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Himachal New Industrial Policy: हिमाचल में अब मशीन नहीं, उत्पादन पर मिलेगी सब्सिडी; नई औद्योगिक नीति तैयार

Mon, 13 Jul 2026 12:01 PM IST
Ankesh Dogra धर्मेंद्र पंडित, शिमला।
धर्मेंद्र पंडित, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 13 Jul 2026 12:01 PM IST
सार

हिमाचल सरकार नई औद्योगिक नीति लाने जा रही है, जिसमें मशीनरी खरीदने के बजाय उत्पादन के आधार पर सब्सिडी दी जाएगी। नीति में एमएसएमई, ग्रीन इंडस्ट्री, 15 दिन में एनओसी और निवेशकों के लिए आसान मंजूरी प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

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himachal new industrial policy production based subsidy msme green industry
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नई औद्योगिक नीति का प्रारूप तैयार कर चुकी है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस नई नीति में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब उद्यमियों को मशीनरी पर सब्सिडी के बजाय उत्पादन पर सब्सिडी दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उद्योग वास्तव में उत्पादन करें और करार के अनुसार काम करें, न कि केवल मशीनरी खरीदकर सब्सिडी का लाभ उठाएं।

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उत्पादन-आधारित सब्सिडी का महत्व
वर्तमान औद्योगिक नीति में 10 से 30 फीसदी तक मशीनरियों पर सब्सिडी का प्रावधान था। हालांकि, यह देखा गया है कि कई उद्योगपतियों ने सब्सिडी का लाभ तो उठाया, लेकिन अपेक्षित उत्पादन नहीं किया। नई नीति में उत्पादन पर सब्सिडी का प्रावधान करके सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उद्योगों का विकास वास्तविक हो और वे राज्य की अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदान दें। इससे नाममात्र का उत्पादन करने वाले उद्योगों पर अंकुश लगेगा।
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निवेशकों के लिए राहत और सुगमता
नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को राहत देने और प्रक्रिया को सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उद्योग लगाने के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि 15 दिनों के भीतर क्लीयरेंस देने का प्रावधान किया गया है। सिंगल विंडो सिस्टम को भी और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक अनुमतियां मिल सकें।

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एमएसएमई और ग्रीन इंडस्ट्री पर विशेष जोर
सरकार का मुख्य फोकस सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देना रहेगा। नई नीति में छोटे उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रस्ताव है, जिसमें पूंजी निवेश, रोजगार सृजन और आधुनिक तकनीक अपनाने वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन इंडस्ट्री' को भी विशेष महत्व दिया जाएगा। पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई गई है।

रोजगार के अवसर और आर्थिक विकास
इस नई नीति से स्थानीय उद्यमियों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आधुनिक तकनीक और ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने से राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और प्रदेश एक टिकाऊ औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभरेगा।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि नई औद्योगिक नीति का प्रारूप तैयार है और इसे आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। उनका मानना है कि इससे निवेशकों को राहत मिलेगी और हिमाचल प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकेंगे।
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