{"_id":"6a398b8a7b7dc962710d26b5","slug":"36-crores-and-furniture-stuck-in-shifting-of-medical-college-in-15-days-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-198113-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज की 15 दिन में शिफ्टिंग पर 36 करोड़ और फर्नीचर का फंसा पेच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज की 15 दिन में शिफ्टिंग पर 36 करोड़ और फर्नीचर का फंसा पेच
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को जुलाई के पहले सप्ताह में जोलसप्पड़ स्थित नए परिसर में स्थानांतरित करने का दावा किया है लेकिन इस शिफ्टिंग के सामने अभी भी कई बड़े पेच बरकरार हैं।
एक ओर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को 36 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान होना है, वहीं अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक में करोड़ों रुपये का फर्नीचर और जरूरी उपकरण अभी तक स्थापित नहीं हो पाए हैं।
मेडिकल कॉलेज का नया परिसर करीब डेढ़ वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुका है। निर्माण के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों को भी वर्ष 2025 में दूर कर दिया गया था। इसके बावजूद भवन का अंतिम हैंडओवर अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि सीपीडब्ल्यूडी की ओर से बकाया राशि के भुगतान से पहले भी शिफ्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है लेकिन भवन के भीतर बुनियादी सुविधाएं और फर्नीचर नहीं होने के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के बयान के बाद शिफ्टिंग को लेकर उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं लेकिन महज 15 दिन के भीतर अस्पताल, प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य इकाइयों के लिए फर्नीचर लगाने, उपकरण स्थापित करने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने को लेकर संशय बना हुआ है।
नादौन विधानसभा क्षेत्र के जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक और अस्पताल ब्लॉक का निर्माण लगभग डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया था। संयुक्त निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को निर्माण एजेंसी ने दूर कर दिया। इसके बाद निर्माण कंपनी ने अंतिम भुगतान के लिए दावा प्रस्तुत किया।
बढ़कर 418 करोड़ रुपये तक पहुंची निर्माण लागत
शुरुआत में 376 करोड़ रुपये लागत वाले इस प्रोजेक्ट की निर्माण लागत बढ़कर 418 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की आपत्तियों के बाद अंतिम बिल 412 करोड़ रुपये तय किया गया। अब तक निर्माण कंपनी को 376 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
2018 से क्षेत्रीय अस्पताल में चल रहा मेडिकल कॉलेज
वर्ष 2018 से क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज चल रहा है। दो बैच अभी तक एमबीबीएस के पासआउट हो चुके हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सुविधाओं की कमी से एमबीबीएस प्रशिक्षु और मरीज जूझ रहे हैं। सीएम सुक्खू के दावे से कुछ उम्मीद बंधी है लेकिन 15 दिन में शिफ्टिंग की राह में रोड़ा बने अधर में लटके कार्य कैसे पूरा होंगे इसे लेकर भी असमंजस बरकरार है।
कंपनी और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से फाइनल बिलिंग भेजी गई है। यह पहले तय लागत से 36 करोड़ रुपये अधिक है। इस राशि के भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से फंड रिलीज करने के लिए पत्राचार किया गया है। -डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
एक ओर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) को 36 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान होना है, वहीं अस्पताल और प्रशासनिक ब्लॉक में करोड़ों रुपये का फर्नीचर और जरूरी उपकरण अभी तक स्थापित नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज का नया परिसर करीब डेढ़ वर्ष पहले बनकर तैयार हो चुका है। निर्माण के दौरान सामने आई तकनीकी खामियों को भी वर्ष 2025 में दूर कर दिया गया था। इसके बावजूद भवन का अंतिम हैंडओवर अभी तक नहीं हो पाया है। हालांकि सीपीडब्ल्यूडी की ओर से बकाया राशि के भुगतान से पहले भी शिफ्टिंग पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है लेकिन भवन के भीतर बुनियादी सुविधाएं और फर्नीचर नहीं होने के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद शिफ्टिंग को लेकर उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं लेकिन महज 15 दिन के भीतर अस्पताल, प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य इकाइयों के लिए फर्नीचर लगाने, उपकरण स्थापित करने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने को लेकर संशय बना हुआ है।
नादौन विधानसभा क्षेत्र के जोलसप्पड़ में मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक और अस्पताल ब्लॉक का निर्माण लगभग डेढ़ वर्ष पहले पूरा हो गया था। संयुक्त निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों को निर्माण एजेंसी ने दूर कर दिया। इसके बाद निर्माण कंपनी ने अंतिम भुगतान के लिए दावा प्रस्तुत किया।
बढ़कर 418 करोड़ रुपये तक पहुंची निर्माण लागत
शुरुआत में 376 करोड़ रुपये लागत वाले इस प्रोजेक्ट की निर्माण लागत बढ़कर 418 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की आपत्तियों के बाद अंतिम बिल 412 करोड़ रुपये तय किया गया। अब तक निर्माण कंपनी को 376 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
2018 से क्षेत्रीय अस्पताल में चल रहा मेडिकल कॉलेज
वर्ष 2018 से क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज चल रहा है। दो बैच अभी तक एमबीबीएस के पासआउट हो चुके हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में सुविधाओं की कमी से एमबीबीएस प्रशिक्षु और मरीज जूझ रहे हैं। सीएम सुक्खू के दावे से कुछ उम्मीद बंधी है लेकिन 15 दिन में शिफ्टिंग की राह में रोड़ा बने अधर में लटके कार्य कैसे पूरा होंगे इसे लेकर भी असमंजस बरकरार है।
कंपनी और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से फाइनल बिलिंग भेजी गई है। यह पहले तय लागत से 36 करोड़ रुपये अधिक है। इस राशि के भुगतान के लिए प्रदेश सरकार से फंड रिलीज करने के लिए पत्राचार किया गया है। -डॉ. रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर