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Himachal News : हिमाचल में 26 औद्योगिक और वाणिज्यिक बोरवेल आवेदनों पर लगी रोक, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सख्ती

Fri, 31 Jul 2026 11:38 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Fri, 31 Jul 2026 11:38 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश भूजल प्राधिकरण ने हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद भूजल दोहन नियमों के पालन में सख्ती करते हुए 26 औद्योगिक और वाणिज्यिक बोरवेल आवेदनों की मंजूरी रोक दी है। सार्वजनिक सूचना प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इन मामलों को संबंधित जल शक्ति मंडलों के पास वापस भेजा गया है। कई होटल और औद्योगिक इकाइयों के आवेदन भी इससे प्रभावित हुए हैं।

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himachal groundwater borewell permit 26 applications hold
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश भूजल प्राधिकरण ने 26 औद्योगिक-वाणिज्यिक बोरवेल आवेदनों की मंजूरी रोक दी है। यह कार्रवाई भूजल दोहन नियमों के अनुपालन में सख्ती के तहत की गई है। प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है। प्राधिकरण की 61वीं उप-समिति बैठक में कुल 50 मामलों की समीक्षा हुई। जल शक्ति विभाग के मुख्य अभियंता मनदीप कुमार की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। भूजल परमिट पर नियमों की अनदेखी वाले आवेदन वापस भेजे गए। सार्वजनिक सूचना प्रक्रिया पूरी न करने वाले 26 बड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक परियोजनाओं के आवेदन रोके गए। इन सभी मामलों को जल शक्ति मंडलों के पास वापस भेजा गया है। 

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प्राधिकरण के अनुसार, यह प्रक्रिया स्थानीय जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी प्रावधान है। बिना दस्तावेजी प्रमाण के किसी आवेदन को अंतिम स्वीकृति नहीं मिलेगी।   नियम 17(1)(a) और नियम 23(1)(a) का पालन अनिवार्य है। बोरवेल अनुमति से पहले आवेदक को दो प्रमुख समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित करनी होगी। संबंधित ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय के नोटिस बोर्ड पर भी सूचना प्रदर्शित करनी होगी। इससे स्थानीय लोग भूजल दोहन पर अपनी आपत्तियां या सुझाव दे सकेंगे।
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बैठक में 12 नए और 14 मौजूदा बोरवेल आवेदनों में इसके प्रमाण नहीं मिले। इन 26 मामलों को संबंधित जल शक्ति मंडलों के अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को वापस भेजा गया। सोलन, बद्दी, पांवटा साहिब, ऊना, रामपुर, कसुम्पटी मंडल इनमें शामिल हैं। एक्सईएन को सार्वजनिक सूचना प्रक्रिया की जांच कर सत्यापन रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। 
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शालेट एस्टेट कसौली, लक्सस होटल्स, राज महल बैंक्वेट, शिमला ब्रिटिश रिसॉर्ट और हिम्या रिसॉर्ट्स जैसी वाणिज्यिक परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। फ्रंटियर अलॉय स्टील्स, बालाजी स्टोरेज बैटरीज, मोरपेन मेडिपैथ, ल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजीज सहित कई औद्योगिक इकाइयां भी प्रभावित हैं।

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