छात्र आत्महत्या मामला: बेटे को फंदे से लटका देख चिल्लाई मां... मिठ्ठू तू क्या कित्ता; डॉक्टर ने दी ये सलाह
हमीरपुर के पटलांदर में 11वीं कक्षा के छात्र की संदिग्ध आत्महत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बेटे को सेना में भेजने का सपना देखने वाले माता-पिता अब सदमे में हैं। विशेषज्ञों ने बच्चों के व्यवहार में बदलाव को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।
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घर का इकलौता चिराग, मां-बाप की आंखों का तारा और सेना की वर्दी पहनाने का सपना... सब कुछ एक पल में बिखर गया। बेटे को फंदे से लटका देख मां अनिता के मुंह से बस इतना ही निकला मिठ्ठू तू क्या कित्ता... और फिर आवाज खामोश हो गई।
माता-पिता के साथ अनि उर्फ मिठ्ठू ने उड़द की दाल और चावल खाए थे। खाना खाते समय उसने पिता से मुस्कुराते हुए कहा था कि उड़द की दाल में मक्खन डालने से दाल और स्वादिष्ट लगती है। पिता को क्या पता था कि बेटे की यह मुस्कराहट आखिरी होगी और यह मुस्कराहट ही बेटे की आखिरी याद रहेगी। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां बार-बार बेटे को पुकार रही है, जबकि पिता सदमे में हैं। जिस घर में बेटे को सेना की वर्दी में देखने के सपने सजाए गए थे, वहां अब उसकी यादें और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है। पूरे इलाके में इस घटना से शोक की लहर है।
बंटी का एक भतीजा पहले से सेना में है और उसी की तरह बेटे को भी फौज की वर्दी में देखने की तमन्ना थी। पिता और पुत्र के बीच गहरा लगाव था। रोज सुबह-शाम सैर के दौरान दोनों घंटों बातें करते थे। बेटे के भविष्य, पढ़ाई और सपनों को लेकर पिता हमेशा चिंतित रहते थे। किसी ने नहीं सोचा था कि जिस बेटे के साथ कल तक भविष्य की योजनाएं बन रही थीं, वह इस तरह अचानक सबको छोड़ जाएगा।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि बच्चे एकदम से इस तरह के कदम जल्द नहीं उठाते हैं। कोई न कोई तनाव जरूर होगा। बच्चे के व्यवहार में यदि बदलाव दिखे तो अलर्ट रहने की जरूरत है। अध्यापक और अभिभावक इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। बच्चे से बात करनी चाहिए। यदि बच्चा स्कूल में एडजस्ट नहीं हो रहा हो, तो उसे अन्य स्कूल का रुख करना चाहिए।