अलग-अलग मामलों में ₹14.70 लाख की राशि भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई। स्थानीय पुलिस एजेंसियों के सहयोग से गठित तीन विशेष जांच दल (SIT) ने विभिन्न राज्यों में समन्वित छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा।
तीन बड़े मामलों में हुई गिरफ्तारी
जांच के दौरान अबू सालिया को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया। उस पर मई 2026 में ₹32 लाख के फर्जी निवेश घोटाले में शामिल होने का आरोप है। उसके कब्जे से ₹7 लाख बरामद किए गए। मार्च 2024 के ₹8 लाख के निवेश धोखाधड़ी मामले में दिल्ली निवासी निशा को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से ₹5 लाख बरामद हुए। वहीं, उत्तर प्रदेश के आगरा से राज कुमारी को ₹50 लाख की साइबर ठगी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से ₹2.70 लाख की राशि बरामद की।
तीन अन्य खाताधारकों को नोटिस
पुलिस ने आगरा और पूर्वी दिल्ली के तीन अन्य बैंक खाताधारकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी किए हैं। जांच एजेंसियां अब पूरे मनी ट्रेल का पता लगाने और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में जुटी हैं।
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि साइबर अपराधी फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट और फिशिंग लिंक के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करें, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते लेन-देन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और त्वरित जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।