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हिमाचल: 'बसें नहीं चलानी तो चाबियां सौंप दें'... HRTC हड़ताल पर डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का सख्त संदेश

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Wed, 24 Jun 2026 02:42 PM IST
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सार

HRTC Strike: एचआरटीसी कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन बस सेवाओं को बाधित करना गैरकानूनी है। प्रदेश में ESMA लागू है और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को शिमला में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के सम्मान और संवाद में विश्वास रखती है, लेकिन बस सेवाओं को बाधित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।



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उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से कर्मचारियों को समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। सरकार एक महीने की भी डिफॉल्टर नहीं रही है और एचआरटीसी कर्मचारियों को समय पर महंगाई भत्ता तथा पुरानी पेंशन योजना का लाभ भी दिया जा रहा है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एचआरटीसी का मुख्य उद्देश्य जनसेवा है। प्रतिवर्ष लाखों लोग निगम की बसों में सफर करते हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक एजेंडे या अन्य कारणों से बस सेवाओं को बाधित नहीं किया जा सकता।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रस्तावित चक्का जाम गैरकानूनी है और सरकार इसे अवैध मानती है। प्रदेश में ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू है और सरकार उसके प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस विवाद का समाधान बातचीत से ही संभव है और सरकार के वार्ता के दरवाजे हमेशा खुले हैं।
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डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि चालक और परिचालक बसें नहीं चलाना चाहते तो वे बसों की चाबियां वापस कर दें। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कर्मचारी को कानून अपने हाथ में लेने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या यात्रियों को बीच रास्ते में उतारने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गुरुवार से चालक और परिचालकों को उनके रूट संबंधी लिखित आदेश जारी किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एचआरटीसी को मजबूत करने के लिए 813 नई बसें खरीदी हैं, जिनमें 279 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इसके अलावा 2,198 कर्मचारियों को अनुबंध से नियमित किया गया है और 327 परिचालकों की नियमित भर्ती की गई है। 198 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी ओपीएस के दायरे में लाया गया है।
 

मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी कहा कि एसीएस के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की ओर से कोई वित्तीय मांग नहीं रखी गई, बल्कि चर्चा का विषय तबादले थे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग ढाई करोड़ रुपये की आय अर्जित करने वाले निगम को हड़ताल से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी तय होगी।

उन्होंने बताया कि एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन का मामला उच्च न्यायालय पहुंच चुका है और इस पर गुरुवार को सुनवाई प्रस्तावित है।

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